JPSC कार्यालय में CID-पुलिस का छापा: चेयरमैन एल. खियांग्ते ने दिया इस्तीफा, पूर्व असिस्टेंट एग्जामिनेशन कंट्रोलर समेत चार हिरासत में - Ranchi News
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) में कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं की शिकायतों पर जांच एजेंसियों ने शिकंजा कसना तेज कर दिया है। मंगलवार सीआईडी और रांची पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा जेपीएससी कार्यालय की घेराबंदी कर की गई छापेमारी के बाद, अब इस कार्रवाई की
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इधर, जेपीएससी के चेयरमैन एल. खियांग्ते ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। तमाम खुलासों और जांच के बीच सीआईडी ने जेपीएससी की पूर्व असिस्टेंट एग्जामिनेशन कंट्रोलर श्वेता गुप्ता समेत चार लोगों को हिरासत में लिया है। वहीं, दूसरी ओर परीक्षा कंडक्ट कराने वाली एजेंसी टीडीपीएल के ठिकानों पर रेड मारकर उसके दफ्तर को सील कर दिया गया है।
परीक्षा एजेंसी TDPL के ठिकानों पर रेड, दफ्तर सील जेपीएससी कार्यालय खंगालने के बाद सीआईडी की टीम ने परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी टीडीपीएल से जुड़े परिसरों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस और सीआईडी ने एजेंसी से जुड़े तीन प्रमुख व्यक्तियों को हिरासत में लिया है, जिनसे गुप्त स्थान पर पूछताछ की जा रही है।
जांच टीम ने कार्रवाई के तुरंत बाद टीडीपीएल के कार्यालय को पूरी तरह से सील कर दिया है। छापेमारी के दौरान टीम के हाथ कई महत्वपूर्ण सुराग लगे हैं। पुलिस ने मौके से पेन ड्राइव, हार्ड डिस्क, डायरी और कई गोपनीय दस्तावेज बरामद कर अपने कब्जे में ले लिए हैं।

जेपीएससी के चेयरमैन एल. खियांग्ते ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। (फाइल)
असिस्टेंट एग्जामिनेशन कंट्रोलर श्वेता गुप्ता से पूछताछ मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब सीआईडी ने जेपीएससी की असिस्टेंट एग्जामिनेशन कंट्रोलर श्वेता गुप्ता समेत चार लोगों को हिरासत में ले लिया। श्वेता गुप्ता के कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, 22 मई को श्वेता गुप्ता का तबादला खाद्य आपूर्ति विभाग में कर दिया गया था। इसके बावजूद उन्होंने दोबारा जेपीएससी में आकर कार्यभार संभाल लिया। आरोप हैं कि आयोग कार्यालय के कई अन्य कर्मचारियों को दरकिनार कर परीक्षा से जुड़े अधिकांश महत्वपूर्ण और संवेदनशील काम श्वेता गुप्ता के पास ही केंद्रित रखे गए थे।
हालांकि सीआईडी ने अभी तक आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं किया है कि श्वेता गुप्ता को किस विशिष्ट मामले या बिंदु के तहत हिरासत में लिया गया है, लेकिन उनसे गहन पूछताछ जारी है।
JPSC दफ्तर की घेराबंदी और हो सकते कई खुलासे इससे पहले सीआईडी और रांची पुलिस की भारी टीम ने जेपीएससी कार्यालय को चारों तरफ से घेरकर सघन जांच अभियान चलाया था। इस दौरान आयोग में मौजूद फाइलों, कंप्यूटर रिकॉर्ड्स और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला गया था।
जांच एजेंसियों का मानना है कि टीपीडीएल दफ्तर से जब्त हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव और डायरी के फोरेंसिक विश्लेषण तथा हिरासत में लिए गए लोगों की पूछताछ से इस पूरे कथित घोटाले में कई बड़े और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए सीआईडी लगातार छापेमारी और पूछताछ कर रही है।