Indian Mithais: अपने शहरों की पहचान हैं भारत की ये 7 मशहूर मिठाइयां, स्वाद के साथ जुड़ा है इनका इतिहास| Navbharat Live

Traditional Indian Mithais: भारतीय मिठाइयां अक्सर त्योहारों और जश्न से जुड़ी होती हैं। कई मिठाइयों के नाम उस जगह के नाम पर रखे गए हैं, जहां इनका ईजाद हुआ है। आगरा के पेठे से लेकर मथुरा के पेड़े तक। आइए, कुछ सबसे मशहूर मिठाइयों पर नजर डालें।

Raksha bandhan 2026 indian mithais named after their place of origin

मिठाई (फोटो.सोशल मीडिया)

1 / 7 पेठा- यह सबसे मशहूर मिठाइयों में से एक है। यह सफ़ेद पेठे से बनी एक पारदर्शी मिठाई है, जिसे चीनी की चाशनी में पकाया जाता है और यह आगरा की पहचान बन चुकी है। यह हल्की, रसीली और मीठी होती है। इसके कई फ़्लेवर भी आते हैं, लेकिन इसका क्लासिक वर्जन ही सबसे बेहतरीन है।

पेठा- यह सबसे मशहूर मिठाइयों में से एक है। यह सफ़ेद पेठे से बनी एक पारदर्शी मिठाई है, जिसे चीनी की चाशनी में पकाया जाता है और यह आगरा की पहचान बन चुकी है। यह हल्की, रसीली और मीठी होती है। इसके कई फ़्लेवर भी आते हैं, लेकिन इसका क्लासिक वर्जन ही सबसे बेहतरीन है।

2 / 7 तिरूनेलवेली हलवा- इसे 'इरुट्टु कड़ाई हलवा' के नाम से भी जाना जाता है। यह तमिलनाडु की एक मशहूर मिठाई है, जिसमें खूब सारा घी होता है। इसकी शुरुआत तिरुनेलवेली शहर से हुई थी, जो अपने मंदिरों के लिए मशहूर है। इसे भीगे हुए सांबा गेहूं से निकले दूध से बनाया जाता है, जिसे चीनी और ढेर सारे घी के साथ घंटों तक धीमी आँच पर पकाया जाता है।

तिरूनेलवेली हलवा- इसे 'इरुट्टु कड़ाई हलवा' के नाम से भी जाना जाता है। यह तमिलनाडु की एक मशहूर मिठाई है, जिसमें खूब सारा घी होता है। इसकी शुरुआत तिरुनेलवेली शहर से हुई थी, जो अपने मंदिरों के लिए मशहूर है। इसे भीगे हुए सांबा गेहूं से निकले दूध से बनाया जाता है, जिसे चीनी और ढेर सारे घी के साथ घंटों तक धीमी आँच पर पकाया जाता है।

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3 / 7 मैसूर पाक- यह एक बहुत लोकप्रिय भारतीय मिठाई है। यह घी की खुशबू और मुंह में घुल जाने वाली बनावट के लिए मशहूर है। इसकी शुरुआत मैसूर की शाही रसोई में हुई थी और इसे सिर्फ बेसन, चीनी और काफी मात्रा में घी से बनाया जाता है।

मैसूर पाक- यह एक बहुत लोकप्रिय भारतीय मिठाई है। यह घी की खुशबू और मुंह में घुल जाने वाली बनावट के लिए मशहूर है। इसकी शुरुआत मैसूर की शाही रसोई में हुई थी और इसे सिर्फ बेसन, चीनी और काफी मात्रा में घी से बनाया जाता है।

4 / 7 बाल मिठाई- यह उत्तराखंड की सबसे मशहूर मिठाइयों में से एक है, जो पहाड़ी शहर अल्मोड़ा से खास तौर पर जुड़ी है और इसे अक्सर पहाड़ों की चॉकलेट कहा जाता है। इसे भुने हुए खोये से बनाया जाता है और ऊपर से चीनी के छोटे-छोटे दानों की कोटिंग की जाती है। इसका स्वाद और बनावट अनोखी और फजी होती है।

बाल मिठाई- यह उत्तराखंड की सबसे मशहूर मिठाइयों में से एक है, जो पहाड़ी शहर अल्मोड़ा से खास तौर पर जुड़ी है और इसे अक्सर पहाड़ों की चॉकलेट कहा जाता है। इसे भुने हुए खोये से बनाया जाता है और ऊपर से चीनी के छोटे-छोटे दानों की कोटिंग की जाती है। इसका स्वाद और बनावट अनोखी और फजी होती है।

5 / 7 घेवर- यह राजस्थान की एक मशहूर त्योहारों वाली मिठाई है, जो मधुमक्खी के छत्ते जैसी बनावट और डिस्क के आकार के लिए जानी जाती है। यह तीज और रक्षाबंधन के दौरान बहुत पसंद की जाती है। इसे बनाने के लिए मैदे के पतले घोल को गर्म घी या तेल में डाला जाता है, जिससे इसमें जालीदार जैसी खास बनावट बनती है। फिर इसे चाशनी में डुबोया जाता है और ऊपर से रबड़ी, मेवे और चांदी का वर्क लगाकर सजाया जाता है।

घेवर- यह राजस्थान की एक मशहूर त्योहारों वाली मिठाई है, जो मधुमक्खी के छत्ते जैसी बनावट और डिस्क के आकार के लिए जानी जाती है। यह तीज और रक्षाबंधन के दौरान बहुत पसंद की जाती है। इसे बनाने के लिए मैदे के पतले घोल को गर्म घी या तेल में डाला जाता है, जिससे इसमें जालीदार जैसी खास बनावट बनती है। फिर इसे चाशनी में डुबोया जाता है और ऊपर से रबड़ी, मेवे और चांदी का वर्क लगाकर सजाया जाता है।

6 / 7 पेड़ा- यह कर्नाटक की सबसे मशहूर मिठाइयों में से एक है और अपने गहरे कैरमल रंग और दानेदार बनावट के लिए जानी जाती है। इसे मावा और चीनी को घी के साथ धीमी आंच पर पकाकर बनाया जाता है।

पेड़ा- यह कर्नाटक की सबसे मशहूर मिठाइयों में से एक है और अपने गहरे कैरमल रंग और दानेदार बनावट के लिए जानी जाती है। इसे मावा और चीनी को घी के साथ धीमी आंच पर पकाकर बनाया जाता है।

7 / 7 मथुरा के पेड़े- इसकी शुरुआत भगवान कृष्ण की जन्मभूमि मथुरा से हुई है। यह अपने भरपूर खोये के स्वाद और हल्के दानेदार टेक्सचर के लिए जानी जाती है और इसे पारंपरिक रूप से खोया, चीनी या बूरा और घी से बनाया जाता है।

मथुरा के पेड़े- इसकी शुरुआत भगवान कृष्ण की जन्मभूमि मथुरा से हुई है। यह अपने भरपूर खोये के स्वाद और हल्के दानेदार टेक्सचर के लिए जानी जाती है और इसे पारंपरिक रूप से खोया, चीनी या बूरा और घी से बनाया जाता है।

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Published On: Jul 11, 2026 | 05:21 PM