Fact Check: क्या दिल्ली समेत कई शहरों के डूबने की आशंका? भाखड़ा बांध की दीवार में झुकाव का दावा
Aug 28, 2026 10:22 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

बड़े बांधों की बनावट की निगरानी वैज्ञानिक तरीके से की जाती है और अलग-अलग मापदंडों के आधार पर उनकी सुरक्षा का आकलन किया जाता है। भाखड़ा बांध से जुड़े तनाव, खिंचाव, जल दाब और रिसाव के आंकड़े सुरक्षित सीमाओं में हैं।

भाखड़ा नांगल बांध की दीवार में झुकाव का दावा किया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर भाखड़ा नांगल बांध को लेकर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें दावा किया जा रहा है कि भाखड़ा नांगल बांध की दीवार में मौजूदा समय में 1.77 इंच का झुकाव आ गया है। अगर बांध की दीवार टूट गई तो दिल्ली समेत कई शहरों में भीषण बाढ़ आ सकती है। इस दावे के बाद लोगों के बीच चिंता और डर का माहौल बन रहा है। लेकिन क्या वाकई बांध की दीवार में इतना झुकाव आया है और क्या बांध टूटने का कोई खतरा है? चलिए सच्चाई जानते हैं और इस वायरल दावे का फैक्ट चेक करते हैं।
प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट-चेक यूनिट ने इस दावे को भ्रामक बताया है। भाखड़ा नांगल बांध की दीवार में 27 अगस्त को दर्ज वास्तविक झुकाव 1.77 इंच नहीं, बल्कि 0.86 इंच था। यानी सोशल मीडिया पर बताए जा रहे आंकड़े को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है। सरकार ने साफ किया है कि बांध की निगरानी लगातार की जा रही है और इसके लिए कई मानकों की जांच की जाती है। इनमें बांध पर पड़ने वाला तनाव, उसमें होने वाला खिंचाव, बांध के भीतर पानी का दबाव और पानी का रिसाव शामिल हैं। इन सभी मानकों की स्थिति तय सीमा के भीतर पाई गई है।
कई मानकों पर होती है बांध की देखरेख
फैक्ट चेक में सामने आया कि केवल बांध की दीवार में दर्ज झुकाव के आंकड़े को आधार बनाकर बांध के असुरक्षित होने या उसके टूटने की आशंका जताना सही नहीं है। बड़े बांधों की बनावट की निगरानी वैज्ञानिक तरीके से की जाती है और अलग-अलग मापदंडों के आधार पर उनकी सुरक्षा का आकलन किया जाता है। सरकार के अनुसार भाखड़ा बांध से जुड़े तनाव, खिंचाव, जल दाब और रिसाव के आंकड़े निर्धारित सुरक्षित सीमाओं में हैं। इसलिए वायरल वीडियो में बांध के टूटने और दिल्ली समेत दूसरे शहरों के बाढ़ में डूबने की आशंका वाला दावा तथ्यात्मक आधार पर सही नहीं है।
भाखड़ा बांध सतलुज नदी पर हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में स्थित है। यह देश की अहम जल और बिजली परियोजनाओं में शामिल है। ऐसे में बांध की सुरक्षा से जुड़ी कोई भी गलत खबर तेजी से लोगों में डर पैदा कर सकती है। लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर सामने आने वाले ऐसे सनसनीखेज दावों पर तुरंत विश्वास न करें और बिना पुष्टि के उन्हें आगे शेयर न करें।