सागर पहुंचते ही एक्शन में दिखे IG इरशाद वली: जहरीली शराब मामले में आरोपियों के गांव पहुंचे; CM मोहन ने दिया है फ्री हैंड - Haribhoomi

सागर जहरीली शराब कांड के बाद 2004 बैच के आईपीएस इरशाद वली ने सागर आईजी का पद संभालते ही कार्रवाई शुरू कर दी। वह पहले दिन ही बंडा क्षेत्र में अवैध शराब से जुड़े आरोपियों के गांव और पत्थर की खदान पहुंचे। मुख्यमंत्री मोहन यादव पहले ही प्रशासन को कार्रवाई के लिए फ्री हैंड देने की बात कह चुके हैं।

Irshad Wali Sagar IG

सागर पहुंचते ही एक्शन में दिखे IG इरशाद वली

  • Published: 11 Sep 2026, 11:19 AM IST
  • Last Updated: 11 Sep 2026, 11:19 AM IST

सागर: जहरीली शराब कांड के बाद 2004 बैच के आईपीएस अधिकारी इरशाद वली ने गुरुवार को सागर रेंज के आईजी का पदभार संभाल लिया। जिम्मेदारी मिलते ही वह सीधे मैदान में उतर गए। पदभार संभालने के पहले ही दिन उन्होंने बंडा क्षेत्र में उस गांव का दौरा किया, जहां जहरीली शराब बनाने के मुख्य आरोपी से जुड़ी अवैध शराब की फैक्ट्री होने की बात सामने आई थी। इसके बाद आरोपियों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई भी शुरू कर दी गई।

सागर में जहरीली शराब कांड के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पीड़ितों से मुलाकात की थी। मुख्यमंत्री ने कहा था कि प्रशासन को कार्रवाई के लिए फ्री हैंड दिया गया है। इसके बाद इरशाद वली को सागर आईजी की जिम्मेदारी दी गई। उनकी नियुक्ति को अवैध शराब के कारोबार पर सख्ती के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

पत्थर की खदान में बन रही थी अवैध शराब
जहरीली शराब मामले में मुख्य आरोपी चंदू राजा राजपूत पर अवैध शराब निर्माण कराने का आरोप है। बताया गया कि पत्थर की खदान में शराब बनाई जा रही थी। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान इसी खदान से बड़ी मात्रा में अवैध शराब बरामद की थी। बरामद शराब के जहरीली होने की आशंका भी जताई गई थी।

आईजी इरशाद वली ने पद संभालने के बाद उसी स्थान का निरीक्षण किया और पूरे इलाके की जानकारी ली। उनके सागर पहुंचते ही संभाग के अलग-अलग जिलों में अवैध शराब के खिलाफ पुलिस कार्रवाई भी तेज हुई। गुरुवार को कई जगह छापेमारी कर बड़ी मात्रा में अवैध शराब बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई।

भोपाल में दिग्विजय सिंह से हो चुकी है बहस
इरशाद वली इससे पहले भोपाल में डीआईजी के पद पर भी तैनात रह चुके हैं। जुलाई 2021 में गोविंदपुरा में पार्क की जमीन को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान तत्कालीन डीआईजी इरशाद वली और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बीच तीखी बहस हुई थी।

राज्य शासन द्वारा जारी आदेश के तहत भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी श्री इरशाद वली को पुलिस महानिरीक्षक सागर जोन के पद पर नियुक्त किया गया है।@DrMohanYadav51 @CMMadhyaPradesh @mohdept #MadhyaPradesh #Sagar #JansamparkMP pic.twitter.com/HicEsPbjld

— Jansampark MP (@JansamparkMP) September 9, 2026

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं के बैरिकेड की ओर बढ़ने पर पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की थी। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया था। इसी दौरान इरशाद वली भी बैरिकेड पर पहुंचे थे। इस घटना के बाद उनका सख्त रवैया चर्चा में आया था।

नागालैंड कैडर से MP तक का सफर
इरशाद वली 2004 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। यूपीएससी में चयन के बाद उन्हें नागालैंड कैडर मिला था। बाद में कैडर ट्रांसफर के जरिए वह मध्यप्रदेश आए। उन्होंने मध्यप्रदेश कैडर की आईएएस अधिकारी सुफिया फारुखी से शादी की। अब दोनों अधिकारी मध्यप्रदेश में तैनात हैं।