HDFC Bank CEO Race: कौन संभालेगा देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक की कमान? चर्चा में इन 5 दिग्गजों के नाम - Haribhoomi
शशिधर जगदीशन के बाद एचडीएफसी बैंक में नए सीईओ की तलाश तेज हो गई है। कैजाद भरूचा समेत राजीव सभरवाल, विशाखा मुले, अनुप बागची और अश्विनी तिवारी के नाम चर्चा में हैं।
एचडीएफसी बैंक
- Published: 01 Sep 2026, 11:35 AM IST
- Last Updated: 01 Sep 2026, 11:35 AM IST
मुंबई। भारत के सबसे मूल्यवान निजी बैंक एचडीएफसी बैंक लिमिटेड ने नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की तलाश तेज कर दी है। मौजूदा सीईओ शशिधर जगदीशन ने अपने कार्यकाल को आगे बढ़ाने की इच्छा नहीं जताई है। इसके बाद बैंक ने उनके उत्तराधिकारी की खोज की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी है। मामले से परिचित लोगों के अनुसार, बैंक इसी सप्ताह एक एग्जीक्यूटिव सर्च फर्म की नियुक्ति कर सकता है, जो नए सीईओ की तलाश शुरू करेगी। एचडीएफसी बैंक का बाजार पूंजीकरण करीब 115 अरब डॉलर है और इसे भारत का सबसे मूल्यवान ऋणदाता माना जाता है।
कई अनुभवी बैंकरों पर नजर
जगदीशन के कार्यकाल के आगे जारी नहीं रहने के संकेत के बाद बैंक के सामने अब नेतृत्व परिवर्तन की चुनौती है। बैंक ऐसा प्रमुख चुनना चाहता है, जो मौजूदा कारोबारी स्थिति को संभालने के साथ निवेशकों का भरोसा भी मजबूत कर सके। सीईओ पद के लिए संभावित उम्मीदवारों में बैंकिंग क्षेत्र के अनुभवी अधिकारियों के नाम सामने आ रहे हैं। हालांकि, अभी अंतिम उम्मीदवारों की सूची तय नहीं हुई है। सर्च फर्म की नियुक्ति के बाद चयन प्रक्रिया औपचारिक रूप से आगे बढ़ने की उम्मीद है।
इन नामों पर हो रही चर्चा
कैजाद भरूचा: एचडीएफसी बैंक के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर भरूचा फिलहाल सबसे मजबूत उम्मीदवार माने जा रहे हैं। माना जा रहा है कि उनका नाम आरबीआई को भेजे जाने वाले संभावित नामों में सबसे ऊपर हो सकता है।
राजीव सभरवाल: टाटा कैपिटल के एमडी एवं सीईओ हैं। उनका नाम बाहरी उम्मीदवार के तौर पर चर्चा में है।
विशाखा मुले:आदित्य बिड़ला कैपिटल की सीईओ हैं और बैंकिंग क्षेत्र में उनका लंबा अनुभव रहा है। उनका नाम भी संभावित दावेदारों में शामिल है।
अनुप बागची:आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इन्श्योरेंश के एमडी एवं सीईओ हैं। उनका नाम भी संभावित बाहरी उम्मीदवारों में बताया जाता है।
अश्विनी तिवारी:एसबीआई के वरिष्ठ अधिकारी तिवारी भी एचडीएफसी बैंक के सीईओ पद के संभावित दावेदारों में शामिल बताए जाते हैं।
भरोसा बनाए रखने की जिम्मेदारी
बैंक के लिए यह प्रक्रिया इसलिए भी अहम है क्योंकि नए सीईओ को बड़ी संस्था की जिम्मेदारी संभालने के साथ विकास की रफ्तार बढ़ानी होगी। एचडीएफसी बैंक में शीर्ष स्तर पर नेतृत्व को लेकर अनिश्चितता ऐसे समय में बढ़ी है, जब बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन मार्च में विवादास्पद तरीके से बाहर हुए थे। इस घटनाक्रम के बाद बैंक की गवर्नेंस पर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में नए सीईओ के सामने निवेशकों को यह भरोसा दिलाने की जिम्मेदारी होगी कि बैंक के प्रबंधन और कॉरपोरेट गवर्नेंस से जुड़े सिस्टम मजबूत हैं।
शेयरों का प्रदर्शन सुधारना भी चुनौती
नए सीईओ के सामने सिर्फ नेतृत्व परिवर्तन की चुनौती नहीं होगी, बल्कि बैंक के कारोबार को गति देना भी महत्वपूर्ण होगा। हाल के समय में एचडीएफसी बैंक के शेयरों का प्रदर्शन उसके कई प्रतिस्पर्धी बैंकों की तुलना में कमजोर रहा है। ऐसे में नए प्रमुख से उम्मीद की जाएगी कि वह बैंक की वृद्धि को मजबूत करे और बाजार में निवेशकों का भरोसा दोबारा बढ़ाए। बैंक नेतृत्व में लंबी अनिश्चितता से बचना चाहता है। इसलिए उत्तराधिकारी की तलाश जल्द शुरू करने की तैयारी की जा रही है। नए सीईओ को बैंक की विशाल कारोबारी संरचना, गवर्नेंस और निवेशकों की अपेक्षाओं के बीच संतुलन बनाना होगा।