Indian Woman Killed: जिसे माना अपना हमसफर वही निकला कातिल, कनाडा में पंजाब की बेटी की हत्या!
कनाडा के एक बंद घर से आई वो खौफनाक कॉल और 9 दिनों तक छिपाया गया मौत का असली राज! जानिए पंजाब की दमनप्रीत कौर मर्डर मिस्ट्री का वो सच जिसने सबको चौंका दिया।
नई दिल्ली/एडमोंटन:कनाडाके अल्बर्टा प्रांत से एक ऐसी खौफनाक खबर सामने आई है जिसने सात समंदर पार बैठे एक भारतीय परिवार को जीते जी मार दिया है। पंजाब के लुधियाना जिले के एक शांत से कस्बे समराला की रहने वाली 23 वर्षीय दमनप्रीत कौर, आँखों में सुनहरे भविष्य के सपने संजोकर कनाडा गई थी। लेकिन किसे पता था कि जिस पार्टनर के साथ वह एक नए जीवन की शुरुआत कर रही थी, वही उसकी जान का दुश्मन बन जाएगा। एडमोंटन के एक सुनसान घर में जो कुछ भी हुआ, उसने कनाडा से लेकर भारत तक के सुरक्षा विभागों और प्रवासियों को झकझोर कर रख दिया है।
आधी रात की वो रहस्यमयी कॉल: सिल्वरबेरी के उस बंद घर में क्या हुआ था?
यह कहानी शुरू होती है 9 जुलाई 2026 की शाम को। स्थानीय समयानुसार शाम के करीब 6:44 बजे एडमोंटन पुलिस सर्विस (EPS) के कंट्रोल रूम में एक हड़बड़ाई हुई कॉल आती है। सूचना थी कि साउथईस्ट ब्रांच के सिल्वरबेरी इलाके के एक आलीशान घर में एक महिला बेसुध और लहूलुहान हालत में पड़ी है। जब पेट्रोलिंग अधिकारी मौके पर पहुंचे, तो वहां का मंजर देखकर उनके होश उड़ गए। दमनप्रीत कौर वहां जिंदगी और मौत के बीच झूल रही थी, उसके शरीर पर संदिग्ध चोटों के गहरे निशान थे। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए तुरंत घर के भीतर मौजूद एक वयस्क पुरुष को हिरासत में ले लिया। दमनप्रीत को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की एक पूरी टीम उसे बचाने में जुट गई। लेकिन तीन दिनों तक वेंटिलेटर पर मौत से जंग लड़ने के बाद, 12 जुलाई को दमनप्रीत ने दम तोड़ दिया।

ऑटोप्सी रिपोर्ट का वो खौफनाक सच: जिसे पुलिस ने 9 दिनों तक दुनिया से छिपाया
दमनप्रीत की मौत के बाद 14 जुलाई को एडमोंटन मेडिकल एक्जामिनर ऑफिस ने पोस्टमार्टम (ऑटोप्सी) की प्रक्रिया पूरी की। मेडिकल बोर्ड ने साफ तौर पर मौत का कारण "हत्या" (Homicide) करार दिया। लेकिन, सबसे बड़ा सस्पेंस यह था कि आखिर दमनप्रीत को इतनी बेरहमी से किसने और कैसे मारा? पुलिस ने 'जांच के बेहद गोपनीय कारणों' का हवाला देते हुए लगभग 9 दिनों तक मौत के असली कारण को दुनिया से छिपाकर रखा। आखिरकार, 23 जुलाई को जब पुलिस ने इस राज से पर्दा उठाया, तो हर कोई सन्न रह गया। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि दमनप्रीत की मौत किसी हथियार से नहीं, बल्कि गला घोंटने (Strangulation) की वजह से हुई थी। घुटती हुई सांसों के बीच उसने अपने ही घर में दम तोड़ दिया था।
रितीश कुमार की गिरफ्तारी: 'इंटिमेट पार्टनर होमिसाइड' का वो काला चेहरा
इस मर्डर मिस्ट्री की कड़ियां जैसे ही खुलीं, पुलिसका शक दमनप्रीत के बेहद करीबी पर जाकर टिक गया। बुधवार, 22 जुलाई 2026 को एडमोंटन पुलिस ने दमनप्रीत के 22 वर्षीय पार्टनर रितीश कुमार को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। रितीश पर पुलिस ने सेकंड-डिग्री मर्डर (द्वितीय श्रेणी की हत्या) का संगीन आरोप लगाया है। पुलिस अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर बयान जारी कर कहा कि यह मामला विशुद्ध रूप से 'इंटिमेट पार्टनर होमिसाइड' (घरेलू साथी द्वारा की गई हत्या) का है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि इस वारदात में रितीश के अलावा कोई दूसरा एंगल नहीं है और वे किसी अन्य संदिग्ध की तलाश नहीं कर रहे हैं। जिस हमसफर पर दमनप्रीत ने भरोसा किया, वही कानून की नजरों में उसका कातिल निकला।
आखिरी विदा की छटपटाहट: सात समंदर पार शव लाने की बेबस जद्दोजहद
पंजाब के समराला में रहने वाले दमनप्रीत के माता-पिता पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बेटी की मौत के गम के बीच अब लाचार परिवार के सामने सबसे बड़ी चुनौती दमनप्रीत के पार्थिव शरीर को भारत वापस लाना है। एक मध्यमवर्गीय परिवार के लिए अंतर्राष्ट्रीय ट्रांसपोर्टेशन, कनाडाई कागजी कार्रवाई और अंतिम संस्कार का भारी-भरकम खर्च उठाना इस दुखद समय में नामुमकिन जैसा हो गया है।
बेटी को आखिरी बार देखने और उसे गरिमामयी अंतिम विदाई देने के मकसद से सोशल मीडिया पर एक GoFundMe कैंपेन शुरू किया गया है। इस डोनेशन अपील में बताया गया है कि परिवार इस वक्त किस गंभीर आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहा है। हालांकि, इंसानियत अभी जिंदा है; $20,000 के निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले अब तक लगभग $19,000 की रकम जमा की जा चुकी है। पूरा भारतीय समुदाय इस बेबस परिवार की मदद के लिए एकजुट खड़ा है, लेकिन समराला की गलियां आज अपनी उस बेटी के लिए रो रही हैं, जो कभी लौटकर नहीं आएगी।
भारतीय समुदाय में चिंता, घरेलू हिंसा पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदाय के बीच घरेलू हिंसा और संबंधों में बढ़ती हिंसक घटनाओं को लेकर चिंता बढ़ा दी है। सोशल मीडियापर लोग दमनप्रीत कौर को श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ पीड़ित परिवार के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में समय रहते सहायता लेना, हिंसा के संकेतों की पहचान करना और स्थानीय सहायता सेवाओं तक पहुंच बनाना बेहद महत्वपूर्ण होता है।
जांच अभी जारी, अदालत के फैसले पर टिकी निगाहें
फिलहाल पुलिस ने मामले में हत्या का आरोप तय कर दिया है और आरोपी न्यायिक प्रक्रिया का सामना करेगा। आगे की सुनवाई में अदालत उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों और जांच रिपोर्ट के आधार पर फैसला करेगी। दमनप्रीत कौर की मौत सिर्फ एक आपराधिक जांच का विषय नहीं, बल्कि उन परिवारों के लिए भी एक दर्दनाक याद बन गई है जो बेहतर भविष्य की उम्मीद लेकर विदेश जाते हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि अदालत में पेश होने वाले सबूत इस मामले की पूरी सच्चाई को किस तरह सामने लाते हैं।