INH 24*7 की खबर का बड़ा असर: बड़े तालाब की हद जानने ड्रोन सर्वे, संवेदनशील इलाकों की रिकॉर्डिंग - Haribhoomi

NGT के आदेश के बाद भोपाल के बड़े तालाब की सीमा, FTL, ग्रीन बेल्ट और जलभराव क्षेत्र की स्थिति जानने ड्रोन सर्वे किया गया। कई जगह FTL के मुनारे नहीं मिले और भराव व अन्य निर्माण सामने आए। बैरागढ़कलां में अवैध कॉलोनियों पर भी कार्रवाई की गई।

Bhopal Bada Talab

भोपाल के बड़े तालाब की हद जानने ड्रोन सर्वे

  • Published: 07 Sep 2026, 11:15 AM IST
  • Last Updated: 07 Sep 2026, 11:15 AM IST

भोपाल: INH 24*7 की खबर का बड़ा असर देखने को मिला है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के आदेश के बाद भोपाल के बड़े तालाब यानी भोजताल की वास्तविक सीमा और अतिक्रमण की स्थिति जानने के लिए ड्रोन सर्वे शुरू किया गया। गौहर महल के पास से ड्रोन उड़ाकर सर्वे की शुरुआत हुई।

सर्वे के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों की ड्रोन रिकॉर्डिंग के साथ-साथ मौके पर ग्राउंड ट्रुथिंग भी की गई। टीम ने खानूगांव, कोहेफिजा, हलालपुरा और चिरायु अस्पताल क्षेत्र सहित कई स्थानों का निरीक्षण किया।
सर्वे के दौरान पर्यावरणविद् और याचिकाकर्ता डॉ. सुभाष सी. पांडे और राशिद नूर भी मौजूद रहे। टीम ने बड़े तालाब की सीमा, फुल टैंक लेवल (FTL), ग्रीन बेल्ट और वास्तविक जलभराव क्षेत्र से जुड़े बिंदुओं का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान कई जगह रिटेनिंग वॉल के ऊपर से पानी बहता मिला। करबला पंप हाउस के सामने, श्रीन नदी के आसपास और दूसरे हिस्सों में तालाब के अंदर जलकुंभी और पानी में उगने वाली घास का फैलाव भी देखा गया।

खानूगांव में FTL के मुनारे नहीं मिले
खानूगांव क्षेत्र के कई स्थानों पर FTL और ग्रीन बेल्ट के मुनारे मौके पर दिखाई नहीं दिए। टीम ने उन स्थानों का भी निरीक्षण किया, जहां पानी वास्तविक रूप से काफी आगे तक फैला हुआ मिला। सर्वे टीम खानूगांव की निर्माणाधीन क्रूज साइट, आर्मी स्पोर्ट्स एरिया, कोहेफिजा, हलालपुरा के फिजा फार्म, लैंडमार्क मैरिज गार्डन के पीछे और चिरायु अस्पताल के आसपास पहुंची।


हलालपुरा के फिजा फार्म क्षेत्र में एक पक्का पुल बना मिला। इसके आगे तक पानी फैला हुआ था। वहीं लैंडमार्क मैरिज गार्डन के पीछे सड़क के आसपास करीब 6 फीट तक भराव दिखाई दिया। आसपास पानी के साथ मैरिज गार्डन और पार्किंग से जुड़े भराव भी नजर आए। यहां भी FTL के मुनारे स्पष्ट रूप से नहीं मिले।

ड्रोन सर्वे के साथ ग्राउंड ट्रुथिंग
टीम ने ड्रोन से मिले विजुअल रिकॉर्ड को मौके की स्थिति से मिलाने के लिए ग्राउंड ट्रुथिंग की। दोपहर करीब 3 बजे तक निरीक्षण चलता रहा। अधिकारियों के अनुसार बैरागढ़ क्षेत्र का सर्वे अभी बाकी है, जिसे आगे पूरा किया जाएगा।

सर्वे से भोजताल के कई हिस्सों में FTL, ग्रीन बेल्ट और वास्तविक जलभराव क्षेत्र की सीमा स्पष्ट करने की जरूरत सामने आई है। ड्रोन सर्वे और ग्राउंड ट्रुथिंग की रिपोर्ट के बाद इन क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति और तालाब की सीमा को लेकर तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।

बैरागढ़कलां में अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई
इधर, बैरागढ़ अनुभाग की टीम ने रविवार को बैरागढ़कलां में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई की। एसडीएम रवीश कुमार श्रीवास्तव और तहसीलदार हर्षविक्रम सिंह की मौजूदगी में तीन कॉलोनियों में बने पक्के अवैध स्ट्रक्चर तोड़े गए। इनमें सड़क, गेट और अन्य निर्माण शामिल थे।