छत्रपति संभाजीनगर में FDA की बड़ी कार्रवाई, तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में 2.93 करोड़ का संदिग्ध तेल जब्त| Navbharat Live

Updated On: Jul 13, 2026 | 07:48 PM IST

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सार

Tukaram Mundhe FDA Action: FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे के सुरक्षित अन्न अभियान के तहत FDA ने छत्रपति संभाजीनगर और पैठण में दो तेल मिलों पर छापा मारकर 2.93 करोड़ रुपये का संदिग्ध खाद्य तेल जब्त किया।

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FDA की कार्रवाई (सोर्स: नवभारत फोटो)

विस्तार

FDA Raid Chhatrapati Sambhajinagar: राज्य के खाद्य सुरक्षा आयुक्त तुकाराम मुंढे द्वारा चलाए जा रहे सुरक्षित अन्न, सुरक्षित महाराष्ट्र अभियान के तहत खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिले के पैठण और छत्रपति संभाजीनगर शहर में स्थित दो खाद्य तेल इकाइयों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान 2 करोड़ 93 लाख 35 हजार 603 रुपये मूल्य का संदिग्ध खाद्य तेल जब्त किया गया।

प्रारंभिक जांच में तेल की गुणवत्ता संदिग्ध होने, अत्यंत अस्वच्छ परिस्थितियों में भंडारण और उपयोग किए गए पुराने टिनों में दोबारा पैकिंग किए जाने जैसी गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर दोनों प्रतिष्ठानों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं।

दो प्रतिष्ठानों पर एक साथ छापेमारी

एफडीए की टीम ने शनिवार को पैठण स्थित बगारिया एग्रो प्रोडक्ट्स तथा छत्रपति संभाजीनगर के बागारिया वेजिटेबल प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड में एक साथ छापेमारी की। जांच के दौरान रिफाइंड पाम, सोयाबीन, कपास तथा अज्ञात वनस्पति तेल का बड़ा भंडार संदिग्ध पाए जाने पर जब्त कर लिया गया। सभी नमूनों को गुणवत्ता परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।

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गंदगी के बीच तैयार हो रहा था खाद्य तेल

खाद्य एवं औषधि प्रशासन के निरीक्षण के दौरान उत्पादन इकाई की मशीनों पर धूल, जाले, जंग और गंदगी की मोटी परत मिली। फर्श, दीवारें और पूरा परिसर अत्यंत अस्वच्छ पाया गया। अधिकारियों ने बताया कि उसी स्थान पर खराब हो चुका रैंसिड तेल भी रखा हुआ था। बंद रिफाइनरी और चालू रिपैकिंग इकाई एक ही परिसर में संचालित होने से तेल के दूषित होने का गंभीर खतरा बना हुआ था।

पुराने टिनों में हो रही थी रिपैकिंग

जांच में यह भी सामने आया कि इस्तेमाल किए जा चुके टिनों में खाद्य तेल की दोबारा पैकिंग की जा रही थी। कई भंडारण टैंकों पर यह तक अंकित नहीं था कि उनमें किस प्रकार का तेल रखा गया है। टैंकों में गंदगी जमा मिली और उनकी नियमित सफाई का कोई अभिलेख उपलब्ध नहीं था।

प्रयोगशाला और गुणवत्ता जांच का अभाव

एफडीए अधिकारियों को जांच के दौरान इकाई में गुणवत्ता परीक्षण के लिए आवश्यक आंतरिक प्रयोगशाला नहीं मिली। तेल के विश्लेषण संबंधी अभिलेख, सर्टिफिकेट ऑफ एनालिसिस, तकनीकी अधिकारी की नियुक्ति तथा अन्य अनिवार्य दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं थे। इससे यह संदेह गहरा गया कि तेल की क्वालिटी चेक किए बिना ही उसका रिपैकिंग और वितरण किया जा रहा था।

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लाइसेंस निलंबित, जांच जारी

सहायक आयुक्त डी. वी. पाटील के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा अधिकारी वर्षा रोडे, पी. एस. कुचेकर, पी. एस. अजिंठेकर और योगेश चिभडे की टीम ने यह कार्रवाई की। एफडीए ने दोनों प्रतिष्ठानों के लाइसेंस तत्काल निलंबित कर दिए हैं। जब्त तेल के नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता करने वालों के विरुद्ध अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट

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