दूसरे राज्य से आई बहू को भी EWS आरक्षण: तारांकित प्रश्नों के लिखित जवाब दिए, प्रश्नकाल के दौरान हंगामा होने से विधायक प्रश्न नहीं पूछ सके - Jaipur News
जयपुर41 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

राज्य सरकार ने दूसरे राज्यों से विवाह कर राजस्थान में रह रही सामान्य वर्ग की महिलाओं को आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के आरक्षण का लाभ देने की व्यवस्था स्पष्ट की है। विधानसभा में विधायक शत्रुघ्न गौतम के तारांकित प्रश्न के जवाब में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने बताया कि ऐसी महिलाओं को नियमानुसार ईडब्लूएस का इनकम एवं एसेट सर्टिफिकेट जारी किया जाता है।
सदन में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि कार्मिक विभाग के 10 फरवरी 2020 और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के 16 अगस्त 2021 के परिपत्रों के तहत दूसरे राज्यों से विवाह कर राजस्थान में निवास कर रही सामान्य वर्ग की महिलाओं को आर्थिक कमजोर वर्ग का प्रमाण-पत्र जारी किया जा सकता है। प्रमाण-पत्र के आधार पर उन्हें नियमानुसार आरक्षण का लाभ दिया जाता है। विधानसभा में यह भी पूछा गया था कि क्या सरकार ऐसी महिलाओं को ईडब्लूएस में पात्र मानकर लाभ देने पर विचार कर रही है।
संस्कृत शिक्षा में पदों का समानीकरण पूरा, काउंसलिंग से शिक्षकों का समायोजन
संस्कृत शिक्षा विभाग में शैक्षणिक संवर्ग के पदों का समानीकरण कर दिया गया है। अब शिक्षकों के समायोजन की प्रक्रिया चल रही है। विधानसभा में विधायक दीनदयाल के तारांकित प्रश्न के लिखित उत्तर में मंत्री मदन दिलावर ने बताया कि शिक्षकों के समायोजन के लिए 17 अगस्त 2026 को आदेश जारी किए जा चुके हैं। शिक्षकों का समायोजन विद्यालयों में पदों की रिक्तता के आधार पर जिला, संभाग और राज्य स्तर पर किया जाना प्रस्तावित है।
विभाग ने स्पष्ट किया कि सभी संवर्ग राज्य स्तरीय कैडर हैं, लेकिन यथासंभव कर्मचारियों को उनके निवास के नजदीक पदस्थापन देने का प्रयास किया जाता है। संशोधित समानीकरण सूची में वरिष्ठ अध्यापक और तृतीय श्रेणी अध्यापकों के पदों का आवंटन किया गया है। दस्तावेज में 1825 विद्यालयों की समानीकरण सूची का उल्लेख है। नजदीकी स्कूलों में रिक्त पद होने के बावजूद शिक्षकों को दूरस्थ जिलों में लगाए जाने की बात सही नहीं है।
आवासीय पट्टों की प्रक्रिया होगी ऑनलाइन
ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय भूमि के पट्टे जारी करने की प्रक्रिया को ऑनलाइन करने की तैयारी चल रही है। विधानसभा में विधायक शंकर सिंह रावत के तारांकित प्रश्न के उत्तर में पंचायती राज विभाग ने बताया कि ग्राम पंचायतों द्वारा जारी किए जाने वाले आवासीय पट्टों की प्रक्रिया को ऑनलाइन करने का कार्य प्रगतिरत है। वर्तमान में ग्राम पंचायतों में आवासीय पट्टे जारी करने के लिए राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 के नियम 157 से 167 तक प्रावधान हैं।
रियायती दर पर भूखंड
नियम 158 के तहत कमजोर वर्गों के लिए रियायती दरों पर भूखंड आवंटन का प्रावधान है। सरकार की ओर से बताया गया कि ऐसे परिवारों की पहचान कर सूची तैयार करने और पात्र परिवारों को उपलब्ध भूमि के अनुसार भूखंड आवंटित करने की कार्रवाई की जा सकती है।
.