GST Meeting 2026: टल सकती है GST काउंसिल की बैठक, जानें क्या होंगे बड़े मुद्दे

GST Meeting 2026: टल सकती है GST काउंसिल की बैठक, जानें क्या होंगे बड़े मुद्दे

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक की तारीख एक बार फिर बदलने की उम्मीद है. पहले यह बैठक 12 सितंबर को होनी थी, लेकिन नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स समिट के साथ तारीख टकराने के कारण इसे टाला जा सकता है. सूत्रों के मुताबिक अब बैठक 7 अक्टूबर 2026 को हो सकती है. हालांकि, नई तारीख की आधिकारिक अधिसूचना अभी जारी नहीं हुई है. बैठक से पहले 5 और 6 अक्टूबर को अधिकारियों की तैयारी बैठक होगी.

7 अक्टूबर को बैठक होने की उम्मीद

सूत्रों के अनुसार, जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक पहले 12 सितंबर को प्रस्तावित थी. इसी तारीख को नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को ब्रिक्स समिट भी होना है. बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन के चलते सुरक्षा और दूसरी व्यवस्थाओं को देखते हुए जीएसटी काउंसिल की बैठक टालने का फैसला किया गया. सूत्रों के अनुसार अब 7 अक्टूबर को बैठक होने की उम्मीद है और इसका स्थान नई दिल्ली ही रहने की संभावना है. हालांकि, नई तारीख की आधिकारिक पुष्टि और अधिसूचना अभी जारी नहीं हुई है. बैठक से पहले 5 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे से और 6 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से अधिकारियों की बैठक होगी.

एक साल बाद होगी काउंसिल की बैठक

जीएसटी काउंसिल टैक्स व्यवस्था से जुड़े अहम फैसले लेने वाली संवैधानिक संस्था है. इसमें जीएसटी की दरों, छूट और इससे जुड़े दूसरे मामलों पर चर्चा होती है. 57वीं बैठक में लंबे समय से लंबित जीएसटी मुद्दों के साथ रेट रैशनलाइजेशन पर भी चर्चा की उम्मीद है. पिछली 56वीं बैठक 3 और 4 सितंबर 2025 को हुई थी. उस बैठक में केंद्र और राज्यों ने जीएसटी की दरों और कैटेगरी में बड़े बदलावों को मंजूरी दी थी. इस बार होने वाली बैठक पर कारोबारियों और टैक्सपेयर्स की नजर रहेगी.

GST रजिस्ट्रेशन में बदलाव पर भी चर्चा संभव

7 अक्टूबर की बैठक में उन कारोबारियों के जीएसटी रजिस्ट्रेशन को आसान बनाने पर चर्चा हो सकती है, जो हर महीने 2.5 लाख रुपये से ज्यादा का टैक्स क्रेडिट पास करते हैं. इसके साथ ही जीएसटी रजिस्ट्रेशन रद्द करने की प्रक्रिया में ऑटोमेशन और दूसरे बदलावों पर भी विचार किया जा सकता है. अभी ऐसे बड़े कारोबारियों के रजिस्ट्रेशन में सेंट्रल जीएसटी और अलग-अलग राज्यों के जीएसटी विभागों के बीच एकरूपता नहीं है. इससे टैक्सपेयर्स के बीच अनिश्चितता बनी रहती है.

छोटे कारोबारियों के लिए पहले से आसान स्कीम

सितंबर 2025 की बैठक में जीएसटी काउंसिल ने छोटे और कम जोखिम वाले कारोबारियों के लिए आसान जीएसटी रजिस्ट्रेशन स्कीम को मंजूरी दी थी, जिसे 1 नवंबर से लागू किया गया था. इस स्कीम में वे कारोबारी आवेदन कर सकते हैं, जिन्हें जीएसटी सिस्टम के डेटा एनालिसिस के आधार पर छोटा और कम जोखिम वाला माना जाता है. ऐसे आवेदक भी इस स्कीम को चुन सकते हैं, जिनकी आउटपुट टैक्स देनदारी हर महीने 2.5 लाख रुपये से ज्यादा नहीं है. इसमें सीजीएसटी, एसजीएसटी/यूटीजीएसटी और आईजीएसटी शामिल हैं. फिलहाल करीब 1.68 करोड़ कारोबार जीएसटी के तहत रजिस्टर्ड हैं.

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विशाल मैथिल

विशाल मैथिल

भोपाल के रहने वाले हैं. कम्प्यूटर साइंस में ग्रेजुएशन और मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद डिजिटल मीडिया में कदम रखा. दैनिक भास्कर से शुरुआत हुई. इसके बाद टाइम्स नाउ नवभारत और अमर उजाला जैसे संस्थान में टेक जर्नलिस्ट के दौर पर करने के बाद TV9 भारतवर्ष से जुड़े हैं. सोशल मीडिया कैंपेन को लीड करने और हिंदी मैग्जीन में भी काम करने का मौका मिला. फिलहाल टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी और स्मार्टफोन की खबरें आप तक आसान भाषा में पहुंचाने का काम कर रहे हैं. गैजेट्स कंपेरिजन, गैजेट्स रिव्यूज और मोबाइल रिचार्ज जैसे टॉपिक्स पर भी अच्छी पकड़ रखते हैं. रिसर्च, एक्‍सप्‍लेनर, डाटा स्‍टोरी और इंफोग्राफिक्स के साथ जटिल खबरों को आसानी से कहने और टेक जगत की छोटी-बड़ी अपडेट आप तक पहुंचाने का हुनर रखते हैं. गैजेट्स के अलावा किताबों और म्यूजिक में भी खूब मन लगता है.

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