Gondhal Oscar 2027: भारत की मराठी फिल्म 'गोंधल' की हुई ऑस्कर में एंट्री, रहस्यमयी कहानी-लोक परंपरा का दिखा मेल
Published: Friday, September 18, 2026, 18:16 [IST]
Gondhal Oscar 2027: ऑस्कर 2027 के लिए भारत की ऑफिशियल एंट्री का ऐलान हो गया है और इस बार देश की ओर से मराठी सिनेमा की साइकोलॉजिकल थ्रिलर 'गोंधल' को चुना गया है। संतोष दावखर (Santosh Davkhar) के निर्देशन में बनी ये फिल्म ग्रामीण महाराष्ट्र की पृष्ठभूमि में बुनी गई एक रहस्यमयी कहानी है। फिल्म में महाराष्ट्र की लोक परंपराओं, रिश्तों के उलझाव, जुनून और मनोवैज्ञानिक संघर्ष को थ्रिलर के अंदाज में पेश किया गया है। खास बात ये है कि 'गोंधल' इससे पहले भी अपनी कहानी और निर्देशन के लिए कई मंचों पर सराहना हासिल कर चुकी है।
क्या है 'गोंधल' की कहानी?
'गोंधल' की कहानी साल 2025 के ग्रामीण महाराष्ट्र में सेट है। फिल्म की मुख्य किरदार सुमन नाम की एक युवती है, जिसकी शादी आनंदराव से होने वाली है। आनंदराव स्वभाव से सीधा-सादा और भोला युवक है। हालांकि शादी की तैयारियों के बीच सुमन का अतीत लगातार उसके सामने लौटता रहता है। सुमन का पुराना प्रेमी सरजेराव गांव के प्रभावशाली पाटिल का बेटा है। वो सुमन को अब भी भुला नहीं पाया है और उसे दोबारा अपनी जिंदगी में लाने की कोशिश में लगा है। ऐसे में सुमन की नई जिंदगी और पुराने प्यार के बीच तनाव लगातार बढ़ता जाता है।
दहेज की वजह से टूटा था सुमन-सरजेराव का रिश्ता
-कहानी के मुताबिक सुमन और सरजेराव एक-दूसरे से प्यार करते थे। दोनों शादी करना चाहते थे लेकिन सरजेराव के परिवार की ओर से दहेज की बड़ी मांग रखी गई। इस वजह से दोनों का रिश्ता शादी तक नहीं पहुंच सका।
-हालात के आगे मजबूर होकर सुमन को आनंदराव से शादी के लिए तैयार होना पड़ा। वो अपने अतीत को पीछे छोड़कर नई जिंदगी शुरू करने की कोशिश करती है लेकिन सरजेराव अपने पुराने रिश्ते को खत्म करने के लिए तैयार नहीं है।
एक रात बदल देती है पूरी कहानी
-फिल्म की कहानी एक खास रात के दौरान तेजी से बदलती है। नवविवाहित जोड़े के जीवन से जुड़ी परेशानियों को दूर करने के लिए गांव में पारंपरिक 'गोंधल' समारोह आयोजित किया जाता है। धार्मिक रस्मों, मंत्रों, ढोल की आवाज और आग की रोशनी के बीच पूरा गांव इस आयोजन का हिस्सा बनता है।
-हालांकि इस धार्मिक और पारंपरिक माहौल के बीच सरजेराव की बेचैनी और सुमन की उलझन कहानी को एक अलग दिशा में ले जाती है। सरजेराव सुमन को खोना नहीं चाहता और उसे वापस पाने की कोशिश करता है। वहीं सुमन भी परिस्थितियों के सामने चुप रहने के बजाय अपने तरीके से हालात को नियंत्रित करने की कोशिश करती है। इसके बाद गोंधल की रहस्यमयी ऊर्जा, प्रेम, जुनून, धोखे और नियंत्रण के बीच एक ऐसा खेल शुरू होता है, जो कहानी को साइकोलॉजिकल थ्रिलर में बदल देता है।
पहले भी मिल चुकी है बड़ी पहचान
'गोंधल' को ऑस्कर की रेस में शामिल होने से पहले भी सम्मान मिल चुका है। फिल्म के निर्देशक संतोष दावखर को IFFI 2025 में बेस्ट डायरेक्टर के लिए सिल्वर पीकॉक अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। फिल्म को खास तौर पर महाराष्ट्र की लोक परंपराओं और लोककथाओं को आधुनिक साइकोलॉजिकल थ्रिलर के साथ जोड़ने के लिए सराहा गया है। अब ऑस्कर 2027 में भारत की ऑफिशियल एंट्री बनने के बाद फिल्म अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में आ गई है।
33 फिल्मों के बीच हुआ चयन
ऑस्कर के लिए भारत की तरफ से भेजे जाने वाली फिल्म के चयन की प्रक्रिया में इस साल अलग-अलग भारतीय भाषाओं की कुल 33 फिल्मों ने दावेदारी पेश की थी। इनमें सबसे ज्यादा 14 फिल्में हिंदी भाषा की थीं। इसके अलावा मराठी, तेलुगू और गुजराती भाषा की चार-चार फिल्मों ने दावेदारी पेश की। तमिल भाषा की तीन फिल्में भी चयन प्रक्रिया में शामिल थीं जबकि मलयालम और नागामी भाषा से एक-एक फिल्म भेजी गई थी।
विशेष जूरी ने किया फिल्म का चयन
भारत की ऑफिशियल एंट्री चुनने के लिए फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से एक विशेष जूरी का गठन किया गया था। इस पैनल में पी. शेषाद्री, विजय पाटकर,हितू कनोडिया, शांति कुमार, संदीप पराशर, संजय पाटिल, साबू जोसेफ, अनिल थॉमस, विवेक वासवानी, बिजॉन दासगुप्ता, हासन, वासन और तनिष्ठा चटर्जी जैसे फिल्म जगत से जुड़े सदस्य शामिल थे। इसी जूरी ने सभी दावेदार फिल्मों पर विचार करने के बाद 'गोंधल' को ऑस्कर 2027 के लिए भारत की ओर से बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में भेजने का फैसला किया।
क्षेत्रीय सिनेमा के लिए एक बड़ी उपलब्धि
मराठी सिनेमा की 'गोंधल' का ऑस्कर 2027 के लिए भारत की ऑफिशियल एंट्री बनना क्षेत्रीय सिनेमा के लिए भी एक अहम उपलब्धि है। महाराष्ट्र की लोक परंपरा और मनोवैज्ञानिक रहस्य को केंद्र में रखकर बनाई गई ये फिल्म अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करेगी। फिल्म के पहले मिले सम्मान और ऑस्कर चयन के बाद अब दर्शकों की नजर इसके आगे के सफर पर है।