JPSC Job Scam Case: झारखंड में पेपर लीक केस में ED की एंट्री, CID की FIR के बाद शुरू की जांच

रांची में छात्रों के प्रदर्शन के बीच कई एजेंसियां भी जांच में जुट गई हैं.
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शनकारी छात्र जहां मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की कर रहे हैं तो वहीं मामले की जांच CID कर रही है. अब इस प्रक्रिया में प्रवर्तन निदेशालय की भी एंट्री हो गई है. प्रदर्शन के बीच छात्रों और सरकार के बीच बातचीत का सिलसिला जारी है और कल रविवार को छठे दौर की बातचीत बेनतीजा रही.
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी अब झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) 14वीं की प्रारंभिक परीक्षा समेत अन्य परीक्षाओं में धांधली की जांच करने जा रही है. जांच एजेंसी ने सीआईडी में दर्ज एफआईआर संख्या 16/26 के आधार पर ECIR दर्ज कर ली है.
छात्रों का आंदोलन 17वें दिन भी जारी
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन आज 17वें दिन भी जारी है. रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में देवेंद्र नाथ महतो करीब एक हफ्ते से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं. कुल मिलाकर 6 प्रदर्शनकारी भूख हड़ताल पर हैं. इस बीच छात्रों का एक संगठन आज विधानसभा का घेराव करने वाला है.
दूसरी ओर, जेपीएससी के तीनों सदस्यों ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ जांच की मांग को लेकर हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच कल रविवार को इस्तीफा दे दिया. लोक भवन की ओर से जारी बयान में बताया गया, राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने अनिमा हांसदा, अजीता भट्टाचार्य और जमाल अहमद के इस्तीफे स्वीकार भी कर लिए,
CID ने पूछताछ के लिए भेजा समन
इससे पहले सीआईडी की ओर से इन तीनों सदस्यों को पेपर लीक समेत अन्य अनियमितताओं के आरोपों के संबंध में पूछताछ के लिए तलब किया गया है. सीआईडी की ओर से तलब किए जाने के बाद इन तीनों ने इस्तीफा दे दिया.
जांच एजेंसी से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेता सुप्रियो भट्टाचार्य की पत्नी अजीता भट्टाचार्य से आज सोमवार को पूछताछ की जानी है. जबकि जमाल अहमद से 12 अगस्त और हांसदा से 14 अगस्त को पूछताछ की जाएगी. इन तीनों लोगों की नियुक्ति सितंबर 2021 में की गई थी.
आयोग के अध्यक्ष पहले ही दे चुके इस्तीफा
इससे पहले आयोग के अध्यक्ष एल. खियांग्ते ने 22 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. जेपीएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मामले में अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. जबकि खियांग्ते से 28 जुलाई से अब तक चार बार लंबी पूछताछ की जा चुकी है
इस बीच प्रदर्शनकारी झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की अपनी मांग पर अड़े रहे. कल रविवार को राज्य सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच छठे दौर की बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकला.
छठे दौर की बातचीत में कोई समाधान नहीं
अधिकारियों के जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच सीबीआई से कराने की मांग के अलावा प्रदर्शनकारियों की 98 फीसदी मांगें मान लेने का दावा किया. हालांकि दोनों पक्षों के बीच गतिरोध दूर नहीं हो सका. छात्र नेता रवींद्र पासवान ने बातचीत के बाद कहा, “हमारी ज्यादातर मांगें मान ली गई हैं, जिनमें 14वीं जेपीएससी परीक्षा को रद्द किया जाना भी शामिल है. हालांकि, सीबीआई जांच की मांग पूरी होने तक हम कोई समझौता नहीं करेंगे.” उन्होंने यह भी कहा कि हम 10 अगस्त को तय योजना के तहत झारखंड विधानसभा की ओर मार्च करने जा रहे हैं.
छात्रों से बातचीत करने वाले झारखंड के तकनीकी एवं उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि सरकार ने 98 फीसदी मांगें मान ली हैं, लेकिन वह परीक्षा की सीबीआई जांच की मांग को मानने की स्थिति में नहीं है, क्योंकि यह परीक्षा हाई कोर्ट और शीर्ष अदालत की निगरानी में आयोजित की गई थी.

जितेन्द्र कुमार शर्मा
साल 2002 से क्राइम और इन्वेस्टिगेशन रिपोर्टिंग का अनुभव। नवभारत टाइम्स, अमर उजाला, शाह टाइम्स के अलावा टीवी मीडिया में BAG Films के नामी शो सनसनी और रेड अलर्ट में काम किया। उसके बाद न्यूज 24, इंडिया टीवी में सेवाए दी और टीवी 9 भारतवर्ष के साथ सफर जारी है।
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