FIH World Cup 2026: मां के खेलने के 28 साल बाद, अब उसी जगह पर बेटे ने भारत के लिए खेला हॉकी वर्ल्ड कप

हॉकी वर्ल्ड कप में मां-बेटे की जोड़ी (Photo: Instagram)
हॉकी वर्ल्ड कप 2026 का आगाज हो चुका है. इस वर्ल्ड कप में भारत ने अपने अभियान का आगाज भी वेल्स के खिलाफ पहला मुकाबला खेलकर कर दिया. 15 अगस्त की शाम वेल्स के खिलाफ हुआ हॉकी वर्ल्ड कप का मैच प्रीतम सिवाच के लिए एक मुकाबले से कहीं बढ़कर था. इस मैच में उनके बेटे यशदीप का वर्ल्ड कप डेब्यू होने जा रहा था. ऐसे में एक मां होने के नाते उनके लिए ये गर्व का पल था. इस गर्व का एहसास दोगुना इसलिए भी था क्योंकि वो खुद के बाद अपने बेटे को भारत के लिए हॉकी वर्ल्ड कप खेलते देख रही थीं.
1998 में मां, 2026 में बेटा
प्रीतम सिवाच ने नीदरलैंड्स में हुए 1998 के वीमेंस हॉकी वर्ल्ड कप में भारत का प्रतिनिधित्व किया था. अब 28 साल बाद उसी देश में चल रहे 2026 के मेंस हॉकी वर्ल्ड कप में उनके बेटे यशदीप सिवाच ने भारत के लिए टूर्नामेंट का पहला मैच खेला. बड़ी बात ये है कि जब प्रीतम सिवाच ने नीदरलैंड्स में हॉकी वर्ल्ड कप खेला था तब यशदीप का जन्म भी नहीं हुआ था. 25 साल के डिफेंडर यशदीप ने भारत के लिए सीनियर लेवल पर डेब्यू साल 2022 में ही कर लिया था.
बेटे की उपलब्धि पर प्रीतम सिवाच ने क्या कहा?
अपने बेटे की उपलब्धि का बखान करते हुए प्रीतम सिवाच ने कहा कि ये मेरे लिए बड़ा मूमेंट है. मेरा बेटा भी उसी जगह पर खेला, जहां मैंने वर्ल्ड कप खेला था. उन्होंने बताया कि वो नीदरलैंड्स में ही थीं और हाल ही में वहां से लौटी हैं. वो TV पर मुकाबले देख रही हैं. प्रीतम ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे को सुबह फोन कर कहा कि उसे अपने मां के अधूरे सपने को पूरा करना है.
प्रीतम सिवाच ने कहा कि उन्हें पूरा यकीन है कि ये टीम मेडल लेकर लौटेगी. टीम काफी मजबूत दिख रही है और उसका मनोबल भी हाई है. बड़ी टीमों के खिलाफ लगातार खेलने से तैयारी भी दुरुस्त है.
मां और बेटे के खेलने का अंदाज जुदा
अपने बेटे और खुद के खेलने के स्टाइल को लेकर प्रीतम सिवाच ने बताया कि उनका बेटा जल्दी सीखने वाला है. वो दबाव में भी शांत बने रहता है. वहीं मैं काफी ज्यादा आक्रामक प्लेयर थी. उन्होंने कहा कि इसके पीछे की वजह हम दोनों की खेलने की जगह भी हो सकती है. वो डिफेंडर है, जबकि मैं स्ट्राइकर थी.

साकेत शर्मा
'कौन बनेगा करोड़पति' गेम शो से शुरू हुआ सफर न्यूज नेशन, इंडिया न्यूज, इंडिया डॉट कॉम और Editorji जैसे पड़ावों से गुजरा. इसी कड़ी में पिछले 5 सालों से मैं TV9 हिंदी के साथ जुड़ा हूं. यहां भी खेल की खबरों को बताना मेरा काम है. TV, डिजिटल और प्रोडक्शन हाउस, तीनों ही दुनिया की समझ और कुल मिलाकर एक दशक से भी ज्यादा का मेरे पास अनुभव है. हर रोज कुछ नया सीखने और नई क्रिएटिव चीज करने की कोशिश करता हूं. असफलता से घबराता नहीं और सफलता पर इतराता नहीं. बस कोशिश यही करता हूं कि हमेशा अपना बेस्ट दे सकूं. आज तक यही करता आया हूं और आगे भी इरादा ऐसा ही है. फिर चाहे काम डेस्क पर बैठकर खेल की खबरों को अपने शब्दों में पिरोने का हो या फिर फील्ड में उतरकर उसे कैमरे पर उतारने का. सीधी भाषा में कहें तो मैं खेल के मैदान पर होने वाली हर हलचल को आपतक पहुंचाने वाला एक खिलाड़ी हूं.
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