JPSC-JSSC भर्ती आंदोलन को राहुल गांधी का समर्थन, कहा- मांगों पर झारखंड सरकार से बात करूंगा

झारखंड में छात्रों का आंदोलन और राहुल गांधी.
झारखंड में चल रहे भर्ती सुधार आंदोलन के बीच कांग्रेस सांसद एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्र नेता रविन्द्र पासवान से फोन पर बातचीत कर आंदोलन को अपना समर्थन जताया. राहुल गांधी ने बातचीत में कहा कि वह छात्रों की मांगों को लेकर गंभीर हैं और इस मुद्दे पर झारखंड सरकार से बात करेंगे. उन्होंने आश्वासन दिया कि छात्रों के जायज मुद्दों और मांगों के समर्थन में वह पूरी मजबूती से खड़े रहेंगे.
JPSC-JSSC भर्ती सुधार आंदोलन के बीच छात्रों ने शुक्रवार को होने वाले AISA के विधानसभा घेराव से खुद को अलग कर लिया है. आंदोलनकारी छात्रों ने स्पष्ट किया है कि उनका विधानसभा घेराव 10 अगस्त को होगा और AISA के 7 अगस्त के कार्यक्रम को उनका समर्थन नहीं है.
वहीं, सरकार के साथ वार्ता को लेकर गुरुवार देर रात तक भी तस्वीर साफ नहीं हो सकी. छात्र प्रतिनिधिमंडल पूरे दिन सरकार की ओर से समय और स्थान तय किए जाने का इंतजार करता रहा, लेकिन देर रात तक कोई जवाब नहीं मिला. इस बीच, सूत्रों के हवाले से जानकारी मिल रही है कि छात्रों की ओर से सरकार को सौंपी गई प्रतिनिधिमंडल की सूची में शामिल कुछ नामों पर सरकार को आपत्ति हो सकती है. सूत्रों के अनुसार, सरकार की प्राथमिकता केवल आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र प्रतिनिधियों से बातचीत करने की है.
JPSC-JSSC के उम्मीदवारों ने निकाला फ्लैशलाइट प्रोटेस्ट मार्च
JPSC-JSSC के उम्मीदवारों ने गुरुवार को रांची में फ्लैशलाइट प्रोटेस्ट मार्च निकाला. इससे झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (JPSC) और झारखंड स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (JSSC) द्वारा आयोजित रिक्रूटमेंट एग्जाम में कथित गड़बड़ियों को लेकर उनका चल रहा आंदोलन और तेज हो गया. मार्च जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू हुआ, जिसमें शामिल लोग रिक्रूटमेंट प्रोसेस में ट्रांसपेरेंसी और अकाउंटेबिलिटी की सिंबॉलिक अपील के तौर पर फ्लैशलाइट लिए हुए थे.
यह प्रदर्शन उन उम्मीदवारों के लगातार विरोध प्रदर्शनों के बीच हुआ है जो कथित एग्जाम में गड़बड़ियों पर कार्रवाई, फेयर रिक्रूटमेंट प्रोसेस और अधिकारियों से ज्यादा अकाउंटेबिलिटी की मांग कर रहे हैं. आयोजकों का कहना है कि इस विरोध का मकसद अपनी मांगों पर लोगों का ध्यान खींचना है और साथ ही राज्य सरकार पर उनकी चिंताओं को दूर करने का दबाव बनाना है.
यह नया मार्च रांची में कई दिनों के प्रदर्शनों के बाद हुआ है, जहां छात्र रिक्रूटमेंट एग्जाम के बारे में सरकार से पूरी प्रतिक्रिया मांग रहे हैं. इससे पहले, राज्य प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए बुलाया था, और बाद में उम्मीदवारों ने सरकारी अधिकारियों के साथ बातचीत में हिस्सा लेने के लिए 11 सदस्यों का एक डेलीगेशन बनाया था.
झारखंड में छात्र आंदोलन हुआ तेज
सरकार ने कहा है कि कथित गड़बड़ियों की जांच चल रही है, लेकिन प्रदर्शन कर रहे छात्र ट्रांसपेरेंट जांच, ज़िम्मेदार पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और भविष्य की भर्ती परीक्षाओं की ईमानदारी को सुरक्षित रखने के उपायों की मांग कर रहे हैं.
यह आंदोलन हाल के हफ्तों में झारखंड में छात्रों के नेतृत्व वाले सबसे बड़े आंदोलनों में से एक बनकर उभरा है, जिसने भर्ती पारदर्शिता और परीक्षा शासन को फोकस में ला दिया है। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि भर्ती परीक्षाओं में कोई भी चूक सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे हजारों उम्मीदवारों के करियर पर सीधा असर डालती है.
झारखंड सरकार ने बार-बार कहा है कि वह भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को हल करने के लिए कमिटेड है. राज्य के मंत्रियों ने कहा है कि जांच की जा रही है और अगर गड़बड़ियां साबित होती हैं तो दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. हालांकि, अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों द्वारा उठाई गई मांगों के बारे में कोई आखिरी फैसला नहीं सुनाया है.
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शिवांग माथुर
शिवांग माथुर टीवी 9 भारतवर्ष में एसोसियेट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं.
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