GeM Portal Registration UP: जेम पोर्टल पर यूपी के कारोबारियों का दबदबा; एक साल में जुड़े 1 लाख नए विक्रेता - Haribhoomi
योगी सरकार की कारोबारी सुगमता, एमएसएमई प्रोत्साहन और स्थानीय उद्यमियों को सरकारी खरीद प्रक्रिया से जोड़ने की नीतियों के चलते सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पर यूपी का दबदबा बढ़ा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश में जेम पर पंजीकृत कुल फर्मों की संख्या बढ़कर 7.86 लाख से अधिक हो गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ( फाइल फोटो )
- Published: 15 Sep 2026, 03:07 PM IST
- Last Updated: 15 Sep 2026, 03:07 PM IST
उत्तर प्रदेश में छोटे उद्यमों, महिला उद्यमियों, एससी-एसटी वर्गों और स्टार्टअप्स को सरकारी खरीद व्यवस्था से जोड़ने के योगी सरकार के प्रयासों का असर अब जीईएम (GeM) पोर्टल के आंकड़ों में साफ दिखाई दे रहा है। 31 मार्च 2025 को दर्ज 6.85 लाख फर्मों के मुकाबले 31 मार्च 2026 तक कुल पंजीकृत फर्मों की संख्या 7.86 लाख पहुंच गई है। इस प्रकार एक वर्ष में 1,01,199 नई फर्में जेम पोर्टल से जुड़ी हैं, जो कुल पंजीकरण में 15 फीसदी की वृद्धि को दर्शाता है।
सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों (MSE) के पंजीकरण में 16 प्रतिशत की वृद्धि
सरकारी खरीद के इस डिजिटल बाजार से जुड़कर प्रदेश के छोटे और सूक्ष्म उद्योग अपना दायरा बढ़ा रहे हैं। 31 मार्च 2025 तक जेम पर उत्तर प्रदेश की 1,06,855 एमएसई फर्में पंजीकृत थीं, जिनकी संख्या 31 मार्च 2026 तक बढ़कर 1,23,075 हो गई है। इस श्रेणी में 16,220 नई फर्मों की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो 16 प्रतिशत का इजाफा दर्शाती है।
महिला उद्यमियों और स्टार्टअप्स का तेजी से बढ़ता ग्राफ
प्रदेश में महिलाओं और नए विचारों के साथ आने वाले स्टार्टअप्स को सरकारी संस्थानों में अपने उत्पादों को बेचने का व्यापक अवसर मिल रहा है। 31 मार्च 2025 को पंजीकृत 19,418 महिला फर्मों के मुकाबले 31 मार्च 2026 को इनकी संख्या बढ़कर 23,407 हो गई, जिसमें 21 फीसदी (3,989 फर्मों) का उछाल आया है।
स्टार्टअप श्रेणी में भी 21 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। 31 मार्च 2025 के 4,404 स्टार्टअप्स की तुलना में 31 मार्च 2026 तक 5,350 स्टार्टअप्स पोर्टल पर पंजीकृत हो चुके हैं। इसके अलावा अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग की पंजीकृत फर्मों की संख्या 4,890 से बढ़कर 5,783 पहुंच गई है, जो 18 प्रतिशत की वृद्धि है।
उत्तर प्रदेश जेम क्रय नीति-2024 बनी वरदान
उत्तर प्रदेश में जेम के स्टेट नोडल और डिप्टी सीईओ कृष्ण मुरारी के अनुसार, 'उत्तर प्रदेश जेम क्रय नीति-2024' स्थानीय और छोटे उद्यमियों के लिए काफी असरदार साबित हुई है। इस नीति से सरकारी खरीद में पारदर्शिता आई है और छोटे विक्रेताओं को सीधे बड़े सरकारी विभागों तक पहुंच मिली है। यूपी की इस क्रय व्यवस्था के सफल मॉडल को अब देश के अन्य राज्य भी अपना रहे हैं।