FCRA पर JPC की बैठक में विपक्षी सांसदों ने क्या पूछा, SBI चेयरमैन ने क्या सुझाव दिए?
विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (FCRA)पर गठित संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की आज बैठक हुई. बैठक में विदेशी फंडिंग कानून में प्रस्तावित बदलावों की क्लॉज़ वार समीक्षा की गई. गृह मंत्रालय (MHA), कानून मंत्रालय और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के अधिकारियों ने समिति के सामने प्रजेंटेशन दिया. बैठक में विपक्षी सांसदों ने पूछा कि आखिर इसका प्रमुख कौन होगा, इसके क्या अधिकार होंगे, और ये किस तरह काम करेगा?
समिति की बैठक में विपक्षी सांसदों ने सवाल उठाया कि क्या नए कानून को Retrospective Effect से लागू किया जा सकता है, खासकर उन NGO और संपत्तियों के मामले में जो विदेशी फंड से बनाई गई हैं. विपक्ष के कुछ सांसदों ने प्रस्तावित कानून की संवैधानिक वैधता पर भी सवाल उठाए। साथ ही मनमानी कार्रवाई रोकने के लिए प्रस्तावित सुरक्षा उपायों पर और स्पष्टता मांगी.
बैठक में पूछे गए सवाल?
- बैठक में यह सवाल भी उठा कि यदि किसी NGO का रजिस्ट्रेशन नौकरशाही कारणों से नवीनीकरण में देरी के चलते समाप्त हो जाता है, तो उसकी संपत्तियों का क्या होगा? क्या ऐसी संपत्तियां सरकार के नियंत्रण में आ सकती हैं?
- बैठक में NGO और कार्यकर्ताओं द्वारा FCRA फंड के कथित दुरुपयोग का मुद्दा भी उठा. सांसदों ने विदेशी फंड के इस्तेमाल और उसकी निगरानी की व्यवस्था पर सवाल किए.
- कुछ सांसदों ने सवाल उठाया कि दक्षिण भारत को FCRA फंडिंग का बड़ा हिस्सा क्यों मिलता है। इन राज्यों में कथित धर्मांतरण की घटनाओं को लेकर भी बैठक मे सवाल किए गए.
- बैठक में जनसांख्यिकीय बदलावों पर भी चर्चा हुई. कुछ राज्यों में आदिवासी आबादी में गिरावट के कारणों को लेकर सवाल उठाए गए.
- आज की बैठक से पहले बीजेपी सांसदों की एक अनौपचारिक बैठक हुई जिसमें सांसदों को FCRA फंड के कथित दुरुपयोग और प्रस्तावित कानून के पक्ष में सरकार के तर्कों के बारे में जानकारी दी गई.
FCRA Bill पर JPC की बैठक में SBI के चेयरमैन पेश हुए. उन्होंने इस बिल को लेकर कई बातें क्लियर की. मौजूदा प्रावधान के अनुसार जब किसी संगठन के लिए विदेश से पैसा आता है तो 90 दिनों के अंदर गृह मंत्रालय की मंजूरी ज़रूरी है. उसके बाद बैंक संगठन के खाते में पैसे डाल देता है. अगर मंजूरी नहीं आती तो पैसा वापस कर दिया जाता है. SBI चेयरमैन ने कहा कि मौजूदा बिल में ऐसे खातों के लिए एक designated officer को लेकर स्पष्टता हो. इसी तरह उन्होंने कई और सुझाव दिए.
SBI चेयरमैन ने क्या सुझाव दिए?
- बैंक खातों में बची हुई रकम के निपटारे की समस्या का समाधान हो.
- बैंकिंग प्रक्रिया के नियम तय करने से पहले बैंकों से सलाह ली जाए.
- FCRA 2.0 पोर्टल के साथ रियल टाइम तकनीकी एकीकरण हो.
- विदेशी फंडिंग वाले खातों की प्रक्रिया और भी पारदर्शी हो.
- रकम आने, होल्ड, जांच, क्रेडिट और रिटर्न की जानकारी तुरंत मिले.
- खाता खोलने के सत्यापित दस्तावेज डिजिटल तरीके से भेजे जाएं.
- छोटी राशि के रिटर्न पर भी चार्ज में छूट की सिफारिश की गई.
SBI के प्रेजेंटेशन के मुताबिक 31 अगस्त तक SBI की नई दिल्ली मुख्य शाखा में विदेशी फंडिंग कानून के दायरे में आने वाले संगठनों के 25 हजार 432 खाते थे. इनमें से 10 हजार 992 खाते निष्क्रिय, फ्रीज, निलंबित या अन्य प्रतिबंधों के अधीन थे. इन खातों में कुल 165 करोड़ 33 लाख रुपये जमा थे.
वैसे आपको ज़रूर जानना चाहिए कि आज की बैठक से पहले कल बीजेपी सांसदों की एक अनौपचारिक बैठक हुई जिसमें सांसदों को FCRA फंड के कथित दुरुपयोग और प्रस्तावित कानून के पक्ष में सरकार के तर्कों के बारे में जानकारी दी गई. उन्हें बताया गया कि ये बिल क्यों लाया जा रहा है और राष्ट्रीय सुरक्षा और देशहित में इसका कानून बनना क्यों ज़रूरी है.
ब्रीफिंग में कहा गया कि ऐसे कई संगठन हैं जिन्हें विदेशी दान मिलता है. कई संगठन इस पैसे का इस्तेमाल सरकार के खिलाफ और अलग-अलग प्रोजेक्ट्स के खिलाफ माहौल बनाने और आंदोलन करने में करते हैं. कई एनजीओ पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन के क्षेत्रों में काम करने का दावा करते हैं, लेकिन कई प्रोजेक्ट्स के खिलाफ एजेंडे के तहत माहौल बनाते हैं.. इसके साथ ही इस पैसे का इस्तेमाल धर्मांतरण और देश विरोधी गतिविधियों में भी किया जाता है. ब्रीफिंग में ये भी दावा किया गया कि विदेशी दान में 80 प्रतिशत हिस्सा NGO को मिलता है. धार्मिक संगठनों को करीब 20 प्रतिशत मिलता है. अधिकांश चंदा दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर और पंजाब में जाता है.

आनंद प्रकाश पांडेय
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई के बाद 2005 में टीवी पत्रकारिता में कदम रखा. वो सफर अब टीवी9 भारतवर्ष तक पहुंच गया है. राजनीतिक लोगों और राजनीतिक खबरों में रूचि है. भले ही पद एडिटर, नेशनल अफेयर्स का है पर अभी भी खुद को नौसिखिया ही मानता हूं और इसलिए सीखने का क्रम अनवरत जारी है...
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