Jamtara News: सड़क दुर्घटना रोकथाम व पीड़ितों को मुआवजा दिलाने के लिए जागरूकता कार्यशाला
Jamtara News: जिला विधिक सेवा प्राधिकार, जामताड़ा की पहल पर रविवार को व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित सभागार में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा दुर्घटना में प्रभावित लोगों एवं उनके आश्रितों को सरकार एवं संबंधित विधिक प्रावधानों के तहत मिलने वाली मुआवजा राशि की प्रक्रिया को लेकर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया.
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कार्यशाला का उद्देश्य सड़क दुर्घटना के मामलों में पीड़ितों को समय पर विधिक सहायता उपलब्ध कराने तथा मुआवजा संबंधी मामलों के तकनीकी एवं प्रक्रियात्मक पहलुओं की जानकारी संबंधित अधिकारियों और विधिक सेवा से जुड़े लोगों तक पहुंचाना रहा.
कार्यशाला का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार राधा कृष्ण सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर किया. इस अवसर पर न्यायिक पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक शम्भू कुमार सिंह, पुलिस पदाधिकारी, अधिवक्तागण एवं अन्य संबंधित लोग उपस्थित रहे.
कार्यशाला के दौरान सड़क दुर्घटना के कारण उत्पन्न होने वाले कानूनी एवं सामाजिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई. दुर्घटना में मृत्यु अथवा गंभीर रूप से घायल होने की स्थिति में पीड़ित एवं उनके परिवार को उपलब्ध मुआवजा संबंधी प्रावधानों, आवेदन की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, संबंधित प्राधिकार के समक्ष दावे की प्रक्रिया तथा मामलों के निष्पादन से जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी गई.
कार्यशाला में इस बात पर भी विशेष जोर दिया गया कि सड़क दुर्घटना के बाद पीड़ित परिवार अक्सर आर्थिक एवं मानसिक कठिनाइयों से गुजरता है. ऐसे में संबंधित विभागों, पुलिस पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं तथा विधिक सेवा प्राधिकार से जुड़े कर्मियों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है.
उपस्थित पदाधिकारियों से अपील की गई कि दुर्घटना पीड़ितों एवं उनके आश्रितों को मुआवजा प्राप्त करने की प्रक्रिया की समुचित जानकारी उपलब्ध कराते हुए उन्हें आवश्यक सहयोग प्रदान करें, ताकि पात्र लोगों को विधिक अधिकारों और सरकारी प्रावधानों का लाभ समय पर मिल सके.
वहीं, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से यातायात नियमों के पालन, सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता तथा दुर्घटना के कारणों की रोकथाम पर भी चर्चा की गई. कार्यशाला के माध्यम से लोगों में सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने और दुर्घटना की स्थिति में पीड़ितों को उपलब्ध विधिक सहायता एवं मुआवजा व्यवस्था की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने पर बल दिया गया.
जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से कहा गया कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य आम लोगों को उनके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा जरूरतमंद लोगों तक न्याय एवं विधिक सहायता की पहुंच सुनिश्चित करना है.
कार्यशाला में उपस्थित सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं अधिवक्ताओं से दुर्घटना पीड़ितों के मामलों में संवेदनशीलता के साथ आवश्यक सहयोग करने की अपेक्षा की गई.
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