उत्तराखंड में Gen-Z ने भाजपा सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, ‘पीजा डॉक्टरों’ के X अकाउंट से धामी सरकार पर सवाल

उत्तराखंड में जेन-जी यानी युवा पीढ़ी ने अब प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ सोशल मीडिया पर मोर्चा खोल दिया है। युवाओं के एक समूह ने X (पूर्व में ट्विटर) पर नया अकाउंट बनाकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और राज्य सरकार के मंत्रियों को टैग करते हुए अपनी मांगें और सवाल पोस्ट करने शुरू किए हैं। सोशल मीडिया के जरिए सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का यह तरीका प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।

सोशल मीडिया बना विरोध का नया मंच

युवा समूह की ओर से बनाए गए X अकाउंट के जरिए प्रदेश की मौजूदा सरकार और मंत्रियों से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाया जा रहा है। पोस्ट में मुख्यमंत्री धामी और अन्य मंत्रियों को टैग किया जा रहा है, ताकि सरकार और संबंधित विभागों का ध्यान इन मुद्दों की ओर खींचा जा सके।

जेन-जी की ओर से सोशल मीडिया का इस्तेमाल विरोध और अपनी बात रखने के माध्यम के तौर पर किया जाना इस अभियान की खासियत है। युवा सीधे सरकार और मंत्रियों तक अपनी शिकायतें पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।

‘पीजा डॉक्टरों’ नाम से अकाउंट

रिपोर्ट के मुताबिक, युवाओं ने X पर ‘पीजा डॉक्टरों’ नाम से अकाउंट बनाया है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए सरकार से जुड़े मुद्दों पर पोस्ट किए जा रहे हैं। हालांकि, इस समूह के पीछे कौन-कौन लोग हैं और इसकी औपचारिक संरचना क्या है, इसे लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

सोशल मीडिया पर ऐसे अभियानों के जरिए युवा अपनी मांगों को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाने के साथ सरकार का ध्यान भी आकर्षित करने का प्रयास करते हैं।

मुख्यमंत्री और मंत्रियों को कर रहे टैग

इस अभियान में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत प्रदेश सरकार के मंत्रियों को सीधे टैग किया जा रहा है। पोस्ट के जरिए युवाओं की ओर से सरकार से सवाल पूछे जा रहे हैं और विभिन्न मुद्दों पर जवाब मांगने की कोशिश की जा रही है।

युवाओं का यह तरीका पारंपरिक राजनीतिक विरोध से अलग है। इसमें धरना या प्रदर्शन के बजाय डिजिटल प्लेटफॉर्म को माध्यम बनाया गया है। सोशल मीडिया पर पोस्ट तेजी से शेयर होने के कारण ऐसे अभियान कम समय में बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंच सकते हैं।

उत्तराखंड की राजनीति में युवाओं की सक्रियता

उत्तराखंड में बेरोजगारी, रोजगार, शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और पलायन जैसे मुद्दे लंबे समय से राजनीतिक बहस का हिस्सा रहे हैं। युवा इन मुद्दों को लेकर लगातार अपनी आवाज उठाते रहे हैं।

ऐसे में जेन-जी की सोशल मीडिया आधारित सक्रियता को प्रदेश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती भागीदारी के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, यह अभियान आगे किस रूप में बढ़ता है और सरकार की ओर से इस पर क्या प्रतिक्रिया आती है, यह अभी देखना बाकी है।

फिलहाल ‘पीजा डॉक्टरों’ के नाम से बनाए गए X अकाउंट और उसके जरिए मुख्यमंत्री धामी व मंत्रियों को टैग कर किए जा रहे पोस्ट चर्चा में हैं। आने वाले दिनों में यह डिजिटल अभियान कितना प्रभावी होता है और क्या सरकार की ओर से युवाओं की मांगों पर कोई जवाब दिया जाता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।