हेमंत सोरेन सरकार को हाईकोर्ट से बड़ा झटका! JPSC परीक्षा रद्द करने के फैसले पर रोक, सफल अभ्यर्थियों को राहत

Time Published: Thursday, August 20, 2026, 17:04 [IST]

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहा विवाद अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। झारखंड हाईकोर्ट ने JPSC की 11वीं से 13वीं परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर परीक्षा को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर रोक लगा दी है। कोर्ट के इस आदेश के बाद उन उम्मीदवारों को राहत मिली है, जिन्होंने परीक्षा पास करने के बाद सरकारी नौकरी हासिल की थी।

यह मामला सिर्फ दो परीक्षाओं तक सीमित नहीं है। इसके पीछे झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहा बड़ा विवाद है। एक तरफ कथित गड़बड़ी के खिलाफ छात्र आंदोलन कर रहे हैं। दूसरी तरफ सफल उम्मीदवारों का कहना है कि अगर कहीं गड़बड़ी हुई है तो कार्रवाई दोषियों पर होनी चाहिए, उन अभ्यर्थियों पर नहीं जिन्होंने अपनी मेहनत से परीक्षा पास की।

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हाईकोर्ट ने सरकार के फैसले पर क्यों लगाई रोक?

JPSC की 11वीं से 13वीं परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर परीक्षा से जुड़े मामलों में उम्मीदवारों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इन याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सरकार के उस आदेश पर तत्काल रोक लगा दी, जिसके तहत दोनों परीक्षाओं को लेकर कार्रवाई की गई थी।

कोर्ट ने राज्य सरकार को 15 दिनों के भीतर काउंटर एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया है। यानी अब सरकार को अपना पक्ष, दस्तावेज और परीक्षा रद्द करने के पीछे की वजह अदालत के सामने रखनी होगी। इस आदेश के बाद याचिकाकर्ताओं की नौकरी पर तत्काल कार्रवाई का रास्ता रुक गया है। जिन सफल उम्मीदवारों की नियुक्तियां हो चुकी हैं, उनके लिए यह फिलहाल बड़ी राहत मानी जा रही है।

करीब 2 हजार सफल उम्मीदवार क्यों हैं नाराज?

परीक्षाएं रद्द करने के फैसले के बाद करीब 2,000 सफल उम्मीदवारों में नाराजगी थी। इनमें बड़ी संख्या JSSC-CGL के जरिए सरकारी नौकरी पाने वाले अभ्यर्थियों की है। इन उम्मीदवारों का कहना है कि उन्होंने पढ़ाई की, परीक्षा दी और मेरिट के आधार पर चयन हासिल किया। कई अभ्यर्थियों ने सरकारी विभागों में काम भी शुरू कर दिया है।

उनका सवाल सीधा है। अगर किसी परीक्षा में गड़बड़ी हुई है तो जिन लोगों ने गड़बड़ी की, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन इसकी सजा उन सभी उम्मीदवारों को क्यों मिले जिन्होंने ईमानदारी से परीक्षा पास की? इसी आधार पर कई सफल उम्मीदवारों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। अब इन्हीं याचिकाओं की सुनवाई के बीच कोर्ट ने JPSC की दोनों परीक्षाओं से जुड़े सरकार के आदेश पर रोक लगा दी है।

26 दिन के आंदोलन के बाद सरकार ने लिया था बड़ा फैसला

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर छात्रों का आंदोलन करीब 26 दिनों तक चला। बुधवार को आंदोलन फिलहाल स्थगित हुआ। इससे पहले सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच कई दौर की बातचीत हुई थी।

बातचीत के बाद सरकार ने 2014 से अब तक JPSC, JSSC और एक आउटसोर्स एजेंसी के जरिए कराई गई 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया था। इसके साथ ही 23 दूसरी परीक्षाओं की जांच कराने का आदेश दिया गया था। सरकार का यह फैसला आंदोलन कर रहे छात्रों के लिए बड़ी जीत के तौर पर देखा गया। लेकिन इसी फैसले ने उन उम्मीदवारों के लिए नई परेशानी खड़ी कर दी, जिनका चयन पहले ही हो चुका था।