Gadchiroli News: बरसात में बढ़ा मलेरिया का खतरा, गड़चिरोली स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी| Navbharat Live
Updated On: Jul 20, 2026 | 02:45 PM IST
विज्ञापन
सार
Malaria Free Gadchiroli: गड़चिरोली में बारिश के मौसम को देखते हुए जिला परिषद के स्वास्थ्य विभाग ने 'मलेरिया मुक्त गड़चिरोली' अभियान तेज कर दिया है।

गड़चिरोली मलेरिया अभियान- फाइल फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
विस्तार
Gadchiroli Malaria Campaign: बारिश के मौसम को देखते हुए गढ़चिरोली जिले में मलेरिया के प्रकोप को रोकने के लिए जिला परिषद के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने ‘मलेरिया मुक्त गडचिरोली अभियान’ को और तेज कर दिया है। राष्ट्रीय मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों, आशा कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य कर्मचारियों और ग्रामीणों के सहयोग से बुखार से पीड़ित विद्यार्थियों और बच्चों की जानकारी तुरंत स्वास्थ्य विभाग को देने की अपील की गई है।
बरसात के दौरान मच्छरों की संख्या बढ़ने से मलेरिया संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में बुखार, ठंड लगना, शरीर में दर्द, सिरदर्द और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देने पर बिना देरी किए संबंधित व्यक्ति की जांच कराकर उपचार शुरू करना आवश्यक है। विशेष रूप से स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
बरसात में बढ़ा मलेरिया का खतरा
जिला परिषद ने सभी प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों, आंगनवाड़ी सेविकाओं और आशा कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए हैं कि बुखार के लक्षण वाले विद्यार्थियों की सूचना तत्काल स्वास्थ्य विभाग को दें। सूचना मिलते ही स्वास्थ्य दल संबंधित स्थान पर पहुंचकर रक्त जांच, आवश्यक उपचार और रोकथाम संबंधी उपाय करेगा।
सम्बंधित ख़बरें
गड़चिरोली स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी
मलेरिया की रोकथाम के लिए प्रत्येक गांव में जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। मच्छरों की उत्पत्ति रोकने के लिए स्वच्छता बनाए रखना, जमा पानी हटाना, मच्छरदानी का उपयोग करना और साफ-सफाई पर विशेष जोर दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें और बुखार आने पर तुरंत सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।
स्कूल तथा आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए निर्देश
बुखार, ठंड लगना या मलेरिया के लक्षण वाले विद्यार्थियों की तुरंत पहचान कर रिकॉर्ड तैयार करें। संबंधित आशा कार्यकर्ता, एएनएम या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को तत्काल सूचना दें। स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से रक्त जांच और आवश्यक उपचार सुनिश्चित करें। विद्यार्थियों और अभिभावकों में मलेरिया से बचाव के प्रति जागरूकता बढ़ाएं।
ये भी पढ़े: अमरावती की पहली महिला ड्रोन पायलट बनीं कल्पना वानखड़े, ड्रोन दीदी परियोजना से मिली नई उड़ान
बुखार न छिपाएं, तुरंत जानकारी दें
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रताप शिंदे ने कहा कि मलेरिया का समय पर निदान और उपचार होने पर यह पूरी तरह ठीक होनेवाला रोग है। इसलिए नागरिक बुखार छिपाने के बजाय तुरंत स्वास्थ्य विभाग को जानकारी दें। स्कूल, आंगनवाडी, ग्राम पंचायत और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से ही ‘मलेरिया मुक्त गडचिरोली’ का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
