फर्जी IAS बनकर महिला डॉक्टर से 3 लाख की ठगी: जीवनसाथी डॉट कॉम पर खुद को बताया SDM; AI फोटो से जमाई धाक, बनारस से पकड़ाया - Narsinghpur News

नरसिंहपुर पुलिस ने खुद को आईएएस अधिकारी बताकर महिला डॉक्टर से 3 लाख रुपए ठगने वाले आरोपी को उत्तरप्रदेश के वाराणसी से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने मैट्रिमोनियल साइट "जीवनसाथी डॉट कॉम" के जरिए महिला से संपर्क कर धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम दिया था। पुलि

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आरोपी ने AI से तस्वीरें एडिट कर सोशल मीडिया पर अपलोड की।

आरोपी ने AI से तस्वीरें एडिट कर सोशल मीडिया पर अपलोड की।

खुद को धार का SDM बताकर की ठगी

नरसिंहपुर की एक महिला डॉक्टर ने 10 अगस्त को थाना कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। उनकी पहचान जीवनसाथी डॉट कॉम पर उत्तरप्रदेश के भदोही जिले के बभनौती निवासी संजय कुमार से हुई थी।

आरोपी ने महिला को बताया कि उसने पटना से एमबीबीएस और एमडी की पढ़ाई की है। उसने खूद को मध्य प्रदेश कैडर का आईएएस बताते हुए धार में एसडीएम पद पर पदस्थ होने का झूठा दावा किया था।

आरोपी ने महिला को बताया कि उसने पटना से एमबीबीएस और एमडी की पढ़ाई की है।

आरोपी ने महिला को बताया कि उसने पटना से एमबीबीएस और एमडी की पढ़ाई की है।

संजय कुमार ने महिला चिकित्सक को विश्वास में लेने के लिए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से अपने करीबी संबंध होने का दावा किया। इसके बाद उसने विभिन्न माध्यमों से सहायता करने के बहाने महिला से लगभग 3 लाख रुपए ठग लिए। जब महिला को संदेह हुआ, तो उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

धार प्रशासन से पुष्टि के बाद हरकत में आई पुलिस

शिकायत के बाद पुलिस ने जीवनसाथी डॉट कॉम और आरोपी के सोशल मीडिया खातों की तकनीकी जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपी के खुद को आईएएस अधिकारी बताने के कई प्रमाण मिले। हालांकि, धार जिला प्रशासन से संपर्क करने पर यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी द्वारा बताए गए नाम का कोई भी अधिकारी वहां एसडीएम या किसी अन्य पद पर कार्यरत नहीं है।

इसके बाद पुलिस ने आरोपी की वास्तविक पहचान और ठिकाने का पता लगाना शुरू किया। तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय जानकारी के आधार पर पुलिस टीम उत्तर प्रदेश पहुंची और वाराणसी में दबिश देकर आरोपी संजय कुमार को गिरफ्तार कर लिया।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी संजय कुमार अपने गांव और परिवार के लोगों को भी लंबे समय से खुद को आईएएस अधिकारी बताकर भ्रमित कर रहा था। वह लोगों के सामने खुद को एसडीएम पद पर पदस्थ बताता था और इसी फर्जी पहचान के आधार पर अपना प्रभाव जमाता था।

AI से तस्वीरें एडिट कर सोशल मीडिया पर अपलोड की

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी AI आधारित तकनीक का इस्तेमाल कर फोटो एडिट करता था। वह वरिष्ठ अधिकारियों, सरकारी कार्यालयों, प्रशासनिक संस्थानों और सरकारी कार्यक्रमों से जुड़ी तस्वीरों में खुद को दिखाकर सोशल मीडिया पर अपलोड करता था। इन तस्वीरों के जरिए वह खुद को उच्च पदस्थ प्रशासनिक अधिकारी के रूप में प्रस्तुत कर लोगों का विश्वास जीतने का प्रयास करता था।

बैंक खातों, सोशल मीडिया अकाउंट की जांच जारी

पुलिस आरोपी से पूछताछ कर उसके बैंक खातों, मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और अन्य डिजिटल उपकरणों की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपी ने इसी तरीके से अन्य लोगों के साथ भी धोखाधड़ी तो नहीं की है।

पुलिस ने आमजन को मैट्रिमोनियल साइट्स पर किसी भी व्यक्ति की पहचान सत्यापित किए बिना वित्तीय लेन-देन न करने की सलाह दी है।