अभ्यर्थी न्याय मंच ने सरकार की कमेटी को सौंपा मांग पत्र, JPSC-JSSC भर्ती व्यवस्था में सुधार की मांग
Ranchi : झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं को लेकर आंदोलनरत अभ्यर्थी न्याय मंच ने सरकार की कमेटी को विस्तृत मांग पत्र सौंपा. मंच ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, लंबे समय से हो रही देरी, पारदर्शिता की कमी और लंबित नियुक्तियों को लेकर सरकार से तत्काल और दीर्घकालिक स्तर पर कई सुधार करने की मांग की है. मंच ने मांग पत्र को मुख्य रूप से तात्कालिक, दीर्घकालिक और अन्य प्रमुख मांगों में रखा है. अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं—
तात्कालिक मांगें
- JSSC CGL रद्द कर CBI जांच: विज्ञापन संख्या 02/2023 के तहत आयोजित JSSC CGL परीक्षा को रद्द कर पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग.
- 11वीं-13वीं JPSC परीक्षा पर कार्रवाई: 11वीं-13वीं JPSC संयुक्त असैनिक सेवा परीक्षा को रद्द कर CBI जांच कराने की मांग.
- TDPL एजेंसी की परीक्षाएं रद्द हों: TDPL एजेंसी के माध्यम से आयोजित JPSC की उन सभी परीक्षाओं को रद्द कर दोबारा आयोजित करने की मांग, जिनकी प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है.
- FRO और ACF में अवसर: FRO और ACF भर्ती में UPSC की तर्ज पर सभी ग्रेजुएट स्ट्रीम के अभ्यर्थियों को शामिल करने की मांग.
- आयु सीमा की गणना: FRO और ACF भर्ती में अधिकतम आयु सीमा की गणना के लिए 1 अगस्त 2018 को आधार तिथि मानने की मांग.
- JPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025: आगामी JPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में भी 1 अगस्त 2018 को आधार तिथि मानकर अभ्यर्थियों को आयु सीमा में राहत देने की मांग.
- फास्ट ट्रैक परीक्षा: रद्द की जाने वाली परीक्षाओं को फास्ट ट्रैक प्रक्रिया के तहत अधिकतम छह माह के भीतर दोबारा आयोजित कर परिणाम जारी करने की मांग.
- सहायक आचार्य नियुक्ति: सहायक आचार्य के करीब 26 हजार रिक्त पदों की नियुक्ति प्रक्रिया जल्द पूरी करने की मांग.
- DV का परिणाम जारी हो: डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (DV) करा चुके सहायक आचार्य अभ्यर्थियों का परिणाम तत्काल जारी करने की मांग.
- कंप्लायंस सर्टिफिकेट: पिछले पांच वर्षों में आयोजित भर्ती परीक्षाओं का कंप्लायंस सर्टिफिकेट जारी करने की मांग.
- कटऑफ और प्राप्तांक सार्वजनिक हों: सभी भर्ती परीक्षाओं के कटऑफ अंक और अभ्यर्थियों के प्राप्तांक सार्वजनिक करने की मांग.
- वार्षिक परीक्षा कैलेंडर: JPSC और JSSC की सभी भर्ती परीक्षाओं के लिए निश्चित वार्षिक परीक्षा कैलेंडर जारी करने की मांग.
- नॉर्मलाइजेशन पारदर्शी हो: यदि किसी परीक्षा में नॉर्मलाइजेशन लागू किया जाता है तो उसका पूरा फार्मूला और प्रक्रिया परिणाम जारी होने से पहले सार्वजनिक करने की मांग.
- अभय तिवारी मामले की जांच: JSSC CGL में सेकंड टॉपर, PGT और 11वीं-13वीं JPSC समेत कई परीक्षाओं में सफलता हासिल करने वाले अभय तिवारी से जुड़े मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष CBI जांच की मांग.
तीन माह के भीतर दीर्घकालिक सुधार की मांग
- लंबित न्यायालयीन मामलों का निपटारा: हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में लंबित JPSC-JSSC से जुड़े मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए Mentioning कराकर समयबद्ध निपटारे की मांग.
- प्रतिष्ठित एजेंसी से परीक्षा: JSSC की भर्ती परीक्षाएं TCS जैसी प्रतिष्ठित और विश्वसनीय एजेंसी के माध्यम से कराने की मांग.
- पूर्व परीक्षाओं की जांच: JSSC के सचिव सुधीर गुप्ता के कार्यकाल में आयोजित PGT, लैब असिस्टेंट, CGL समेत अन्य परीक्षाओं की उच्चस्तरीय स्वतंत्र जांच की मांग.
- एक वर्ष में भर्ती पूरी हो: सभी भर्ती प्रक्रियाओं को अधिकतम एक वर्ष के भीतर पूरा करने की मांग.
- JPSC में अधिकतम आयु सीमा 42 वर्ष: प्रशासनिक देरी से अभ्यर्थियों को होने वाले नुकसान को देखते हुए JPSC परीक्षाओं में अधिकतम आयु सीमा 42 वर्ष निर्धारित करने की मांग.
- PET में समय सीमा: पुलिस आरक्षी, दारोगा आदि भर्तियों में 1.6 किलोमीटर दौड़ के लिए पुरुष अभ्यर्थियों को 7 मिनट और महिला अभ्यर्थियों को 12 मिनट का समय देने की मांग.
- स्थायी निगरानी समिति: भर्ती परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता की शिकायतों के लिए स्थायी Monitoring Committee गठित करने की मांग.
- व्हिसलब्लोअर की पहचान गोपनीय हो: परीक्षा में अनियमितता की जानकारी देने वाले शिकायतकर्ताओं और व्हिसलब्लोअर्स की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखने की मांग.
पुस्तकालय और लंबित नियुक्तियों से जुड़ी मांगें
- झारखंड सार्वजनिक पुस्तकालय अधिनियम: राज्य में झारखंड सार्वजनिक पुस्तकालय अधिनियम लागू करने की मांग.
- पुस्तकालयों में नियमित नियुक्ति: पुस्तकालयों में आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त कर नियमित नियुक्तियां करने की मांग.
- TGT-2016 नियुक्ति: TGT-2016 के मेधावी अभ्यर्थियों की लंबित नियुक्ति प्रक्रिया जल्द पूरी करने की मांग.
- उर्दू JTET अभ्यर्थियों की नियुक्ति: उर्दू JTET पास अभ्यर्थियों के करीब 3,700 रिक्त पदों पर जल्द नियुक्ति करने की मांग.
- JET में Library & Information Science: JET परीक्षा में Library and Information Science विषय को शामिल करने की मांग.
- विषय की पढ़ाई को बढ़ावा: राज्य के विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों में Library and Information Science की पढ़ाई को बढ़ावा देने की मांग.
अभ्यर्थी न्याय मंच ने सरकार की कमेटी से मांग की है कि सभी बिंदुओं पर गंभीरता से विचार करते हुए समयबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाए. मंच का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और समयबद्धता सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि राज्य के लाखों युवाओं का सरकारी भर्ती व्यवस्था पर विश्वास कायम रह सके.
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