IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या मामले में एक्शन, प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला निलंबित

IIT Bombay student Case: आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद छात्रों के प्रदर्शन के बाद प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला को निलंबित कर दिया गया. इस बात की जानकारी आईआईटी बॉम्बे के डायरेक्टर शिरीष केदारे ने दी.

IIT Bombay student Case: आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद छात्रों के प्रदर्शन के बाद प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला को निलंबित कर दिया गया. इस बात की जानकारी आईआईटी बॉम्बे के डायरेक्टर शिरीष केदारे ने दी.

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IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या मामले में एक्शन Photograph: (File)

IIT Bombay student Case: मुंबई स्थित IIT बॉम्बे में छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद जारी विवाद के बीच संस्थान ने प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला को सस्पेंड कर दिया है. आईआईटी बॉम्बे के निदेशक प्रोफेसर शिरीष केदार ने छात्रों को भेजे ईमेल में इस फैसले की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि डूला के खिलाफ आगे की कार्रवाई जांच पूरी होने के बाद तय की जाएगी.

छात्रों की मांगों के बाद हुआ एक्शन

बता दें कि आईआईटी बॉम्बे ने प्रोफेसर डूला को छात्रों के विरोध प्रदर्शन और उनके द्वारा रखी गई मांगों के बाद सस्पेंड किया गया है. बता दें कि साहिल वाकोडे IIT बॉम्बे के एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में दूसरे वर्ष का छात्र था. 18 सितंबर को परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर उनसे जुड़ा एक मामला सामने आया था. संस्थान और फैकल्टी फोरम के मुताबिक, परीक्षा के दौरान कथित तौर पर साहिल ने फोन का इस्तेमाल किया और पश्नपत्र को चैटजीपीटी पर डाला. हालांकि IIT बॉम्बे ने पहले कहा था कि इस घटना को लेकर छात्र के खिलाफ औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी.

परिवार ने लगाए उत्पीड़न और जातिगत टिप्पणी के आरोप

वहीं दूसरी ओर साहिल की मौत के बाद उनके परिवार ने प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला और संस्थान के कुछ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए. परिवार की शिकायत में दावा किया गया कि साहिल को कथित तौर पर परेशान किया गया और पिछले कुछ समय से उसके साथ जातिगत टिप्पणियां की गईं. परिवार की शिकायत के आधार पर मुंबई पुलिस ने डूला और अन्य संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया.

FIR में खुदकुशी के लिए उकसाने से जुड़ी धारा के साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) कानून की संबंधित धाराएं भी लगाई गई हैं. इस मामले में अब मुंबई क्राइम ब्रांच जांच कर रही है. हालांकि, परिवार की ओर से लगाए गए आरोप अभी जांच का विषय हैं और पुलिस जांच पूरी होने से पहले उन्हें तथ्यों के तौर पर देखा जा सकता है.

फैकल्टी फोरम ने डूला का किया बचाव

इस बीच IIT बॉम्बे फैकल्टी फोरम ने प्रोफेसर डूला के समर्थन में बयान जारी किया. फोरम के मुताबिक, परीक्षा के दौरान डूला ने संस्थान की सीनेट से मंजूर अकादमिक नीतियों के तहत अपनी जिम्मेदारी निभाई थी. फोरम ने बताया कि 18 सितंबर को मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान डूला इनविजिलेटर की भूमिका में थे. उनके अनुसार, उन्होंने एक छात्र को बिना अनुमति स्मार्टफोन रखने और उसका इस्तेमाल करते देखा. फैकल्टी फोरम ने इसे अकादमिक नियमों के उल्लंघन का मामला बताया और साथ ही साहिल के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की.

परीक्षा को लेकर संस्थान का क्या कहना है?

IIT बॉम्बे की ओर से पहले दी गई जानकारी के मुताबिक, साहिल को परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पाया गया था. संस्थान का कहना था कि छात्र ने कथित तौर पर परीक्षा का प्रश्नपत्र AI प्लेटफॉर्म पर अपलोड कर उत्तर जानने की कोशिश की. हालांकि, बाद में छात्र की मौत के बाद इस घटना को लेकर संस्थान की शुरुआती सार्वजनिक प्रतिक्रिया पर भी सवाल उठे. छात्रों ने आरोप लगाया कि मृत छात्र को अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं मिला. इसके बाद IIT बॉम्बे ने अपनी पहले की कुछ टिप्पणियों के लिए माफी भी मांगी और कहा कि आधिकारिक जांच पूरी होने से पहले घटना की परिस्थितियों पर अंतिम निष्कर्ष देना उचित नहीं है.

कौन हैं प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला?

बता दें कि प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला IIT बॉम्बे के एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग से जुड़े हैं. उनका अकादमिक और शोध कार्य मुख्य रूप से पावर इलेक्ट्रॉनिक्स तथा पावर सिस्टम जैसे क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है. उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है और इसके बाद IIT बॉम्बे से एनर्जी सिस्टम्स इंजीनियरिंग में एमटेक की डिग्री हासिल की है. इसके साथ ही उन्होंने IIT दिल्ली से पावर सिस्टम्स में पीएचडी की है. IIT बॉम्बे से जुड़ने से पहले वे तकनीकी और शोध से संबंधित संस्थानों में काम कर चुके हैं. IIT बॉम्बे में डूला अध्यापन और शोध के अलावा विभिन्न प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी संभाल चुके हैं. हालिया विवाद के बाद उन्हें प्रशासनिक डीन के पद से निलंबित कर दिया गया.