Gumla News: गुमला में 169 पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य, DC ने नवनिर्मित जिला क्षय केंद्र का किया उद्घाटन
Gumla: जिले को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने अभियान तेज कर दिया है. आगामी चार माह के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है. इसी क्रम में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने सदर अस्पताल परिसर में नवनिर्मित जिला क्षय केंद्र का उद्घाटन किया.
उपायुक्त ने कहा कि नए केंद्र के शुरू होने से जिला मुख्यालय में ही टीबी की जांच और उपचार की सुविधाएं उपलब्ध होंगी. इससे मरीजों को जांच एवं इलाज के लिए दूर जाने की परेशानी कम होगी और समय पर बीमारी की पहचान व उपचार सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी.
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उन्होंने बताया कि टीबी उन्मूलन की कार्ययोजना Build, Prevent, Detect और Treat चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित है. इसके तहत टीबी मरीजों की सक्रिय खोज, समय पर जांच, उपचार की निगरानी, उच्च जोखिम वाले समूहों की पहचान तथा समुदाय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा.
जिले में CBNAAT और TrueNat जैसी जांच सुविधाएं उपलब्ध हैं. प्रशासन इन सुविधाओं का अधिकतम उपयोग करते हुए टीबी के संभावित मरीजों की जल्द पहचान और उपचार सुनिश्चित करने पर जोर दे रहा है.
उपायुक्त ने कहा कि टीबी के साथ-साथ इसके जोखिम कारकों जैसे कुपोषण, मधुमेह, पुरानी सांस संबंधी बीमारियां, तंबाकू और अल्कोहल सेवन को कम करने के लिए भी विशेष प्रयास किए जाएंगे. उन्होंने सभी विभागों, स्वास्थ्यकर्मियों और आम लोगों से टीबी मुक्त गुमला अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की.
169 पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य
सिविल सर्जन डॉ. शंभूनाथ चौधरी ने बताया कि जिले में टीबी उन्मूलन को लेकर लगातार कार्य किया जा रहा है. पहले चरण में 62 पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत के रूप में चिन्हित किया गया है. वर्ष 2026 में जिले की 169 पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
उन्होंने बताया कि 21 अगस्त को नगर भवन, गुमला में 62 टीबी मुक्त पंचायतों के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. इसमें संबंधित पंचायतों के मुखिया और प्रखंड प्रमुखों की मौजूदगी में पंचायतों को सम्मानित किया जाएगा.
जिला कार्यक्रम समन्वयक विनय कुमार गुप्ता ने बताया कि नए जिला क्षय केंद्र से जांच, उपचार और मरीजों के फॉलोअप की व्यवस्था और मजबूत होगी. आगामी चार माह में मरीजों की सक्रिय खोज, जांच, उपचार और निगरानी पर विशेष फोकस रहेगा.
कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. शंभूनाथ चौधरी, सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. अनुपम किशोर, जिला क्षय रोग पदाधिकारी डॉ. के.के. मिश्रा, जिला आरसीएच पदाधिकारी डॉ. सुनील कुमार, जिला कार्यक्रम समन्वयक विनय कुमार गुप्ता सहित स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी और जिला क्षय केंद्र के कर्मी उपस्थित रहे.
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