ICDS में रिश्वत के आरोपों पर LS हटाई गई: सुपौल DM ने 3 दिन में जांच रिपोर्ट मांगी, सेविका बोली-हर महीने 2600 की होती है फिक्स डिमांड - Supaul News

सुपौल में आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन और पंजी पर हस्ताक्षर के नाम पर रिश्वतखोरी मामले में डीएम सावन कुमार ने तुरंत कार्रवाई की। ICDS कार्यालय में महिला पर्यवेक्षिका (LS) संगीता कुमारी का रिश्वत लेते वीडियो वायरल हुआ है।

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सेविका की शिकायत और वायरल वीडियो के आधार पर डीएम ने संगीता कुमारी को छातापुर बाल विकास परियोजना कार्यालय से हटाकर जिला प्रोग्राम कार्यालय, ICDS सुपौल में तैनात किया। डीएम ने छातापुर CDPO को तीन दिन में जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।

वायरल वीडियो में LS संगीता कुमारी के साथ कुछ लोग रुपए गिनते दिख रहे हैं। आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-52 की सेविका ममता कुमारी ने आरोप लगाया है कि THR और राशि आवंटन जैसे कामों के लिए हर महीने ₹2600 की फिक्स डिमांड की जाती है।

ममता के अनुसार, उनसे भी क्रय पंजी पर हस्ताक्षर के बदले ₹2600 मांगे गए थे। उन्होंने ₹2400 दिए थे और सुरक्षा के लिए लेन-देन का वीडियो बनाया था।

वीडियो डिलीट करने का बनाया दबाव

जिवछपुर पंचायत स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-52 की सेविका ममता कुमारी ने संबंधित LS संगीता कुमारी के खिलाफ CDPO को शिकायत आवेदन देकर मानसिक प्रताड़ना, दुर्व्यवहार और अनावश्यक दबाव बनाने का आरोप लगाया है।

सेविका का कहना है कि वीडियो सामने आने के बाद उन्हें लगातार फोन कर इसे डिलीट करने का दबाव बनाया जा रहा है। साथ ही चयनमुक्त कराने की धमकी भी दी जा रही है। उन्होंने विभाग से निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है।

ममता ने वीडियो संदेश जारी कर अन्य सेविकाओं से भी अपने हक के लिए आवाज उठाने की अपील की है। उन्होंने आरोप लगाया कि LS उनके केंद्र पर पहुंचकर भी उन्हें प्रताड़ित कर चुकी हैं। सेविका का कहना है कि यदि उनके काम में कोई कमी है तो विभागीय नियमों के तहत लिखित जानकारी देकर सुधार का अवसर दिया जाना चाहिए।

LS बोलीं- उधार के पैसे देने आई थी सेविका इधर, LS संगीता कुमारी ने मंगलवार सुबह करीब 11:30 बजे अपना पक्ष रखते हुए बताया था कि उनके पति की प्रतापगंज में दवा की दुकान है। उनके अनुसार, सेविका उधार के पैसे जमा करने के लिए कार्यालय आई थी और वायरल वीडियो करीब चार महीने पुराना है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि संगीता कुमारी की छातापुर में पदस्थापना महज दो महीने पहले हुई है। इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, छातापुर CDPO ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। 3 दिनों में जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश इधर, डीएम सावन कुमार की ओर से 29 सितंबर को जारी आदेश में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर रिश्वत लेते हुए लाइव वीडियो वायरल होने और कार्यों के निष्पादन में अनियमितता एवं भ्रष्टाचार संबंधी गंभीर आरोप प्राप्त हुए हैं।

इससे कार्यालय के कामकाज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। निष्पक्ष जांच और अभिलेखों व साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से LS संगीता कुमारी को तत्काल प्रभाव से जिला प्रोग्राम कार्यालय, ICDS सुपौल में योगदान देने का निर्देश दिया गया है।

डीएम ने छातापुर CDPO को संगीता कुमारी से संबंधित सभी सरकारी अभिलेख और प्रभार प्राप्त करने, उनसे कारण पृच्छा करने तथा पूरे मामले की सूक्ष्मता से जांच कर मंतव्य सहित स्पष्ट प्रतिवेदन तीन दिनों के अंदर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

आदेश की प्रतिलिपि ICDS निदेशालय, बिहार, पटना को भी भेजी गई है। जांच रिपोर्ट के बाद ही कथित रिश्वत वसूली के आरोपों की सत्यता और आगे की कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी।