IPL के दम पर चमकेगी भारतीय हॉकी! खेल मंत्रालय का मास्टरस्ट्रोक
खेल मंत्रालय हॉकी इंडिया लीग को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए IPL मालिकों को इसमें शामिल करने पर विचार कर रहा है. मंत्रालय का मानना है कि देश में हॉकी का बड़ा बाजार मौजूद है.
खेल मंत्रालय हॉकी इंडिया लीग को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए IPL मालिकों को इसमें शामिल करने पर विचार कर रहा है. मंत्रालय का मानना है कि देश में हॉकी का बड़ा बाजार मौजूद है.
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sports ministry invites ipl owners to Invest in hockey india league
हॉकी फैंस के लिए एक दिलचस्प खबर आ रही है. हॉकी इंडिया लीग (HIL) को लंबे समय तक मजबूत और कामयाब बनाए रखने के लिए खेल मंत्रालय एक नए आइडिया पर विचार कर रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, खेल मंत्रालय हॉकी इंडिया लीग की निरंतरता और सफलता सुनिश्चित करने के लिए इसमें मौजूदा आईपीएल के मालिकों और फ्रैंचाइजियों को शामिल करने पर विचार कर रहा है. रिपोर्ट्स में आगे यह भी बताया है कि इस प्रस्ताव पर आईपीएल मालिकों की प्रतिक्रिया काफी सकारात्मक रही है. अगर यह बातचीत आगे चलकर सफल होती है, तो भविष्य में हॉकी के मैदान पर भी आईपीएल जैसा बड़ा कॉर्पोरेट सपोर्ट देखने को मिल सकता है.
हॉकी इंडिया को वित्तीय संकट से उबारने की कवाय
हॉकी इंडिया लीग को पैसों की तंगी और टीमों को चलाने में आ रही दिक्कतों से बाहर निकालने के लिए खेल मंत्रालय पूरी तरह एक्टिव हो गया है. खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने हॉकी इंडिया के अधिकारियों और मौजूदा टीम मालिकों के साथ एक बड़ी बैठक की है, ताकि लीग को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा सके. खेल मंत्रालय का मानना है कि इस समस्या का सबसे पक्का इलाज आईपीएल टीमों के मालिकों को साथ लाना हो सकता है, क्योंकि उनके पास खेल को एक कामयाब बिजनेस बनाने का बड़ा अनुभव और अच्छा-खासा पैसा है.
JSW ग्रुप ने पहले ही पेश की मिसाल
आईपीएल मालिकों का दूसरे खेलों में आना सिर्फ कोई सुनी-सुनाई बात नहीं है, बल्कि यह सच में शुरू हो चुका है. उदाहरण के लिए, आईपीएल की टीम दिल्ली कैपिटल्स के सह-मालिक JSW ग्रुप ने हॉकी इंडिया लीग में अपनी पुरुष और महिला दोनों टीमें खरीदी हैं, जिनका नाम 'JSW सूरमा हॉकी क्लब' है. JSW ग्रुप का यह कदम साफ दिखाता है कि क्रिकेट की तरह अब बड़े कॉर्पोरेट घराने हॉकी में भी लंबे समय के लिए पैसा लगाने को तैयार हैं.
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हॉकी ही नहीं, अन्य खेलों पर भी मंत्रालय की नजर
खेल मंत्रालय की यह सोच सिर्फ हॉकी तक ही सीमित नहीं है. सरकार चाहती है कि देश के बड़े और जाने-माने खेल निवेशक भारत की दूसरी घरेलू लीग्स में भी अपना पैसा लगाएं. खेल मंत्रालय IPL मालिकों को प्रो कबड्डी लीग और प्राइम वॉलीबॉल लीग जैसे अन्य बड़े खेलों से जोड़ने के लिए भी काफी दिलचस्पी दिखा रहा है, ताकि इन खेलों का स्तर भी आईपीएल जैसा ऊंचा हो सके.
Sources in the know revealed that the Sports Ministry was looking at existing Indian Premier League owners and franchises to get involved in the Hockey India League (HIL) as well, to ensure its sustainability and success, further stating that the IPL owners have been positive in… pic.twitter.com/XdytJymEhG
— Sportstar (@sportstarweb) September 19, 2026
मंत्रालय का भरोसा, हॉकी घाटे का सौदा नहीं
खेल मंत्रालय के अधिकारियों ने उन बातों को पूरी तरह गलत बताया है जिनमें कहा जाता है कि हॉकी घाटे का सौदा है. अधिकारियों का साफ कहना है कि हमारे खेल में कोई कमी नहीं है, बल्कि कमियां सिर्फ इसके मैनेजमेंट और रणनीतियों में हो सकती हैं. हाल ही में भारत की पुरुष और महिला हॉकी टीमों के शानदार प्रदर्शन और मोबाइल-टीवी पर मैच देखने वाले फैंस की बढ़ती संख्या ने यह साबित कर दिया है कि देश में हॉकी का बहुत बड़ा बाजार है. मंत्रालय ने यह भी भरोसा दिया है कि हॉकी इंडिया के आपसी विवादों को जल्द ही सुलझा लिया जाएगा और हॉकी इंडिया लीग बिना किसी रुकावट के लगातार चलती रहेगी.
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