JPSC-JSSC भर्ती विवाद: भर्ती घोटालों की जांच से लेकर परीक्षा सुधार तक... छात्रों की सरकार से क्या-क्या है मांग
JPSC-JSSC समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर झारखंड की राजधानी रांची में छात्रों का आंदोलन जारी है. इस बीच छात्रों ने सरकार के समक्ष अपनी मांगों का विस्तृत प्रस्ताव रखा है. छात्र प्रतिनिधमंडल ने पूरे मामले की CBI और ED से जांच कराई जाए और 90 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है.
छात्र प्रतिनिधमंडल ने सरकार के सामने कई मांगों को रखा है. प्रतिनिधमंडल ने कहा कि TDPL एजेंसी द्वारा पिछले चार वर्षों में आयोजित सभी भर्ती परीक्षाओं को रद्द किया जाए. जिन-जिन भर्ती परीक्षाओं में अभय कुमार तिवारी की भूमिका या संबद्धता रही है, उन सभी परीक्षाओं को रद्द किया जाए. साथ ही इस पूरे मामले की CBI और ED से जांच कराई जाए. 90 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए.
सरकार के सामने रखीं सुधार संबंधी मांगें
छात्र प्रतिनिधमंडल ने मांग की है कि राज्य सरकार भर्ती परीक्षाओं के लिए नियमित अकादमिक/भर्ती कैलेंडर जारी करे. भर्ती घोटालों और परीक्षा संबंधी मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाए. एक हाई लेवल कमेटी बनाई जाए, जो भर्ती परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं की जांच करे और भविष्य के लिए व्यापक सुधारों की सिफारिशें सरकार को सौंपे.
प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन?
पत्रकार प्रतिनिधि (अभिभावक के रूप में)
- शंभूनाथ चौधरी
- विकास वर्मा
कानूनविद (अभिभावक के रूप में)
- अजीत कुमार
10 अगस्त को विधानसभा घेराव की चेतावनी
वहीं, प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा कि अगर सरकार उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक फैसला नहीं लेती है, तो 10 अगस्त को हजारों छात्र विधानसभा का घेराव करेंगे. छात्र नेता राधे कुमार ने बताया कि उनकी मुख्य मांग JPSC, JSSC CGL और TDPL के जरिए आयोजित भर्ती परीक्षाओं को रद्द करना है.
BJP विधायकों ने विधानसभा के बाहर किया प्रदर्शन
उधर, गुरुवार को, JPSC, JSSC और दूसरी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर BJP विधायकों ने झारखंड विधानसभा के बाहर राज्य सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. विधानसभा परिसर के बाहर बोलते हुए, BJP विधायक आलोक चौरसिया ने कहा कि पार्टी उन छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है जो JPSC, JSSC और दूसरी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में भर्ती प्रक्रियाओं में भ्रष्टाचार हुआ है और छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया है.

शिवांग माथुर
शिवांग माथुर टीवी 9 भारतवर्ष में एसोसियेट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं.
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