कर्क राशिफल – Kark Rashifal 2026- 24 July to 31 July

ही, हू, हे, हो, डा — पुनर्वसु नक्षत्र (चतुर्थ चरण)

डी, डू, डे, डो — पुष्य नक्षत्र

ह, ड — आश्लेषा नक्षत्र


24 जुलाई से 31 जुलाई तक

दिनांक 24, 25 को ज्ञानार्जन करेंगे। आप अध्ययन, अनुसंधान, शोध, लेखन आदि कार्यों में लगे रहेंगे। सारी नकारात्मकता भूलकर आप अपने काम पर ध्यान देंगे व इसके बेहतर परिणाम भी आएंगे। घरेलू मसलों को आप निपटाएंगे। 26, 27, 28 को उत्तम सम्पत्तिदायक समय रहेगा। अच्छी नौकरी या अच्छा ऑफर मिल सकता है। कानूनी मामले, कागजादी मसले, दस्तावेजी पचड़ों पर अधिक ध्यान केन्द्रित रहेगा। कड़ी मेहनत व कठोर परिश्रम से आपके लिए कुछ भी असंभव नहीं होगा। 29, 30 को शांतिदायक समय रहेगा। कमजोर व वृद्ध लोगों की सहायता के लिए हाथ बढ़ाएंगे। 31 को समय खराब है। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी व समस्या पेश आ सकती है। 

ग्रह स्थिति

मासारम्भ में बुध + शुक्र + बृहस्पति कर्क राशि का लग्न में, केतु सिंह राशि का द्वितीय भाव में, चन्द्रमा धुन राशि का षष्टम भाव में, राहु कुंभ राशि का अष्टम भाव में, शनि मीन राशि का नवम भाव में, मंगल वृषभ राशि का ग्यारहवें भाव में, सूर्य मिथुन राशि का बारहवे भाव में स्थित है।

कर्क राशि की शुभ-अशुभ तारीख़ें

2026शुभ तारीख़ेंसावधानी रखने योग्य अशुभ तारीख़ें
जनवरी1, 5, 6, 8, 9, 10, 27, 283, 11, 12, 13, 21, 22, 30
फरवरी1, 2, 5, 6, 24, 25, 288, 9, 17, 18, 19, 26, 27
मार्च1, 4, 5, 6, 23, 24, 28, 297, 8, 9, 16, 17, 18, 25, 26
अप्रैल1, 2, 19, 20, 24, 25, 28, 293, 4, 5, 13, 14, 15, 22
मई17, 18, 21, 22, 25, 261, 2, 10, 11, 12, 19, 20, 28, 29
जून13, 14, 17, 18, 19, 21, 22, 236, 7, 8, 15, 16, 24, 25, 26
जुलाई10, 11, 15, 16, 19, 204, 5, 6, 13, 21, 22, 23, 31
अगस्त7, 8, 11, 12, 15, 161, 2, 9, 10, 18, 19, 27, 28, 29
सितम्बर3, 4, 8, 9, 11, 12, 13, 306, 14, 15, 16, 24, 25
अक्टूबर1, 5, 6, 9, 10, 28, 293, 12, 13, 21, 22, 23, 30, 31
नवम्बर1, 2, 5, 6, 24, 25, 28, 29, 308, 9, 17, 18, 19, 26, 27
दिसम्बर2, 3, 4, 21, 22, 26, 27, 30, 315, 6, 7, 15, 16, 17, 24

कर्क राशि का वार्षिक भविष्यफल

Kark Rashifal
कर्क राशि

शनि इस वर्ष वर्षपर्यंत नवम स्थान में चलायमान रहेगा। भाग्योन्नति संबंधी विषय गति पकड़ेंगे। कर्क राशि के लोगों के लिए यह साल 2026 भाग्यवर्धक है। करियर व काम-काज में नए अवसर मिलेंगे। समय रहते अवसरों का लाभ ले लें । व्यापार में विस्तर की योजना गति पकड़ेगी। इस वर्ष शत्रु जरूर कुछ न कुछ गुप्त योजना या षडयंत्र आपके विरुद्ध बना सकते हैं। कार्यक्षेत्र में, नौकरी में यह सावधानी आपको जरूर से रखनी चाहिए। अच्छे व सच्चे मित्रों का साथ रहेगा। आर्थिक महत्वाकांक्षाएं जोर मारेंगी वही आर्थिक रूप से आप सक्षम व सुदृढ़ स्थिति में रहेंगे, पैसा पास में कम ही टिक पायेगा, जितनी तेजी व तीव्रता से आयेगा, उतनी ही तेजी व तीव्रता से खर्च भी होगा। धन की आई चलाई रहेगी। वर्षारंभ में छठे स्थान पर में चतुष्ग्रह युति है। कहीं न कहीं आपकी योजनाएं, प्लानिंग्स अधर में अटक सकती हैं। घर में पिता या किसी वरिष्ठ सदस्य का स्वास्थ्य गड़बड़ा सकता है। तथा अस्पताल आदि इलाज से मोटी राशि खर्च हो सकती है। 
व्यापार व कारोबार में नई-नई पार्टियों से नए-नए व्यापारियों से आपके सम्पर्क बनेंगे, जिससे आपको आगे बढ़ने की नई संभावनाओं व नए विकल्पों का उदय होगा। भाईयों से सम्पत्ति संबंधी विवाद हो सकता है। इस साल भूमि, भवन, वाहनादि खरीद के योग बनते हैं। घर में किसी नवीन चल या अचल सम्पत्ति को खरीद सकते हैं। लेकिन भूमि, भवन वाहन आदि खरीदने से पूर्व कागजों की अच्छी तरह से जांच पड़ताल कर लें, विश्वास में आपके साथ विश्वासघात हो सकता है। नौकरी में बॉस व अधिकारी से सामंजस्य बढ़िया रहेगा। पदोन्नति या मनोनुकूल काम-काज मिल सकता है। 
घर-परिवार भी इस समय आपकी समान प्राथमिकता पर रहेंगे। हालांकि सास-बहु ननद, भौजाई, देवरानी जेठानी की नोंक-झोंक चलती रहेगी। बिना पढ़े किसी भी कागज पर हस्ताक्षर नहीं करें व व्यापार में उधार देने से पूर्व भुगतान सुनिश्चित कर लें। बुरी आदतों, लोगों का त्याग कर दें। अन्यथा आप किसी गम्भीर समस्या को निमन्त्रण दे बैठेंगे। आपकी राशि से केन्द्र स्थान में इस वर्ष वर्षारंभ में कोई नहीं है। अतः बहुत ही शनै: शनै: धीमे-धीमे आगे बढ़ेंगे। नए मित्र बनाने में आपको सावधानी रखनी चाहिए, कई मौका परस्त व मतलब परस्त लोग आपके साथ जुड़ जाएंगे। 
शारीरिक सुख एवं स्वास्थ्य:- इस वर्ष राहु वर्षारंभ में आठवें स्थान में है। अतः नशे, बुरी, आदतों, शराब, तम्बाकू, गांजा आदि का त्याग कर दें, बुरी आदतों व बुरे लोगों से दूर रहें। वैसे स्वास्थ्य में किसी गम्भीर व घातक बीमारी की संभावना व आशंका नहीं है बशर्ते कि लापरवाही आपकी तरफ से नहीं हो। वर्षारंभ में हल्की-फुल्की मौसमी बीमारियां हो सकती हैं। तथा 27 जुलाई से 11 दिसम्बर के मध्य शनि के वक्रत्व काल में वाहन सावधानीपूर्वक चलावें, वाहन से चोट लग सकती है। घर के किसी वरिष्ठ सदस्य के स्वास्थ्य पर खर्चा होगा। योग, व्यायाम, खान-पान की शुद्धता पैदल चलना, चलना, जैसी चीजों से लाभ होगा। मसालेदार, ज्यादा तैलीय खाना खाने से बचें। 
व्यापार, व्यवसाय व धन:- 
काम-काज व्यापार की दृष्टि से यह साल लाभप्रद है। व्यापार में व्यवसाय में नए-नए प्रयोग अमल में लाएंगे, नई मशीनरी, नई तकनीक के साथ आप आगे बढ़ेंगे। प्रोडक्शन बढ़ाना आपका मुख्य लक्ष्य रहेगा। परंतु आप व्यापार में कई बार ऐसे निर्णय लेंगे, या समझौते करेंगे, जिसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। आर्थिक रूप से आप काफी सुदृढ़ व सक्षम स्थिति में रहेंगे। भागीदारी के काम में छोटे-छोटे निर्णयों को सावधानी से लें। मार्केटिंग पर भी ध्यान रहेगा रुपयों-पैसों के मामले में किसी पर भी भरोसा नहीं करें। भागीदार व कर्मचारी की हर गतिविधि व कार्यकलाप पर नजर रखें। आपकी कोई व्यावसायिक जानकारी या ऑफिशियल सिक्रेट्स लीक हो सकते हैं। बृहस्पति 2 जून तक बारहवे रहेंगे, कुछ अप्रत्याशित व्यापारिक खर्चों की स्थिति रहेगी। मशीनरी फैलियर, या घूस (रिश्वत) पर पैसा खर्च करना पड़ सकता है। व्यापारिक व व्यावसायिक प्रतिद्वंद्वी व प्रतिस्पर्धी आपके सामने बड़ा लक्ष्य व बड़ी चुनौती रख देंगे। हर चुनौती को आप हंसते-हंसते बड़ी ही सहजता सुगमता से स्वीकार करेंगे। इस वर्ष के मध्य में किसी बड़े या प्रभावशाली व्यक्ति से आपकी मुलाकात आपके लाभ के रास्ते खोल देगी। इस वर्ष आप सम्पत्ति में कुछ राशि निवेश करेंगे। पुरानी सम्पत्ति को लेकर इस साल कोई विवाद या चिंता रह सकती है । मिथुन राशि के जातक स्वाभिमानी होते हैं, तथा इसी स्वाभिमान से आप अपने उसूलों के साथ समझौता नहीं करेंगे, कई बार यही स्वाभिमान राह का रोड़ा भी बन सकता हैं। 
घर, परिवार, संतान व रिश्तेदार:- 
इस वर्ष व्यापार व नौकरी की जिम्मेदारियों व पारिवारिक परिस्थितियों के बीच में तालमेल बिठाना आपके लिए मुश्किल रहेगा। अपने काम को प्राथमिकता देंगे तो परिवार के लोग आपसे नाराज रहेंगे। शनि गुरु की राशि का है अतः पति-पत्नी में यदा-कदा वैचारिक विरोध व गतिरोध की स्थिति बन सकती है। विवाहेत्तर प्रेम संबंधों से भी घर का माहौल बिगड़ेगा। संतान की शिक्षा अध्ययन से जुड़ी हर छोटी से छोटी चीज को आप गम्भीरता से लेंगे। बृहस्पति बारहवे हैं। तथा अतिचारी रहेगा। इस कारण घर के किसी वरिष्ठ सदस्य का स्वास्थ्य 2 जून के बाद गड़बड़ा सकता है। रिश्तेदारों से कोई ज्यादा लाभ के योगायोग व स्थितियां नहीं है। रिश्तेदार आपसे जलन, ईर्ष्या व द्वेष करेंगे। 
विद्याध्यन, पढ़ाई व करियर :- 
इस वर्ष 2 जून तक तो बृहस्पति बारहवें होने से शिक्षा में कोई खास सफलता के योगायोग नहीं दिखला रहा है। करियर में प्राईवेट जॉब में सफलता नहीं मिल पायेगी। 2 जून के बाद बृहस्पति आपकी राशि में उच्च के आकर अध्ययन में सफलता के योग बनाएंगे। करियर में इंटरव्यू में, नौकरी से सम्बन्धित परीक्षा में सफलता मिल जायेगी। ग्रुप डिस्क्शन, पैनल इंटरव्यू में आपका प्रदर्शन बेहतर रहेगा। तकनीकी शिक्षा, लीगल, ज्यूडिशयल आदि के क्षेत्र में सफलता योगायोग हैं। 2 जून के बाद नौकरी में बेहतर जॉब का अवसर, पदोन्नति व इन्क्रीमेण्ट का योग बना हुआ है। प्राईवेट जॉब या सरकारी नौकरी में अपने काम को परी ईमानदारी व निष्ठा से करेंगे। छठे भाव में चतुष्ग्रह युति आपको कोई ट्रेप भी कर सकता है। 27 जुलाई से 11 दिसम्बर के मध्य करियर व जॉब में सावधान रहें। 
प्रेम प्रंसग एवं मित्र:- 
पंचमेश मंगल छठे स्थान में स्थित है। अतः प्रेम प्रंसग व सम्बन्ध परेशानी का कारण बन सकते हैं। बदनामी व अपयश होने का योग है। वहीं आठवें 
राहु के कारण ऐसी कोई बात उजागर हो जायेगी जिसे आप गुप्त रखना चाहते थे। आप किसी जरूरत मंद मित्र की तरफ मदद का हाथ बढ़ाएंगे। मित्र भी आपकी सहायता व सहयोग के लिए तत्पर रहेंगे। इस वर्ष आपके प्रेम सम्बन्धों के प्रस्ताव तो प्राप्त होंगे, लेकिन सावधान आप अपने अध्ययन व करियर के साथ समझौता नहीं करें। अमर्यादित व अनैतिक प्रेम सम्बन्धों से बचें। 27 जुलाई से 11 दिसम्बर के मध्य कोई मित्र आपके साथ विश्वासघात कर सकता है। 
वाहन, खर्च व शुभकार्य:- 
इस वर्ष शुभकार्य की सम्भावना व स्थितियां 31 अक्टूबर के बाद बन रही हैं। 2 जून से 31 अक्टूबर के मध्य देवगुरु बृहस्पति अतिचारी होकर शुभ व मांगलिक प्रसंग की योजना व रूपरेखा बना सकते हैं। जिसकी परिणिति 31 अक्टूबर के बाद होगी। हालांकि इस साल वाहन पर काफी खर्चा होगा, वाहन के नियमित रख-रखाव मेंटेनेंस पर खर्चा होगा। वहीं वाहन द्वारा क्षति की संभावना 2 जून के पश्चात् वक्री शनि के कारण है। अतः शराब पीकर या मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए वाहन नहीं चलावें । समय-समय पर नियमित रख-रखाव करवाते रहें, तथा सीट बेल्ट, हैलमेट या यातायात नियमों का गम्भीरता से पालन करें। 
हानि, कर्ज व अनहोनी:- 
इस वर्ष 27 जुलाई 11 दिसम्बर के मध्य धन हानि के योग वक्री शनि के कारण बन रहे हैं, व्यापार व कारोबार में गलत निर्णय हो जायेगा। वहीं नौकरी में बॉस व अधिकारी आपके काम से नाखुश हो सकते हैं। लक्ष्यों को समय पर पूरा करने का दबाब रहेगा। पुराने कर्ज से धीरे-धीरे निवृत्त होने लगेंगे। तथा नए कर्ज की ओर भी प्रवृत्त होंगे। व्यापार में कच्चे माल, कार्य विस्तार के लिए आप कर्ज ले सकते हैं। किसी मित्र या रिश्तेदार के साथ 2 जून से 31 अक्टूबर तक आपकी राशि में अतिचारी बृहस्पति कोई अनहोनी या अप्रिय घटना करवा सकता है। 
यात्राएं :- 
वर्षांरंभ में आपकी राशि का अधिपति चन्द्रमा लाभ स्थान में उच्च का है। व्यापार व काम-काज को लेकर खूब यात्राएं करवायेगा। संतान के विवाह, सगाई व परिवार के किसी शुभ प्रसंग को लेकर भी यात्राएं रहेंगी। 
उपाय:- 
वर्ष की शुभता बढ़ाने के लिए भगवान शिव शंकर की उपासना आराधना करें। ॐ नमः शिवाय मंत्र का जप करें। मोती युक्त चंद्र यंत्र गले में धारण करें। सोमवार को नहाने के पानी में कच्चा दूध डालकर नहावें।

कर्क राशि की चारित्रिक विशेषताएं

कर्क राशि का स्वामी चंद्रमा है। कर्क लग्न के जातक चंद्रमा से प्रभावित होते हैं। चंद्रमा स्वयं चंचल है। अतः ऐसा व्यक्ति चंचल स्वभाव का होता है। सहनशीलता की कुछ कमी रहेगी। भीतर से कुछ और तथा बाहर से कुछ और होता है। ऐसा व्यक्ति पूर्ण स्थायी होता है। आत्मप्रशंसा अर्थात् खुद की प्रशंसा सुनना पसंद करता है। 
चंद्रमा एक शीतल, सौम्य एवं शुभ ग्रह है। चंद्रमा का सबसे ज़्यादा असर मनःस्थिति पर देखा गया है। अतः इस राशि वाले स्त्री- पुरुष प्रायः अत्यधिक भावुक व भावनाप्रद विचारों से ओत-प्रोत पाए जाते हैं। लंबा कद, दूसरों के प्रति दया व प्रेम की विशेष भावना एवं जीवन में निरन्तर आगे बढ़ने की तीव्र लालसा इनकी निजी विशेषता है। 
सामान्यतया कर्क राशि में उत्पन्न जातक शांत प्रवृत्ति के होते हैं तथा अपने कार्यकलापों को वे दृढ़तापूर्वक संपन्न करते हैं। इनमें भावुकता का भाव भी विद्यमान रहता है तथा प्रेम एवं स्नेह के क्षेत्र में ये निश्छलता का प्रदर्शन करते हैं। जीवन में भौतिक सुख-संसाधनों को ये स्वपरिश्रम तथा पराक्रम से अर्जित करने में समर्थ रहते हैं तथा सुखपूर्वक इनका उपभोग करते हैं। साथ ही इनमें समाज सेवा या देश सेवा की भी भावना रहती है। अन्य जनों की आंतरिक भावनाओं को समझने में ये दक्ष होते हैं तथा राजनीतिक या सरकारी क्षेत्र में किसी सम्मानित पद को प्राप्त करके मान-प्रतिष्ठा एवं प्रसिद्धि अर्जित करते  हैं। 
अतः इसके प्रभाव से आप एक बुद्धिमान पुरुष होंगे तथा अपने सांसारिक शुभ एवं महत्त्वपूर्ण कार्यों को बुद्धिमता एवं परिश्रम से संपन्न करेंगे तथा इनमें आपको प्रायः सफलता प्राप्त होगी, जिससे आपका उन्नति का मार्ग प्रशस्त रहेगा। साथ ही समाज में यथोचित आदर एवं सम्मान प्राप्त करेंगे। आर्थिक रूप से आप सुदृढ़ रहेंगे तथा प्रचुर मात्रा में धनार्जन होता रहेगा।  जीवन में आपको उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ेगा, परन्तु समस्त समस्याओं का सामना तथा समाधान आप दृढ़तापूर्वक करेंगे तथा विषम परिस्थितियों में भी साहस नहीं छोड़ेंगे। इसके अतिरिक्त समाज में आपका प्रभाव रहेगा तथा अनुकूल प्रतिष्ठा अर्जित करने में समर्थ होंगे। आपका व्यक्तित्व आकर्षक होगा, फलतः अन्य जन आपसे प्रभावित होंगे। श्रेष्ठ एवं उत्कृष्ट कार्यों को करने में आपकी रुचि  रहेगी तथा प्रयत्नपूर्वक इनको करने के लिए तत्पर रहेंगे। 
आप में कर्तव्यपरायणता का भाव भी विद्यमान रहेगा तथा समाज एवं देश के प्रति अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करेंगे। सरकारी क्षेत्र या राजनीति में आपको सफलता मिलेगी तथा किसी उच्च पद को प्राप्त करने में समर्थ होंगे। 
धर्म के प्रति आपकी श्रद्धा रहेगी, परन्तु धार्मिक कार्य-कलाप या अनुष्ठान अल्प मात्रा में ही संपन्न करेंगे। प्रकृति के प्रति आकर्षण रहेगा तथा समय-समय पर आप इन स्थानों पर भ्रमण करने जाते रहेंगे। संगीत एवं कला के प्रति भी आपका आकर्षण रहेगा तथा इस क्षेत्र में आपका योगदान भी रहेगा। मित्रों के मध्य आप सम्मानीय रहेंगे तथा उनसे आपको इच्छित सुख एवं सहयोग की प्राप्ति होगी, साथ ही वे गुणवान तथा शिक्षित भी होंगे। इस प्रकार आप कर्तव्यपरायण, दृढ़प्रतिज्ञ, मित्र-प्रेमी तथा पराक्रमी पुरुष होंगे एवं जीवन में परिश्रमपूर्वक धनैश्वर्य एवं वैभव अर्जित करके प्रसन्नतापूर्वक अपना समय व्यतीत करेंगे। 
कर्क राशि ‘जल तत्त्व’ प्रधान है। इसलिए ऐसा व्यक्ति घूमने व तैरने का शौकीन होता है। चंद्रमा की चांदनी इनको बहुत पसंद होती है और इनकी कल्पना शक्ति बहुत तीव्र होती है। ये अच्छे लेखक, सुन्दर कवि, दार्शनिक तथा उच्चकोटि के साहित्यकार व भविष्यवक्ता हो सकते हैं। 
चंद्रमा की धवल कांतिमय किरणों का रंग 'मोतियों' सदृश आंका गया है। अतः उसका रत्न 'मोती' आपके लिए अत्यधिक अनुकूल माना गया है। ‘श्वेत रंग' प्रिय होने से ऐसे व्यक्ति, सीमेंट कारखाने तथा भवन निर्माण इत्यादि कार्यों व कपड़ा संबंधी व्यापार में सफल होते देखे गए हैं। 
यह एक जलीय राशि है, इसलिए इस राशि वाले व्यक्ति खेती के कार्य (Agriculture) व यांत्रिक मशीनरी वस्तुओं में रुचि लेते हुए पाए गए हैं। सरकारी अधिष्ठानों में ऐसे व्यक्ति जल-संबंधी कार्यों में दक्ष पाए गए हैं। यह स्त्री संज्ञक राशि है, इसलिए इसकी प्रकृति और मानसिक अवस्था में इतनी चंचलता रहती है कि ये सबसे एक- सा व्यवहार नहीं कर पाते, इनमें धार्मिक प्रवृत्तियां भी पाई जाती हैं। अगर जरा-सा भी विपरीत कार्य हो जाए या कुछ संकट आ जाए, तो ये विचलित हो उठते हैं। स्त्रियों के समान बातचीत के शौकीन होते हुए आप शीघ्र आवेश में आ जाते हैं, परन्तु शांत भी शीघ्र हो जाते हैं। अपने मृदुल स्वभाव के कारण मित्रों से नुकसान में रहते हैं। अत्यधिक भावुकता आपके लिए घातक है। कर्क राशि वाले प्रायः गोरे वर्ण व धवल कांति वाले होते हैं। यदि आपका जन्म कर्क राशि के अन्तर्गत ‘पुनर्वसु नक्षत्र' के चतुर्थ चरण ( ही अक्षर) में हुआ है, तो आपका जन्म 16 वर्ष की बृहस्पति की महादशा के अन्तर्गत हुआ है। आपकी योनि - मार्जर, गण-देव, वर्ग-विप्र, हंसक - जल, नाड़ी - आद्य, पाया-चांदी एवं वर्ग-मेढ़ा है। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाला व्यक्ति क्रय-विक्रय से बहुत धन कमाता है तथा इनके दांत बहुत ही मज़बूत व सुन्दर होते हैं। 
यदि आपका जन्म कर्क राशि के अन्तर्गत 'पुष्य नक्षत्र' (हू, डा) हे. में हुआ है, तो आपका जन्म 19 वर्ष की शनि की महादशा में हुआ है। आपकी योनि-मेढ़ा, गण- देव, वर्ण- विप्र, हंसक-जल, नाड़ी- मध्य, पाया-चांदी है। इस नक्षत्र के प्रारम्भिक तीन चरण का वर्ग और अंतिम चरण का वर्ग-श्वान है। पुष्य नक्षत्र में जन्मे व्यक्ति धर्म ध्वज, विविध कलाओं के ज्ञाता, दयालु, परोपकारी एवं समाज के अग्रणीय व्यक्ति होते हैं। 
यदि आपका जन्म कर्क राशि के अन्तर्गत 'आश्लेषा नक्षत्र' ( डी, डू, डे, डो) में हुआ है, तो आपका जन्म 17 वर्ष की बुध की महादशा में हुआ है। आपकी योनि - मार्जर, गण-राक्षस, वर्ण- विप्र, हंसक-जल, नाड़ी-आद्य, पाया-चांदी एवं वर्ग-श्वान है। इस नक्षत्र का अधिदेवता सर्प है। ऐसे व्यक्ति शीघ्र क्रोधित व उत्तेजित हो जाते हैं। 
आपका राशि चिह्न ‘केकड़ा' स्वजाति का शत्रु होता है तथा इसकी पकड़ बहुत मज़बूत होती है, तो आपके कुटुम्ब वाले व्यक्तियों में आपकी इतनी प्रतिष्ठा नहीं रहेगी, जितनी अन्य जाति, सामाजिक संगठनों व मित्रों में होगी। 
उपाय:- 
आपका राशि स्वामी चंद्रमा है। अतः 'चंद्र यंत्र' में मोती या चंद्रकांत मणि जड़वा कर प्राण-प्रतिष्ठित व अभिमंत्रित कर गले में धारण करें। सोमवार का व्रत करें। शिव चालीसा का पाठ करें। रोज़ाना किसी शिवलिंग को जल चढ़ाकर उसका 'निर्माल्य' अपने शरीर पर छींटे। सोमवार के दिन चीनी या चावल 1 मुट्टी भर 11 सोमवार तक नियमित रूप से दें। यदि बार-बार काम में रुकावट या बाधा आ रही है, लाख प्रयास करने पर भी परिणाम नकारात्मक हैं, तो 54 रत्ती का 

कर्क राशि की प्रमुख विशेषताएं

  1. राशि – कर्क
  2. राशि चिन्ह – केकड़ा
  3. राशि स्वामी – चंद्रमा
  4. राशि तत्त्व – जल तत्त्व
  5. राशि स्वरूप – चर
  6. राशि दिशा – उत्तर
  7. राशि लिंग व गुण – स्त्री, सत्त्वगुणी
  8. राशि जाति – ब्राह्मण
  9. राशि प्रकृति व स्वभाव – सौम्य स्वभाव, कफ प्रकृति
  10. राशि का अंग – छाती, सीना
  11. अनुकूल रत्न – मोती
  12. अनुकूल उपरत्न – चंद्रकांत मणि
  13. अनुकूल रंग – सफेद, क्रीम
  14. शुभ दिवस – सोमवार
  15. अनुकूल देवता – शिवजी
  16. व्रत / उपवास – सोमवार
  17. अनुकूल अंक – 2
  18. अनुकूल तारीखें – 2, 11, 20, 29
  19. मित्र राशियां – वृश्चिक, मीन, तुला
  20. शत्रु राशियां – मेष, सिंह, धनु, मिथुन, मकर
  21. व्यक्तित्व – अध्ययनप्रिय, जलप्रिय, प्रभावशाली, कुशल प्रबंधक