सोनम वांगचुक को जंतर मंतर से हटाया गया, स्टूडेंटस पर किया लाठीचार्ज, दिपके का आरोप

Jantar Mantar protest & Sonam Wangchuk: सफदरजंग अस्पताल में बढ़ी पुलिस तैनाती, 7वीं मंजिल के आगे आवाजाही पर रोक

July 18, 2026 60 बार देखा गया

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शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर धरना दे रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को उठा लिया गया। शनिवार यानी 18 जुलाई को सुबह-सुबह जंतर मंतर पर बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस के जवान पहुंचे जिसके बाद अनशन कर रहे सोनम वांगचुक और उनके साथ मौजूद अन्य लोगों को वहां से हटाने की तैयारी शुरू कर दी गई।

सोनम वांगचुक को ले जाते हुए फोटो साभार: एक्स से लिया गया स्क्रीन शॉर्ट

सफदरजंग अस्पताल में बढ़ी पुलिस तैनाती, 7वीं मंजिल के आगे आवाजाही पर रोक

दिन चढ़ने के साथ ही पुलिस की मौजूदगी बढ़ गई है। कहबर लहरिया को जानकारी मिली है कि सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल की इमरजेंसी बिल्डिंग की 8वीं मंज़िल पर भर्ती कराया गया है। 7वीं मंज़िल के आगे जाने का रास्ता रोक दिया गया है।

दिल्ली के अस्पताल सफदरगंज की तस्वीर जहां बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजद है (फोटो साभार: खबर लहरिया)

बिना अनुमति के सोनम वांगचुक को न खिलाया जाए 

सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर है और आज उनकी हड़ताल का 21वां दिन था। इसकी वजह से उनकी पत्नी को अब डर है कि कहीं उनका अनशन तोड़ने की कोशिश की जाए। इस वजह से उन्होंने सोशल मीडिया X पर पोस्ट कर कहा है कि “मेरी, उनके परिवार और उनके डॉक्टरों की सहमति के बिना उन्हें मौखिक या इंजेक्शन के माध्यम से कुछ भी नहीं दिया जाना चाहिए। ये डॉक्टर पिछले 20 दिनों से उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रहे हैं।”

I am at Safdarjung hospital in Delhi where @Wangchuk66 has been admitted. Nothing should be administered to him orally or intravenous without take consent from me, his family and his doctors who have been monitoring his health for the past 20 days.

— Gitanjali J Angmo (@GitanjaliAngmo) July 18, 2026

AISA (ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन) छात्र संगठन ने प्रेस रिलीज जारी कर कहा – सोनम वांगचुक को रिहा करो 

दिल्ली पुलिस द्वारा सामजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जबरन जंतर मंतर पर से हटाए जाने पर AISA (ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन) छात्र संगठन ने आज 18 जुलाई को तत्काल प्रेस रिलीज की। प्रेस रिलीज में कहा गया “दिल्ली पुलिस की शर्मनाक हरकत! सोनम वांगचुक को ज़बरदस्ती हटाने से आंदोलन नहीं रुकेगा! नेहा, मनीष और आमीन की भूख हड़ताल 21वें दिन भी जारी है!

18 जुलाई की सुबह, दिल्ली पुलिस के नए कमिश्नर ने जंतर-मंतर से सोनम वांगचुक को चालाकी और बदतमीज़ी से बेरहमी से हिरासत में लेकर अपने आकाओं के प्रति वफ़ादारी साबित की। इस दौरान कई लोगों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। सोनम वांगचुक को उनकी मर्ज़ी के बिना सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया है।

इसके बाद पुलिस ने AISA के टेंट में मौजूद छात्रों पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन सैकड़ों छात्रों ने नेहा, मनीष और आमीन के ख़िलाफ़ हिंसा रोकने के लिए मानव श्रृंखला बनाई, जिसके कारण पुलिस पीछे हट गई। दिल्ली पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद AISA के 3 नेताओं की भूख हड़ताल 21वें दिन भी जारी है। पुलिस उन हज़ारों छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकार को रोकना चाहती है जो 20 जुलाई को संसद तक मार्च में शामिल होने वाले हैं।

सोनम वांगचुक को रिहा करो!

भूख हड़ताल जारी है!”

अब बताया जा रहा है कि 20 दिन से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को पुलिस अस्पताल ले गई है। सोनम वांगचुक की तबियत लगातार बिगड़ रही थी और उनका 9 किलो वजन घट चुका है। 

अभिजीत दिपके ने क्या कहा 

लेकिन कॉकरोज जनता पार्टी ने अपने एक्स अकाउंट पर अभिजीत दिपके द्वारा यह बताया गया कि दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक को उठा लिया है और उन्होंने आरोप लगाया है कि जंतर मंतर में मौजूद स्टूडेंटस के ऊपर लाठीचार्ज भी किया गया। उन्होंने कहा मैं अपने दोस्त के घर गया था फ़्रेश होने तो मुझे वहां पर पुलिस ने मार कर रोक रहा था, डिटेंशन में रख रखा था। सोनम सर को उठाने के बाद इन लोगों ने मुझे यहाँ छोड़ दिया और जंतर मंतर में हमें घुसने नहीं दे रहे तो अभी शांति पूर्ण प्रदर्शन पूरे देश में करना होगा फ़ोर्स फु ली सोनम सर को उठाया है मेरे साथ मारपीट की है। मेरी देश भर से अपील है अपने-अपने एरिया में प्रोटेस्ट करिए।” 

CJP Founder Abhijeet Dipke’s video message after he was let go by the Police – once the Police had successfully kidnapped Sonam Wangchuk from Jantar Mantar.

He has been beaten up by the Police. CJP protesters have been lathi charged badly at Jantar Mantar. pic.twitter.com/6ZRAirwxzg

— Cockroach is Back (@Cockroachisback) July 18, 2026

दिल्ली पुलिस का पक्ष 

वहीं दिल्ली पुलिस द्वारा यह भी कहा गया है कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद ही सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाया गया है। दिल्ली पुलिस द्वारा एक्स पर लिखा गया है कि “माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों और चिकित्सकों की सलाह के अनुसार, श्री सोनम वांगचुक की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें आवश्यक चिकित्सा देखभाल के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए प्रदर्शनकारियों ने बाधा उत्पन्न करने का प्रयास किया जिससे थोड़ी अफरा-तफरी मच गई हालांकि पुलिस ने अधिकतम संयम बरतते हुए स्थिति को सुरक्षित रूप से संभाला। हम जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों से अनुरोध करते हैं कि वे शांतिपूर्वक जल्द से जल्द स्थान खाली कर दें।” 

As per orders of Hon’ble High Court and on expert medical advise due to the deteriorating health condition of Sh. Sonam Wangchuk, he has been shifted to the hospital for essential medical care.
While complying with the orders of Hon’ble High Court the protestors tried to create…

— DCP New Delhi (@DCPNewDelhi) July 18, 2026

प्रदर्शन से जुड़े संगठनों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया गया है कि पुलिस ने CJP संस्थापक अभिजीत दिपके को उनके ठहरने की जगह पर रोक दिया है। साथ ही सोनम वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से हटाया गया है। उन्होंने छात्रों पर लाठीचार्ज का भी आरोप लगाया। 

#BREAKING: The Delhi Police has stopped Abhijeet Dipke where he was staying. People are telling me that Sonam Wangchuk is being picked up from the protest site. Students are being lathicharged! pic.twitter.com/kkKtSI83hO

— Saurav Das (@SauravDassss) July 18, 2026

#WATCH | Delhi: Activist Sonam Wangchuk, who was sitting on a hunger strike from last 20 days at Jantar Mantar, taken to the hospital by the police.

More details awaited. pic.twitter.com/81DTO3cyh4

— ANI (@ANI) July 18, 2026

बता दें CJP का 20 जुलाई को दिल्ली जंतर मंतर संसद भवन तक एक बड़ा मार्च निकलने वाला है लेकिन उससे पहले सोनम वांगचुक उठा ले गए हैं और जंतर मंतर के धरना स्थल को पुलिस द्वारा समाप्त करने की कोशिश की जारी है। 

फ़िलाहल जानकारी के अनुसार छात्रों ने नेहा, आमेन और मनीष को पुलिस कार्रवाई से बचाने के लिए मानव श्रृंखला बनाई। 

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