IIT बॉम्बे में PhD को लेकर बदला नियम, अब 8 साल में पूरी करनी होगी पीएचडी

आईआईटी बॉम्बे ने PhD करने वाले छात्रों के लिए बड़ा बदलाव किया है. संस्थान ने नए PhD रजिस्ट्रेशन के लिए अधिकतम अवधि 8 साल तय कर दी है. यानी अब नए छात्रों को अपनी रिसर्च और थीसिस तय समय सीमा के भीतर पूरी करनी होगी. यह फैसला उन मामलों की समीक्षा के बाद लिया गया है, जिनमें कई छात्रों की PhD लंबे समय तक पूरी नहीं हो पाई थी. संस्थान का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य छात्रों को समय पर डिग्री दिलाना और लंबे समय से लंबित PhD मामलों की संख्या कम करना है. हाल ही में संस्थान ने रिकॉर्ड 620 PhD डिग्रियां भी प्रदान की हैं.

8 साल में पूरी करनी होगी PhD

आईआईटी बॉम्बे ने नए PhD छात्रों के लिए डिग्री पूरी करने की अधिकतम सीमा 8 वर्ष निर्धारित की है. संस्थान के निदेशक शिरीष केदारे के अनुसार, PhD के लंबित मामलों की समीक्षा की गई ताकि यह समझा जा सके कि छात्रों को डिग्री पूरी करने में इतना समय क्यों लग रहा है. समीक्षा के बाद देरी की वजहों को दूर करने और छात्रों को समय पर PhD पूरी कराने पर जोर दिया गया.

संस्थान के सामने कुछ ऐसे मामले भी आए, जिनमें PhD रजिस्ट्रेशन 10 साल से अधिक समय तक लंबित रहे. नई समय सीमा ऐसे मामलों को कम करने में मदद करेगी. साथ ही पुराने लंबित मामलों का बैकलॉग घटाने में भी समीक्षा का फायदा हुआ है.

एक साल में रिकॉर्ड 620 PhD डिग्रियां

एकेडमिक ईयर 2025-26 में आईआईटी बॉम्बे ने कुल 620 PhD डिग्रियां प्रदान कीं. यह संस्थान के इतिहास में एक साल में दी गई सबसे अधिक PhD डिग्रियां हैं. इससे पहले किसी एक वर्ष में PhD डिग्रियों की संख्या 500 के आंकड़े को भी पार नहीं कर पाई थी.

इन 620 डिग्रियों में केमिकल इंजीनियरिंग की 77, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की 62, मैकेनिकल इंजीनियरिंग की 49 और ह्यूमैनिटीज से जुड़ी 40 डिग्रियां शामिल हैं.

PhD में देरी की कई वजहें

समीक्षा में सामने आया कि PhD पूरी होने में देरी के पीछे कई कारण रहे. इनमें गाइड या सुपरवाइजर का दूसरे प्रोजेक्ट में व्यस्त होना, छात्रों का नौकरी में चले जाना, बाहरी उम्मीदवारों का प्रोग्राम छोड़ देना और कोविड-19 महामारी के कारण रिसर्च प्रभावित होना शामिल है.

आईआईटी बॉम्बे के 64वें दीक्षांत समारोह में कुल 3,763 डिग्रियां 3,442 छात्रों को दी गईं. इनमें 1,713 अंडरग्रेजुएट, 1,430 पोस्टग्रेजुएट और 620 PhD डिग्रियां थीं. समारोह में 28 छात्रों को तीन वर्षीय BS डिग्री भी मिली. यह चार वर्षीय BTech से पहले बाहर निकलने का विकल्प है, जो स्टार्टअप शुरू करने या अन्य कारणों से BTech पूरा न कर पाने वाले छात्रों के लिए उपयोगी हो सकता है.

सपना यादव

सपना यादव

दिल्ली में जन्मीं सपना यादव TV9 भारतवर्ष डिजिटल में बतौर असिस्‍टेंट प्रड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता जगत में 4 वर्षों से ज्‍यादा के अनुभव के साथ काम जारी है. ह्यूमन इंटरेस्ट, राजनीति, वर्ल्ड, एजुकेशन, नॉलेज, करंट अफेयर्स से जुड़ी खबरों में खास दिलचस्पी रखती हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी से BA Hons. हिस्ट्री की पढ़ाई करने के बाद उन्‍होंने पत्रकारिता को लक्ष्‍य बनाया, फिर जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा इन टीवी जर्नलिज्म किया, जामिया से ही हिस्ट्री में मास्टर्स भी किया और फिर इसके बाद गुरु जम्बेश्वर साइंस एंड टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. मास कम्‍यूनिकेशन में पत्रकारिता की डिग्री लेने के बाद जमीनी स्तर पर खबरों के महत्व को समझा. इसके बाद उन्‍होंने बतौर ट्रेनी TV9 भारतवर्ष डिजिटल में एक साल तक काम किया. ट्रेनी के दौरान अलग-अलग तरह की खबरों का अनुभव लेने के बाद TV9 भारतवर्ष डिजिटल में असिस्‍टेंट प्रड्यूसर के पद पर काम शुरू किया. यहां पर एंकरिंग, वॉइस ओवर, वीडियो प्रोडक्शन, न्यूज राइटिंग जैसे काम किए. इस समय वह एजुकेशन डेस्क पर कार्यरत हैं और स्टूडेंट्स के लिए करियर से जुड़े विकल्पों, बोर्ड परीक्षाओं, नौकरियों और प्रतियोगी परीक्षाओं और यूनिवर्सिटीज की महत्वपूर्ण जानकारियों को कवर कर रही हैं. सपना यादव को ट्रेवल करना, लिखना- पढ़ना पसंद है और वो प्रकृति को करीब से महसूस करना ज्यादा पसंद करती हैं. पत्रकारिता में सफर अभी जारी है.

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