साहिल की मौत पर हंगामे के बीच IIT बॉम्बे ने मांगी माफी, प्रोफेसर पर भी एक्शन, क्या है स्टूडेंट की 18 मांगें?

Time Published: Monday, September 21, 2026, 14:22 [IST]

IIT Bombay Student Death: आईआईटी बॉम्बे में बीटेक छात्र साहिल रवींद्र वाकोडे की मौत के बाद शुरू हुआ विवाद अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। छात्रों के विरोध और परिवार के आरोपों के बीच IIT बॉम्बे ने अपने पहले के बयान पर माफी मांगी है। साथ ही प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला को डीन पद से निलंबित कर दिया गया है। हालांकि मामले की जांच अभी जारी है और किसी पर आरोप साबित नहीं हुए हैं।

साहिल 18 सितंबर को आईआईटी बॉम्बे के कैंपस हॉस्टल के कमरे में मृत मिले थे। वह संस्थान के ऊर्जा विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग में दूसरे वर्ष के बीटेक छात्र थे। 19 सितंबर को जारी अपने बयान में आईआईटी बॉम्बे ने कहा था कि साहिल को उसी दिन मिड-सेमेस्टर एग्जाम के दौरान मोबाइल पर chatgpt से चीटिंग करते पकड़ा गया था।

IIT Bombay Student Death

साहिल ने परीक्षा के सवालों के जवाब तलाशने के लिए प्रश्नपत्र को chatgpt पर अपलोड किया था। इसके बाद शिक्षक, फैकल्टी सलाहकार और विभागाध्यक्ष ने साहिल से बात की थी। उसे समझाया गया था कि इस घटना का उसके शैक्षणिक भविष्य पर बुरा असर नहीं पड़ेगा और उसके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी।

अब IIT Bombay ने अपने बयान पर क्यों मांगी माफी?

छात्रों और साहिल के परिवार ने संस्थान के शुरुआती बयान पर सवाल उठाए थे। उनका आरोप था कि साहिल की मौत से पहले की घटनाओं को सार्वजनिक करके उसकी छवि खराब की गई। परिवार ने कैंपस में उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव के भी आरोप लगाए हैं।

इसके बाद आईआईटी बॉम्बे ने 21 सितंबर को सोशल मीडिया पर माफी जारी की। संस्थान ने कहा,

"साहिल की मौत से जुड़ी हमारी पिछली सूचना में कही गई बातों के लिए हम माफी मांगते हैं। घटना से पहले क्या हुआ था, इसकी जांच अभी संबंधित अधिकारी कर रहे हैं। जांच पूरी होने से पहले घटना से पहले की परिस्थितियों के बारे में कोई बात कहना या उसे किसी रूप में बताना उचित नहीं था। हमें ऐसा बयान देने से बचना चाहिए था।"

आईआईटी ने यह भी माना कि जांच पूरी होने से पहले घटना के विवरण को किसी तय निष्कर्ष की तरह पेश करना सही कदम नहीं था।

IIT Bombay Student Death

प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला पर क्या एक्शन हुआ?

सूर्यनारायण दुल्ला उस परीक्षा में निगरानी की जिम्मेदारी निभा रहे थे, जिसमें साहिल को मोबाइल फोन के इस्तेमाल के आरोप में पकड़े जाने की बात सामने आई थी। साहिल के माता-पिता की शिकायत के बाद उनका नाम दर्ज FIR में भी शामिल है। आईआईटी बॉम्बे ने सूर्यनारायण दुल्ला को तत्काल प्रभाव से डीन पद से निलंबित कर दिया है।

संस्थान ने कहा है कि आगे की कार्रवाई जांच के नतीजों के आधार पर होगी। वहीं आईआईटी बॉम्बे के फैकल्टी फोरम ने दुल्ला का समर्थन किया है। फोरम का कहना है कि प्रोफेसर ने परीक्षा के दौरान संस्थान के तय नियमों के तहत कार्रवाई की और घटना की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी थी।

डायरेक्टर के इस्तीफे पर IIT ने क्या कहा?

साहिल की मौत के बाद छात्रों ने लगातार विरोध प्रदर्शन किया। 20 सितंबर रात संस्थान के निदेशक प्रोफेसर शिरीष बी. केदारे ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ करीब तीन घंटे बैठक की थी। इस दौरान उन्होंने छात्रों की 18 मांगों वाले दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए।

बैठक के बाद उनके इस्तीफे की खबरें सामने आईं। हालांकि आईआईटी बॉम्बे ने सोमवार (21 सितंबर) को साफ किया कि "डायरेक्टर शिरीष केदारे ने इस्तीफा नहीं दिया है। उनके इस्तीफे से जुड़ी खबरें गलत हैं।" निदेशक के इस्तीफे को लेकर आगे की प्रक्रिया और बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक पर नजर बनी हुई है।

छात्रों की 18 मांगों में क्या-क्या शामिल है?

छात्रों ने सिर्फ प्रोफेसर पर कार्रवाई की मांग नहीं की है। उनकी मांगों में संस्थान की कार्यप्रणाली में बदलाव भी शामिल हैं।

छात्रों की प्रमुख मांगें हैं

  • साहिल की मौत की स्वतंत्र जांच कराई जाए।
  • संस्थान साहिल की छवि खराब करने वाले पुराने बयान पर सार्वजनिक माफी मांगे।
  • शैक्षणिक समितियों में छात्रों की भागीदारी बढ़ाई जाए।
  • शिक्षकों के लिए मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम हों।
  • कैंपस में काउंसलिंग और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाया जाए।
  • प्रशासन की ओर से मांगों पर हर हफ्ते प्रगति रिपोर्ट दी जाए।
  • एक महीने के भीतर तय मांगें लागू नहीं होने पर निदेशक और संबंधित डीन के इस्तीफे पर विचार हो।
  • छात्रों ने चार आत्महत्या मामलों की स्वतंत्र जांच और अधिकारियों के साथ ओपन हाउस बैठक की मांग भी रखी है।

माता-पिता ने लगाए जातिगत भेदभाव के आरोप

साहिल के पिता रविंद्र वाकोडे ने पुलिस शिकायत में प्रोफेसर दुल्ला समेत कई लोगों पर बेटे को कथित तौर पर प्रताड़ित करने और जातिसूचक गालियां देने के आरोप लगाए हैं। शिकायत में संस्थान के निदेशक, कुछ फैकल्टी सदस्य और वरिष्ठ अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं।

परिवार ने आरोप लगाया है कि साहिल को जाति के आधार पर परेशान किया गया। पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी-एसटी अत्याचार निवारण कानून की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। आईआईटी प्रशासन ने जातिगत भेदभाव के आरोपों को खारिज किया है। अब मुंबई क्राइम ब्रांच मामले की जांच कर रही है।

IIT Death

IIT में छात्र आत्महत्याओं का बढ़ता सवाल

साहिल की मौत ने देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और शैक्षणिक दबाव पर फिर चर्चा छेड़ दी है। उपलब्ध रिपोर्टों में ग्लोबल आईआईटी एलुमनाई सपोर्ट ग्रुप के हवाले से दावा किया गया है कि पिछले 20 वर्षों में आईआईटी के करीब 160 छात्रों की आत्महत्या से मौत हुई है।

आपके दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 में आईआईटी परिसरों में छात्र आत्महत्याओं की संख्या 16 रही थी। इस साल आईआईटी बॉम्बे में साहिल की मौत को तीसरा और देश में नौवां मामला बताया गया है। इन आंकड़ों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि इस रिपोर्ट के लिए उपलब्ध नहीं है।

शिक्षा मंत्रालय ने 2024 में 1,000 छात्रों पर एक काउंसलर का लक्ष्य रखा था। लेकिन उपलब्ध आंकड़ों में आईआईटी खड़गपुर में एक काउंसलर पर करीब 1,500 छात्र, आईआईटी दिल्ली में 1,214 और आईआईटी कानपुर में 1,058 छात्र होने की बात सामने आई थी।

साहिल की मौत के बाद 400 से ज्यादा छात्रों ने प्रदर्शन किया। विरोध के बीच संस्थान ने मिड-सेमेस्टर परीक्षाएं भी टाल दी हैं। अब इस मामले में पुलिस जांच, संस्थान की आंतरिक प्रक्रिया और छात्रों की मांगों पर होने वाली कार्रवाई पर सबकी नजर है।

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