Haryana: सरकारी स्कूलों में अनिवार्य होगा राज्य गीत , शिक्षा विभाग ने जारी किए आदेश, सप्ताह में एक दिन होगा गायन - Haribhoomi
हरियाणा के शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू कराने और आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। पानीपत के डॉ. बालकिशन शर्मा द्वारा रचित राज्य गीत को डॉ. श्याम शर्मा ने गाया है और पारस चोपड़ा ने संगीत दिया है।
हरियाणा के सरकारी स्कूलों में अनिवार्य होगा राज्य गीत, शिक्षा विभाग ने दिया आदेश।
- Published: 24 Jul 2026, 04:22 PM IST
- Last Updated: 24 Jul 2026, 04:23 PM IST
Haryana: हरियाणा विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में हरियाणा राज्य गीत के नियमित गायन को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं। 22 जुलाई 2026 को जारी निर्देशों के अनुसार अब प्रत्येक सरकारी विद्यालय में सप्ताह में एक दिन प्रार्थना सभा के बाद हरियाणा राज्य गीत का सामूहिक गायन अनिवार्य होगा। इस निर्णय का उद्देश्य विद्यार्थियों में प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, इतिहास और राज्य के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करना है।
सभी सरकारी स्कूलों को शिक्षा निदेशालय ने दिये निर्देश
शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को निर्देश दिए हैं कि आदेशों को तत्काल प्रभाव से लागू कराया जाए और विद्यालयों में आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जाएं। विभाग का मानना है कि नियमित रूप से राज्य गीत गाने से विद्यार्थियों में हरियाणा की पहचान, संस्कृति और गौरव के प्रति जुड़ाव बढ़ेगा।
यह आदेश विद्यालय शिक्षा निदेशालय के सहायक निदेशक (शैक्षिक शाखा) की ओर से जारी किया गया है। इसकी प्रतियां शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव, महानिदेशक माध्यमिक शिक्षा सहित संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी गई हैं।
इतिहास के प्रति विकसित होगी जागरूकता
शिक्षा विभाग का कहना है कि राज्य गीत के माध्यम से विद्यार्थियों में सांस्कृतिक मूल्यों, सामाजिक एकता और प्रदेश के इतिहास के प्रति जागरूकता विकसित होगी। साथ ही उनमें राज्य के प्रति जिम्मेदारी और सम्मान की भावना भी मजबूत होगी।
पानीपत के डॉ. बालकिशन शर्मा ने लिखा है राज्य गीत
हरियाणा राज्य गीत 'जय जय जय हरियाणा' के रचयिता पानीपत के डॉ. बालकिशन शर्मा हैं। इस गीत को डॉ. श्याम शर्मा ने स्वर दिया है, पारस चोपड़ा ने संगीतबद्ध किया है और मालविका पंडित (रोहतक) ने इसका निर्देशन किया है। विशेष बात यह रही कि राज्य गीत के निर्माण में जुड़े किसी भी कलाकार ने सरकार से कोई पारिश्रमिक (फीस) नहीं लिया।
204 गीतों में से चुना गया 'जय जय जय हरियाणा'
हरियाणा राज्य गीत के चयन के लिए विधानसभा की ओर से पांच सदस्यीय समिति का गठन किया गया था। समिति को कुल 204 गीत प्राप्त हुए थे। कई दौर की चर्चा और 12 बैठकों के बाद तीन गीतों को अंतिम सूची में शामिल किया गया, जिनमें से 'जय जय जय हरियाणा' को राज्य गीत के रूप में अंतिम मंजूरी दी गई।

समिति के अध्यक्ष रेवाड़ी से भाजपा विधायक लक्ष्मण सिंह यादव थे। समिति में झज्जर से कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल, हांसी से भाजपा विधायक विनोद भयाना, फतेहाबाद से कांग्रेस विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया और रानियां से इनेलो विधायक आदित्य देवीलाल सदस्य रहे।
हरियाणा की संस्कृति का प्रतिबिंब
करीब तीन मिनट के इस राज्य गीत में हरियाणा की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और भौगोलिक पहचान को दर्शाया गया है। गीत में कुरुक्षेत्र, श्रीकृष्ण की गीता, शिवालिक पर्वतमाला, अरावली, यमुना और प्राचीन सरस्वती नदी का उल्लेख किया गया है।
इसके अलावा हरियाणा की दूध-दही वाली जीवनशैली, भाईचारा, होली, दिवाली, ईद और गुरुपर्व जैसे त्योहारों की एकता, सांग और रागनी जैसी लोक कलाओं तथा शिक्षा और व्यापार में प्रदेश की प्रगति को भी प्रमुखता से स्थान दिया गया है।
गीत में किसानों, खिलाड़ियों और सैनिकों के योगदान का भी गौरवपूर्ण उल्लेख है। समापन में हरियाणा को देश की शान बताते हुए 'अतिथि देवो भव' की परंपरा को राज्य की पहचान के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
हरियाणा के जिले, कस्बे और गांवों की खबरों के लिए हरिभूमि का "ई-पेपर" पढ़ें। यहां क्लिक करें epaper haribhoomi या शानदार अनुभव के लिए प्लेस्टोर से "हरिभूमि हिंदी न्यूज़" App डाउनलोड करें।