IMD Heavy Rain Alert: बंगाल की खाड़ी में गहराया 'डीप डिप्रेशन', ओडिशा, आंध्र और तेलंगाना में भारी बारिश की चेतावनी - Haribhoomi

बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवातीय दबाव का क्षेत्र अब 'डीप डिप्रेशन' में तब्दील हो गया है। मौसम विभाग (IMD) ने इसके चलते ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में अगले 48 घंटों के दौरान मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है।

 Heavy Rain Alert

कई इलाकों में आकाशीय बिजली, मूसलाधार बारिश और तेज तूफान आने की आशंका है।

  • Published: 23 Sep 2026, 07:34 AM IST
  • Last Updated: 23 Sep 2026, 07:44 AM IST

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवातीय दबाव के चलते ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना समेत दक्षिण-पूर्वी भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

मौसम विभाग के अनुसार, यह दबाव अब और मजबूत होकर 'डीप डिप्रेशन' बन रहा है और विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) तथा गोपालपुर (ओडिशा) के बीच तटीय क्षेत्रों से टकराने की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से कई इलाकों में आकाशीय बिजली, मूसलाधार बारिश और तेज तूफान आने की आशंका है।

​किन जिलों में रेड अलर्ट और कहां बंद रहेंगे स्कूल? 
​ओडिशा और आंध्र प्रदेश के जिला प्रशासनों ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं:

​ओडिशा: IMD ने गंजाम, गजपति, कोरापुट, मलकानगिरी, कालाहांडी और कंधमाल जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। स्थानीय प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए खोरधा, जगतसिंहपुर, गंजाम, गजपति और मलकानगिरी समेत संवेदनशील जिलों में सभी स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्रों में छुट्टी घोषित कर दी है।

​आंध्र प्रदेश: उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश (जैसे विशाखापत्तनम, विजयनगरम और श्रीकाकुलम) में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना के चलते प्रशासन अलर्ट मोड पर है।

​तेलंगाना: तेलंगाना के कई इलाकों में भी अगले 3 दिनों के लिए मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

​75 किलोमीटर प्रति घंटे तक चल सकती हैं हवाएं 
​मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस 'डीप डिप्रेशन' के लैंडफॉल के दौरान तटीय क्षेत्रों में 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे से लेकर 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चल सकती हैं। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने समुद्र में ऊंची लहरें उठने की चेतावनी दी है और मछुआरों को अगले 2-3 दिनों तक समुद्र में न उतरने की सख्त सलाह दी है।

​राहत एवं बचाव दल अलर्ट पर 
​ओडिशा के मुख्यमंत्री और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने 11 से अधिक जिलों के कलेक्टर्स को चौबीसों घंटे निगरानी रखने का निर्देश दिया है। निचले और संवेदनशील इलाकों से लोगों को निकालने के लिए चक्रवात एवं बाढ़ राहत शिविर तैयार किए गए हैं। आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए NDRF और ODRAF की टीमों को तैनात कर दिया गया है।