Indore Gas Pipeline Blast:पुलिस ने पार्षद को बनाया आरोपी, कोर्ट को दी जानकारी - Haribhoomi
इंदौर के विजयनगर में हुए गैस पाइपलाइन विस्फोट मामले में पुलिस ने भाजपा पार्षद बालमुकुंद सोनी को आरोपी बना लिया है। हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान पुलिस ने इसकी जानकारी दी। कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद जांच में तेजी आई है।
इंदौर गैस पाइपलाइन हादसा - फोटो Social Media
- Published: 21 Jul 2026, 04:07 PM IST
- Last Updated: 21 Jul 2026, 04:07 PM IST
इंदौर: इंदौर के विजयनगर क्षेत्र में 23 जून को हुए अवंतिका गैस पाइपलाइन विस्फोट मामले में जांच ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस ने इस मामले में भाजपा पार्षद बालमुकुंद सोनी को भी आरोपी बना लिया है। मंगलवार को हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान पुलिस ने कोर्ट को इसकी जानकारी दी। इससे पहले इस मामले की जांच की दिशा को लेकर अदालत ने पुलिस पर सवाल उठाए थे।
पार्षद की मौजूदगी में बोरिंग कार्य कराया गया
सुनवाई के दौरान पुलिस ने बताया कि हादसे के समय पार्षद बालमुकुंद सोनी घटनास्थल पर मौजूद थे। प्रारंभिक जांच और नगर निगम की रिपोर्ट के अनुसार, बोरिंग के लिए स्थान तय करने में उनकी भूमिका सामने आई है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि मौके पर पार्षद की मौजूदगी में बोरिंग का कार्य कराया जा रहा था।
गौरतलब है कि पिछली सुनवाई में जांच अधिकारी ने केस डायरी अदालत में पेश की थी। उस दौरान कोर्ट ने जांच की धीमी गति और दिशा पर नाराजगी जताई थी। अदालत ने यह भी कहा था कि यदि जांच में लापरवाही जारी रही तो मामले की जांच किसी दूसरी एजेंसी को सौंपने पर विचार किया जा सकता है।
पार्षद को भी आरोपी बनाया गया
कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद पुलिस ने जांच में तेजी लाई और अब पार्षद बालमुकुंद सोनी को भी आरोपी बनाया गया है। सुनवाई के दौरान बोरिंग मशीन और घटना में इस्तेमाल वाहन को मालिक के सुपुर्द किए जाने के मुद्दे पर भी सवाल उठे। इस पर अधिकारियों ने अदालत को बताया कि जिला अदालत के आदेश के आधार पर सुपुर्दगी की प्रक्रिया पूरी की गई थी।
युवती का इलाज कोर्ट के निर्देश पर
इस हादसे में गंभीर रूप से झुलसी एक युवती का इलाज कोर्ट के निर्देश पर एयर एंबुलेंस से अहमदाबाद में कराया जा रहा है। आग की चपेट में आने से उसके चेहरे की त्वचा बुरी तरह झुलस गई थी और फिलहाल उसका उपचार जारी है। हादसे में एक अन्य युवक भी घायल हुआ था।
23 जून को हुए इस गैस पाइपलाइन विस्फोट के बाद से पीड़ितों को अब तक सरकारी मुआवजा नहीं मिलने का मुद्दा भी चर्चा में है। मामले की अगली सुनवाई में जांच की प्रगति और अन्य आरोपियों की भूमिका पर भी अदालत की नजर रहेगी।