झारखंड में जारी छात्रों के जबरदस्त आंदोलन के बीच JPSC के 3 सदस्यों ने दिया इस्तीफा, राज्यपाल ने दी मंजूरी
Jharkhand Protest: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर छात्रों का आंदोलन तेज हो गया है. बढ़ते विवाद के बीच जेपीएससी के तीन सदस्यों अजीता भट्टाचार्य, जमील अहमद और अनिमा हांसदा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.
Jharkhand Protest: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर छात्रों का आंदोलन तेज हो गया है. बढ़ते विवाद के बीच जेपीएससी के तीन सदस्यों अजीता भट्टाचार्य, जमील अहमद और अनिमा हांसदा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.
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JPSC Protest Photograph: (ANI)
Jharkhand Protest: झारखंड लोक सेवा आयोग यानी जेपीएससी में जारी विवाद ने अब एक बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक रूप ले लिया है. राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी की शिकायतों को लेकर चल रहे व्यापक छात्र आंदोलन के बीच आयोग के तीन सदस्यों ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. इस्तीफा देने वाले सदस्यों में अजीता भट्टाचार्य, जमील अहमद और अनिमा हांसदा शामिल हैं. तीनों सदस्यों ने अपना त्यागपत्र राज्यपाल संतोष गंगवार को भेजा था, जिसे राजभवन की ओर से तुरंत मंजूर भी कर लिया गया है. इस बड़े घटनाक्रम के बाद से राज्य की राजनीति और शिक्षा जगत में हलचल मच गई है.
बातचीत बेनतीजा, बढ़ गया गतिरोध
सदस्यों के इस्तीफे से ठीक पहले छात्र संगठनों और राज्य सरकार के प्रतिनिधियों के बीच मैराथन बैठक हुई. लगभग पांच घंटे से भी अधिक समय तक चली इस बैठक में तीन दौर की वार्ता हुई. हालांकि, इतनी लंबी चर्चा के बावजूद दोनों पक्षों के बीच किसी अंतिम सहमति पर मुहर नहीं लग सकी. सरकार की ओर से यह दावा किया जा रहा है कि आंदोलनकारी छात्रों की लगभग नब्बे प्रतिशत मांगों को स्वीकार कर लिया गया है. दूसरी ओर, छात्र नेताओं का स्पष्ट कहना है कि उनकी सबसे मुख्य और महत्वपूर्ण मांगों को अब भी नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे वे कतई संतुष्ट नहीं हैं.
सरकार के फैसले से नाखुश छात्र
विवाद की मुख्य वजह परीक्षाओं को रद्द करने और जांच की सीमा को लेकर है. सरकार ने अपनी तरफ से चौदहवीं जेपीएससी पीटी परीक्षा को रद्द करने का फैसला सुनाया है. इसके साथ ही एसीएफ की परीक्षा को भी रद्द कर दिया गया है. एफआरओ परीक्षा की जांच कराने का भरोसा दिया गया है और गड़बड़ी मिलने पर उसे भी रद्द करने की बात कही गई है. टीडीपीएल एजेंसी द्वारा आयोजित की गई सभी भर्ती परीक्षाओं की जांच का आश्वासन मिला है. इसके अलावा जेएसएससी सीजीएल परीक्षा की दोबारा जांच कराने और जेएसएससी में सुधार लाने पर भी सहमति जताई गई है.
CBI जांच पर फंस रहा पेंच
सीबीआई जांच की मांग पर पेंच फंसा हुआ है. सरकार सीबीआई जांच के लिए तैयार नहीं हुई है, हालांकि उसने यह आश्वासन दिया है कि सीआईडी जांच के दौरान यदि किसी प्रकार के वित्तीय घोटाले का प्रमाण मिलता है तो मामले को ईडी को सौंपा जाएगा. छात्र संगठनों का मानना है कि यह केवल आधी अधूरी राहत है. उनका कहना है कि जब तक पूरी व्यवस्था को पारदर्शी नहीं बनाया जाता और सभी विवादित परीक्षाओं पर सख्त कदम नहीं उठाए जाते, तब तक यह लड़ाई अधूरी है.
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सोमवार को विधानसभा घेराव का ऐलान
पांच घंटे लंबी वार्ता विफल होने के बाद छात्र नेताओं ने अपने तेवर और कड़े कर लिए हैं. छात्रों का कहना है कि सरकार सिर्फ आश्वासन देकर मामले को टालना चाहती है. अपनी मांगों को मजबूती से रखने के लिए छात्रों ने सोमवार को सुबह साढ़े नौ बजे विधानसभा का घेराव करने का बड़ा फैसला किया है. इस प्रदर्शन में राज्य भर से हजारों की संख्या में युवाओं के शामिल होने का दावा किया जा रहा है.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं. एक तरफ आयोग के तीन सदस्यों के हटने से प्रशासनिक संकट गहरा गया है, वहीं दूसरी तरफ सड़कों पर उतर रहे युवाओं के गुस्से ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है. अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सोमवार को होने वाले घेराव के बाद राज्य सरकार क्या नया रुख अपनाती है.
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