जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वालों राहत! दिल्ली सरकार ने FIR वापस लेने का किया फैसला, पुलिस को दिए निर्देश

Time Published: Thursday, July 30, 2026, 19:29 [IST]

Jantar Mantar Protest: जंतर-मंतर पर NEET (UG) पेपर लीक के खिलाफ हुए छात्र आंदोलन से जुड़े प्रदर्शनकारियों को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली सरकार ने 30 जुलाई को साफ कर दिया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ कोई सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसके साथ ही इस मामले में दर्ज 13 FIR को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया गया है।

हालांकि सरकार ने यह भी साफ किया है कि जिन लोगों का आपराधिक रिकॉर्ड है या जो हिंसक गतिविधियों में शामिल पाए गए, उन्हें इस राहत का फायदा नहीं मिलेगा। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के बाद लिया गया है।

Jantar Mantar Protest FIR

दिल्ली सरकार का पूरा फैसला क्या है?

दिल्ली सरकार के गृह विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि 29 जुलाई शाम 6 बजे तक जंतर-मंतर पर NEET (UG) पेपर लीक विरोध प्रदर्शन से जुड़े 13 मामले दिल्ली पुलिस ने दर्ज किए थे।

इन मामलों की समीक्षा के बाद सरकार ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ आगे कोई प्रतिकूल कानूनी कार्रवाई न की जाए। सरकार ने यह भी कहा कि इन मामलों को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा और इन्हें बंद करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

दिल्ली की रेखा गुप्ता की सरकार ने आदेश में कहा है, "शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ आगे कोई प्रतिकूल कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। लेकिन जिन लोगों का आपराधिक रिकॉर्ड है, उन्हें यह राहत नहीं मिलेगी।"

दिल्ली सरकार ने पुलिस को यह भी कहा है कि अगर इस मामले में किसी को गिरफ्तार किया गया है या हिरासत में लिया गया है, तो उसकी समीक्षा जल्द से जल्द पूरी की जाए। यानी जिन लोगों की गिरफ्तारी सिर्फ प्रदर्शन से जुड़ी है और जिनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है, उनके मामलों पर तेजी से फैसला लिया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उठा कदम

सरकार ने अपने आदेश में साफ लिखा है कि यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के 28 जुलाई 2026 के आदेश को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। कोर्ट ने कहा था कि जिन प्रदर्शनकारियों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, उनके खिलाफ सिर्फ प्रदर्शन में शामिल होने के आधार पर कठोर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। इसी के बाद दिल्ली सरकार ने पूरे मामले की समीक्षा की और नया आदेश जारी किया।

किन लोगों को राहत नहीं मिलेगी?

सरकार ने राहत के दायरे को भी स्पष्ट किया है। अगर किसी व्यक्ति का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड है या जांच में हिंसा, तोड़फोड़ या किसी दूसरी आपराधिक गतिविधि में उसकी भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई जारी रहेगी।

यानी यह फैसला सिर्फ उन लोगों के लिए है, जिन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन किया था।

दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने क्या कहा?

दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। उन्होंने कहा, "सिर्फ प्रदर्शन में शामिल होने की वजह से किसी छात्र के खिलाफ मुकदमा नहीं चलेगा। सरकार का मकसद शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों को राहत देना है, लेकिन कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।"

उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि केवल प्रदर्शन में शामिल होने के आधार पर किसी छात्र को निशाना नहीं बनाया जाएगा।

गृह विभाग ने बताया कि यह आदेश दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू की मंजूरी मिलने के बाद जारी किया गया है। अब दिल्ली पुलिस को इन मामलों में सरकार के निर्देश के मुताबिक आगे की कार्रवाई करनी होगी।