गृह मंत्री अमित शाह आज लोकसभा में पेश कर सकते हैं FCRA बिल, ये होगा नए विधेयक से बदलाव

FCRA Amendment Bill: संसद का मानसून सत्र जारी है. इस सत्र में अब सिर्फ 6 दिन बाकी बचे हैं. ऐसे में सरकार गुरुवार (6 अगस्त) को लोकसभा में FCRA बिल पेश कर सकती है. गृह मंत्री शाह सदन के पटल पर इस विधेयक को रख सकते हैं.

FCRA Amendment Bill: संसद का मानसून सत्र जारी है. इस सत्र में अब सिर्फ 6 दिन बाकी बचे हैं. ऐसे में सरकार गुरुवार (6 अगस्त) को लोकसभा में FCRA बिल पेश कर सकती है. गृह मंत्री शाह सदन के पटल पर इस विधेयक को रख सकते हैं.

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Amit Shah may table the FCRA Bill in the Lok Sabha

गृह मंत्री अमित शाह Photograph: (Social Media)

FCRA Amendment Bill: संसद का मानसून सत्र जारी है. गुरुवार (6 अगस्त) को इस सत्र का 14वां दिन है. इस सत्र में सरकार लोकसभा में  'विदेशी योगदान (विनियमन) संशोधन बिल, 2026' (FCRA Bill) पेश कर सकती है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार को लोकसभा में इस विधेयक को पेश कर सकते हैं. इसके साथ ही पता चला है कि संसद के मानसून सत्र के आगे बढ़ने की संभावना नहीं है साथ ही परिसीमन बिल के लिए विशेष सत्र बुलाने की सरकार की कोई योजना नहीं है.

मानसून सत्र में पारिस हो सकता है विदेशी योगदान संशोधन बिल

हालांकि, सूत्रों का कहना है कि सरकार इस सत्र के दौरान 'विदेशी योगदान (विनियमन) संशोधन बिल, 2026' को पारित कराने की कोशिश कर सकती है. बता दें कि FCRA संशोधन बिल का मकसद 'विदेशी योगदान (विनियमन) अधिनियम, 2010' में संशोधन करना है, जो भारत में व्यक्तियों, संगठनों और कंपनियों द्वारा विदेशी योगदान लेने और उसके इस्तेमाल को नियंत्रित करता है. यह बिल 25 मार्च, 2026 को लोकसभा में पेश किया गया था. सूत्रों की मानें तो अगर बिल पर चर्चा होती है, तो गृह मंत्री अमित शाह बहस का जवाब दे सकते हैं या चर्चा में हस्तक्षेप कर सकते हैं.

मानसून सत्र बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं- किरेन रिजिजू

वहीं संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया कि संसद सत्र की तारीखें बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है और न ही 16 से 18 अगस्त के बीच महिला आरक्षण और परिसीमन बिलों पर किसी विशेष सत्र की योजना है.

FCRA बिल से क्या होगा बदलाव?

बता दें कि FCRA संशोधन बिल का एक अहम प्रावधान एक 'नामित प्राधिकरण' (Designated Authority) बनाना है, जो उन संगठनों के विदेशी योगदान और संपत्ति की देखरेख करेगा जिनका FCRA रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया है, जिन्होंने इसे सरेंडर कर दिया है या जिनका रजिस्ट्रेशन अब मान्य नहीं है.

  • प्रस्तावित ढांचे के तहत, जब किसी संगठन का FCRA रजिस्ट्रेशन रद्द हो जाता है, तो उसके विदेशी योगदान और संपत्ति शुरू में अस्थायी रूप से 'निर्धारित प्राधिकरण' के पास चली जाएगी.
  • अगर संगठन तय समय के अंदर अपना रजिस्ट्रेशन बहाल या रिन्यू करवा लेता है, तो संपत्ति और बिना इस्तेमाल किए गए विदेशी फंड वापस कर दिए जाएंगे. अगर तय समय के अंदर रजिस्ट्रेशन बहाल नहीं होता है, तो संपत्ति स्थायी रूप से 'निर्धारित प्राधिकरण' के पास जा सकती हैं.
  • यह बिल FCRA सर्टिफिकेट की समय-सीमा खत्म होने, रिन्यू न होने या रिन्यूअल से इनकार किए जाने पर उसे रद्द करने का प्रावधान भी लाता है. इसका मकसद उन मामलों में संपत्ति और विदेशी योगदान के निपटारे से जुड़ी स्थिति को स्पष्ट करना है, जहां कोई संगठन बंद हो जाता है या उसका रजिस्ट्रेशन खत्म हो जाता है.
  • वहीं पूजा-स्थलों जैसी संपत्तियों के लिए, प्रस्तावित ढांचे में यह प्रावधान है कि 'निर्धारित प्राधिकरण' को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका धार्मिक स्वरूप बना रहे. बिल में 'निर्धारित प्राधिकरण' के आदेशों के खिलाफ समीक्षा और न्यायिक अपील का अधिकार भी दिया गया है.

  • प्रस्तावित कानून में जुर्माने को तर्कसंगत बनाने की भी कोशिश की गई है, जिसमें इस कानून के उल्लंघन के लिए अधिकतम सजा को पांच साल से घटाकर एक साल करना शामिल है. इसमें यह भी प्रस्ताव है कि राज्य एजेंसियां ​​FCRA के तहत जांच शुरू करने से पहले केंद्र सरकार से मंजूरी लें.

  • सरकार ने कहा है कि इन प्रस्तावित संशोधनों का मकसद मौजूदा FCRA ढांचे में कामकाज से जुड़ी कमियों को दूर करना और विदेशी योगदान व संपत्ति के प्रबंधन और निगरानी को मजबूत करना है.

20 जुलाई को शुरू हुआ था मानसून सत्र

बता दें कि संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई को शुरू हुआ था जो 13 अगस्त को खत्म होने वाला है. विपक्ष की मांगों के कारण सदन की कार्यवाही लगभग हर दिन स्थगित होती रही है, जिसमें 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई का मुद्दा भी शामिल है. विपक्ष के विरोध के बीच लोकसभा में परीक्षा संशोधन बिल लगभग बिना किसी बहस के पास हो गए.

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