Ganesh Chaturthi Bhog: गणपति को कौन-कौन से भोग लगाए जाते हैं? जानें 10 दिनों के लिए अलग-अलग प्रसाद लिस्ट
Ganesh Chaturthi Bhog: गणेश चतुर्थी का त्योहार हिंदू धर्म का एक पवित्र पर्व माना जाता है. हिंदू धर्म के अत्यंत खास त्योहारों में गणेशोत्सव शामिल है. देशभर में इस त्योहार को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा. दस दिनों तक चलने वाले गणेशोत्सव के दौरान भगवान गणेश को अलग-अलग प्रकार के भोग लगाए जाते हैं. इस साल गणेश चतुर्थी का त्योहार 14 सितंबर 2026 को मनाया जाएगा. वहीं, अनंत चतुर्दशी का पर्व 25 सितंबर को है. इस दिन गणेश जी का विसर्जन किया जाएगा.
गणेशोत्सव के दौरान सच्चे मन से भक्त अपने घर में प्रसाद तैयार करें. दरअसल, बाजार में बनाए जाने वाले प्रसाद या मिठाइयों की शुद्धता पर सवाल रहता है. इसलिए, दस दिनों के दौरान भगवान गणपति को कौन-कौन सी चीजों को भोग लगाया जा सकता है, यहां हम आपको पूरी लिस्ट बता रहे हैं.
10 दिनों के लिए गणेश जी को इन चीजों को अर्पित करें
1.पहला दिन- मोदक
गणेश चतुर्थी गणेशोत्सव का प्रथम दिन होता है. इसलिए, इस दिन पर भगवान गणेश को पारंपरिक गुड़ और नारियल वाले मोदक भोग में चढ़ाने चाहिए. ये घर में भी आसानी से बनाएं जा सकते हैं.
2.दूसरा दिन- लड्डू
गणेशोत्सव के दूसरे दिन आप भगवान गणेश को मिष्ठान का भोग लगा सकते हैं. दूसरे दिन बूंदी के लड्डू का भोग लगाया जाएगा. ये भी भगवान गणेश को अत्यंत प्रिय होते हैं. इन्हें भी घर में बनाना आसान होता है.
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3.तीसरा दिन- बेसन लड्डू
बेसन के लड्डू भी भगवान गणेश को अत्यंत प्रिय होते हैं. इसलिए, आप गणेशोत्सव के तीसरे दिन बेसन के लड्डू उन्हें चढ़ा सकते हैं. बेसन लड्डू को भी घर पर आसानी से बनाया जा सकता है. बेसन का लड्डू बनाने के लिए चने की दाल का आटा का प्रयोग कर सकते हैं.
4.चौथा दिन- नारियल का भोग
गणेश उत्सव के दौरान आप भगवान गणेश के चौथे दिन नारियल का प्रसाद चढ़ा सकते हैं. नारियल से आप कोई भोग भी बना सकते हैं या फिर चाहे तो भगवान को सीधे ताजा नारियल अर्पित कर सकते हैं. हिंदू धर्म में नारियल को श्रीफल माना जाता है.
5.पांचवें दिन- 5 प्रकार के फल
गणेश चतुर्थी के पांचवे दिन पर उन्हें पांच प्रकार के फलों का भोग लगा सकते हैं. इसे तैयार करने के लिए पंच प्रकार के फलों की थाली बनाएं. थाली में केले, सेब, अनार, अंगूर और अन्य मौसमी फलों को शामिल कर सकते हैं. आप खीरा भी रख सकते हैं. ये फल सेहत के लिहाज से भी सही माने जाते हैं. इस प्रसाद में आपको कुछ पकाना भी नहीं पड़ेगा.
6.छठे दिन- खीर
गणेशोत्सव के छठे दिन पर आप भगवान गणेश को दूध और चावल की खीर बनाकर अर्पित कर सकते हैं. सनातन धर्म में खीर को एक पारंपरिक व्यंजन माना जाता है. ये मन को सुकून देने के साथ-साथ पवित्र भी माना जाता है.
7.सातवें दिन- पूरन पोली
गणेश चतुर्थी के सातवें दिन पर आप महाराष्ट्र के मशहूर व्यंजन पूरन पोली का भोग लगा सकते हैं. इस प्रसाद को बनाने के लिए गुड़-चने की दाल का इस्तेमाल किया जाता है. भगवान गणेश को पूरन पोली भी अत्यंत प्रिय होती है. पूरन पोली घर पर आराम से बनाया भी जा सकता है.
8.आठवां दिन- सूजी हलवा
गणेश पूजा के दौरान आठवें दिन पर आप घी, सूजी और शक्कर या फिर गुड़ के पाउडर से हलवा बना सकते हैं. सूजी का ये हलवा बहुत जल्दी बनकर भी तैयार हो जाएगा. भगवान गणेश को भोग लगाने के बाद इन्हें सभी को बांटे.
9.नौवां दिन- पेड़े या दूध की मिठाइयां
गणेश चतुर्थी का समापन उत्सव शुरू होने लगता है. ऐसे में पंडाल हो या फिर घर में मेहमानों का आना-जाना बढ़ जाता है. ऐसे में आप इस दिन पर दूध के पेड़े या दूध की बर्फी का भोग लगा सकते हैं. ये प्रसाद भी अत्यंत पवित्र माना जाता है.
10.दसवें दिन- महाभोग
दसवें दिन अनंत चतुर्दशी का होता है. इस दिन गणेश जी की मूर्ति का विसर्जन किया जाएगा. ऐसे में अंतिम दिन पर बप्पा को भोग चढ़ाने के लिए मिठाइयां, फल, पूड़ी, सब्जी खीर और मोदक भी बनाए जाते हैं. इन्हें एक थाली में सजाकर अर्पित किया जाता है.
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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)