Explainer: T20I की हार भुलाकर ODI में कैसे पलटवार करेगी टीम इंडिया? जानें इंग्लैंड की धरती पर जीत के अचूक फॉर्मूले

IND vs ENG: भारतीय टीम को इंग्लैंड की धरती पर पहली बार टी20I में क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा है. इंग्लैंड के खिलाफ टी20I में 4-0 से मिली क्लीन स्वीप को टीम इंडिया जल्दी भूल नहीं पाएगी. हालांकि इस जख्म को भारतीय टीम वनडे सीरीज जीतकर थोड़ा कम कर सकती है. भारत और इंग्लैंड के बीच अब 3 वनडे मैचों की सीरीज खेली जाएगी, जिसकी शुरुआत 14 जुलाई से होगी. तो चलिए जानते हैं कि इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में टीम इंडिया किस तरह से अपना दबदबा बनाकर सीरीज को अपने नाम कर सकती है.

खिलाड़ियों को भुलाना होगा टी20I की हार

इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से रोहित शर्मा, विराट कोहली, जसप्रीत बुमराह, केएल राहुल और शुभमन गिल टीम इंडिया में वापसी करेंगे. हालांकि कुछ खिलाड़ी जो टी20 सीरीज का हिस्सा थे, वे टीम इंडिया के वनडे के स्क्वाड में भी शामिल हैं. ऐसे में उन्हें टी20 की हार को दिमाग से निकालना होगा और मानसिक रूप से खुद को रीसेट करना होगा. खिलाड़ियों को ज्यादा आक्रामक रवैये से बचकर वनडे फॉर्मेट के अनुसार खुद को ढालना होगा.

टॉप ऑर्डर की जिम्मेदारी और मजबूत शुरुआत

इंग्लैंड में नई गेंद काफी स्विंग और सीम होती है. भारतीय ओपनर्स को शुरुआती 10 ओवरों में संभलकर बल्लेबाजी करनी होगी. हालांकि खिलाड़ियों को पावरप्ले का भी सही इस्तेमाल कर टीम को अच्छी शुरुआत दिलानी होगी. भले ही शुरुआत में रन गति थोड़ी धीमी हो, लेकिन भारत को विकेट बचाकर रखना होगा, ताकि बाद में एक बड़ा स्कोर खड़ा किया जा सके.

भारतीय टीम के टॉप ऑर्डर के बल्लेबाजों को बड़ी पारी खेलनी होगी. इंग्लैंड की धरती पर रोहित शर्मा का वनडे रिकॉर्ड शानदार रहा है. रोहित इंग्लैंड की पिच पर मिलने वाली एक्स्ट्रा बाउंस का काफी फायदा उठाते हैं. सभी जानते हैं कि हिटमैन को पुल शॉट खेलना कितना पसंद है. ऐसे में वे एक्स्ट्रा बाउंस वाली गेंद पर जमकर छक्के-चौके लगाते हैं. इस सीरीज में रोहित शर्मा से टीम को काफी उम्मीद होगी. रोहित के साथ शुभमन गिल ओपनिंग करते नजर आ सकते हैं. ऐसे में किसी एक बल्लेबाज को लंबे वक्त तक टिककर एक अच्छी पारी खेलकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाना होगा. इसके अलावा नंबर-3 पर बल्लेबाजी करने वाले विराट कोहली पर भी सभी की नजर रहेगी.

मिडिल ओवर्स में स्ट्राइक रोटेशन

श्रेयस अय्यर, ईशान किशन, वॉशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल और शिवम दुबे को इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में शामिल किया गया है. ये सभी खिलाड़ी टी20 सीरीज का भी हिस्सा थे. इनमें से कुछ खिलाड़ियों को वनडे में टीम इंडिया की प्लेइंग 11 में मौका मिलना तय है. टी20 सीरीज में हमने देखा कि कैसे भारतीय बल्लेबाज शॉट लगाने के चक्कर में अपना विकेट गंवाते रहे. हालांकि टी20 में रन बनाने के लिए शॉट लगाने होते हैं, लेकिन इन खिलाड़ियों को वनडे सीरीज में धैर्य रखना होगा. भारतीय बल्लेबाजों को स्पिनर्स और मध्यम गति के गेंदबाजों के खिलाफ नियमित रूप से अपनी स्ट्राइक रोटेट करनी होगी. इससे विरोधी टीम पर दबाव बढ़ता है और उनकी गेंदबाजी बदलती रहती है, जिसका फायदा भारतीय बल्लेबाज उठा सकते हैं. मिडिल ऑर्डर में भारतीय टीम को एक या दो अच्छी साझेदारी करनी होगी, जिससे मैच का रुख बदल सके. 

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भारतीय स्पिनर्स को निभानी होगी अहम भूमिका

इंग्लैंड की पिचों पर बीच के ओवरों में स्पिनर्स की भूमिका निर्णायक हो जाती है. ऐसे में सिर्फ रन रोकने की जगह भारतीय स्पिनर्स को विकेट निकालना होगा. अगर इंग्लैंड के मिडिल ऑर्डर को बीच के ओवरों में लगातार झटके दिए जाएं, तो उनकी रनों की गति को आसानी से रोका जा सकता है. इंग्लिश बल्लेबाजों को स्वीप और रिवर्स स्वीप खेलने की आदत होती है, ऐसे में भारतीय स्पिनर्स को अपनी लेंथ में लगातार बदलाव करना होगा. 

डेथ ओवर्स की बल्लेबाजी और गेंदबाजी में सुधार

टी20 हो या वनडे मैच, आखिरी के ओवर्स अक्सर हार-जीत का फैसला करते हैं. इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या चोट के कारण नहीं खेल रहे हैं. ऐसे में वॉशिंगटन सुंदर और शिवम दुबे पर मैच फिनिश करने की जिम्मेदारी होगी. इन बल्लेबाजों को आखिरी ओवरों में अच्छी बल्लेबाजी कर टीम को मजबूती दिलानी होगी. वहीं गेंदबाजी करते समय भारतीय तेज गेंदबाजों को डेथ ओवरों में अनुशासन दिखाना होगा. इंग्लैंड के पास निचले क्रम तक आक्रामक बल्लेबाज हैं, जो शानदार बल्लेबाजी कर बड़ा स्कोर खड़ा कर सकते हैं. ऐसे में उन्हें सिर्फ सटीक यॉर्कर, वाइड यॉर्कर और स्लोअर गेंदों से ही रोका जा सकता है.

भारतीय गेंदबाजों को स्विंग और सीम परिस्थितियों का उठाना होगा फायदा

इंग्लैंड की पिच पर गेंद काफी स्विंग और सीम होती है. इसका फायदा भारतीय तेज गेंदबाजों को उठाना होगा. भारतीय गेंदबाजों को नई गेंद से विकेट निकालना होगा और इंग्लैंड के इन-फॉर्म ओपनर्स को जल्द पवेलियन भेजना होगा. जसप्रीत बुमराह इस सीरीज में खेलते नजर आएंगे. प्रसिद्ध कृष्णा और प्रिंस यादव को भी प्लेइंग 11 में मौका मिल सकता है, क्योंकि इस सीरीज में मोहम्मद सिराज और मोहम्मद शमी को मौका नहीं मिला है. ऐसे में जसप्रीत बुमराह पर ज्यादा जिम्मेदारी रहने वाली है, क्योंकि टी20 सीरीज में प्रसिद्ध कृष्णा और प्रिंस यादव ने जिस तरह से रन लुटाए हैं, उसे देख टीम इंडिया की टेंशन जरूर बढ़ी होगी. इंग्लैंड के पिचों पर ज्यादा शॉर्ट गेंदें फेंकने के बजाय 'गुड लेंथ' और 'फुल लेंथ' पर गेंद को स्विंग कराना अधिक फायदेमंद साबित होता है.

टीम इंडिया को प्लेइंग 11 में रखना होगा ऑलराउंडर्स का सही संतुलन

वनडे क्रिकेट में ऑलराउंडर की भूमिका अहम मानी जाती है. इससे टीम को संतुलन मिलता है. इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में टीम इंडिया एक ऐसी प्लेइंग इलेवन के साथ उतरना चाहेगी, जिसमें कम से कम 6 गेंदबाजी विकल्प और 8वें नंबर तक बल्लेबाजी की गहराई हो. हार्दिक पांड्या के नहीं होने से टीम इंडिया को उनकी कमी जरूर महसूस होगी. ऐसे में वॉशिंगटन सुंदर और शिवम दुबे को अगर प्लेइंग 11 में मौका मिलता है, तो उनपर ऑलराउंडर वाली जिम्मेदारी होगी. 

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