KBC में 7 करोड़ जीतना क्यों है मुश्किल? अमिताभ बच्चन के क्विज रिएलिटी शो में 13 साल में सिर्फ एक ही बार रचा गया ये इतिहास

KBC में 7 करोड़ जीतना क्यों है मुश्किल? अमिताभ बच्चन के क्विज रिएलिटी शो में 13 साल में सिर्फ एक ही बार रचा गया ये इतिहास

केबीसी में 7 करोड़ जीतने वाली जोड़ी- अचिन नरुला और सार्थक नरुला

KBC 7 Crore Jackpot Winner: अमिताभ बच्चन के क्विज रियलिटी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ का मंच बीते ढाई दशकों में देश के अनगिनत लोगों की जिंदगी बदल चुका है. शो में 1 करोड़ रुपये जीतने वाले तो दर्जनों धुरंधर सामने आए, लेकिन 7 करोड़ रुपये के सबसे बड़े जैकपॉट तक पहुंचना और उसे जीतना भारतीय टेलीविजन इतिहास की सबसे कठिन चुनौतियों में से एक माना जाता है. 7 करोड़ रुपये का इनाम शुरू हुए 13 साल से ज्यादा का समय हो चुका है, पर इस जैकपॉट को एक बार ही जीता जा सका है.

आखिर क्यों 1 करोड़ रुपये जीतने के बाद बड़े से बड़े जानकार 7 करोड़ के सवाल पर आकर फंस जाते हैं? आइए इस पर विस्तार से चर्चा करते हैं.

कब शुरू हुआ 7 करोड़ का सफर?

साल 2013 में प्रसारित हुए ‘केबीसी सीजन 7′ के साथ मेकर्स ने शो की इनामी राशि में बड़ा बदलाव किया था. इससे पहले तक शो का सबसे बड़ा इनाम 5 करोड़ रुपये हुआ करता था, जिसे बढ़ाकर पहली बार 7 करोड़ रुपये (जैकपॉट) कर दिया गया. 7 करोड़ की प्राइज मनी आते ही शो का रोमांच और तनाव दोनों ही दोगुना हो गया, लेकिन 7 करोड़ रुपये का सवाल कोई साधारण सामान्य ज्ञान का सवाल नहीं होता. इसका स्तर इतना कठिन होता है कि इसमें किसी सवाल का जवाब तुक्के से देना लगभग असंभव होता है. इस सवाल का जवाब देने में कोई लाइफ़लाइन आपकी मदद नहीं कर सकती.

13 सालों में केवल एक बार रचा गया इतिहास

साल 2013 से लेकर अब तक 13 सालों के लंबे इतिहास में 7 करोड़ रुपये जीतने का ये रिकॉर्ड सिर्फ और सिर्फ एक ही बार टूट सका है. साल 2014 (केबीसी सीजन 8) में दिल्ली के रहने वाले दो भाइयों अचिन नरुला और सार्थक नरुला की जोड़ी ने 7 करोड़ रुपये के 14वें सवाल का सही जवाब देकर पूरे देश को चौंका दिया था. अचिन और सार्थक केबीसी के पूरे इतिहास में 7 करोड़ रुपये की जैकपॉट राशि जीतने वाले पहले और एकमात्र विजेता बने. उनके बाद से आज तक कोई भी जोड़ी या अकेला खिलाड़ी इस इनामी राशि को अपने नाम नहीं कर पाया है.

जवाब का अंदाजा होने पर भी क्यों किया क्विट?

केबीसी के अलग-अलग सीजनों में ऐसे कई पड़ाव आए, जब खिलाड़ी 1 करोड़ रुपये जीत चुके थे और उनके सामने 7 करोड़ का सवाल था. नाज़िया नसीम, मोहिता शर्मा, अनूपा दास, सनोज राज और बबीता ताड़े जैसे कई खिलाड़ियों ने 1 करोड़ रुपये जीतने के बाद 7 करोड़ के सवाल का सामना किया. सबसे दिलचस्प बात ये है कि उत्तर प्रदेश के साल 2023 में केबीसी 15 में आए जसनिल कुमार जैसे कुछ खिलाड़ियों को 7 करोड़ के सवाल के जवाब का काफी हद तक अंदाजा भी था. लेकिन नियम ये कहता है कि अगर 7 करोड़ के सवाल का जवाब गलत हो गया, तो खिलाड़ी की जीती हुई राशि सीधे घटकर 75 लाख या 32 लाख रुपये पर आ गिरती है. यानी एक गलत जवाब से खिलाड़ी को 25 लाख से लेकर 68 लाख रुपये से ज्यादा का सीधा नुकसान हो जाता है. इसी भारी नुकसान के डर से लगभग सभी खिलाड़ियों ने 1 करोड़ रुपये लेकर गेम क्विट करना ही समझदारी माना.

एक-दो मौकों पर तो ऐसा भी हुआ कि जब खिलाड़ी ने गेम छोड़ने के बाद केवल अंदाजे से उत्तर दिया, तो वो बिल्कुल सही निकला! यानी अगर वे रिस्क लेते तो इतिहास रच देते, लेकिन 1 करोड़ रुपये की सुरक्षित रकम को दांव पर न लगाने की सूझबूझ ने उन्हें क्विट करने पर मजबूर कर दिया. यही वजह है कि 7 करोड़ का ये जैकपॉट जीतना नामुमकिन सा हो गया है.

सोनाली नाईक

सोनाली नाईक

सोनाली करीब 15 सालों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रहार न्यूज पेपर से उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की थी. इस न्यूज पेपर में बतौर रिपोर्टर काम करते हुए सोनाली ने एंटरटेनमेंट बीट के साथ-साथ सीसीडी (कॉलेज कैंपस और ड्रीम्स) जैसे नए पेज पर काम किया. उन्होंने वहां 'फैशनेरिया' नाम का कॉलम भी लिखा. इस दौरान एलएलबी की पढ़ाई भी पूरी की, लेकिन पत्रकारिता के जुनून की वजह से इसी क्षेत्र में आगे बढ़ने के इरादे से 2017 में टीवी9 से सीनियर कोरेस्पोंडेंट के तौर पर अपनी नई पारी शुरू की. टीवी9 गुजराती चैनल में 3 साल तक एंटरटेनमेंट शो की जिम्मेदारी संभालने के बाद सोनाली 2020 में टीवी9 हिंदी डिजिटल की एंटरटेनमेंट टीम में शामिल हुईं. सोनाली ने टीवी9 के इस सफर में कई ब्रेकिंग, एक्सक्लूसिव न्यूज और ऑन ग्राउंड कवरेज पर काम किया है. हिंदी के साथ-साथ गुजराती, मराठी, इंग्लिश भाषा की जानकारी होने के कारण डिजिटल के साथ-साथ तीनों चैनल के लिए भी उनका योगदान रहा है. रियलिटी शोज और ग्लोबल कंटेंट देखना सोनाली को पसंद है. नई भाषाएं सीखना पसंद है. संस्कृत भाषा के प्रति खास प्यार है. नुक्कड़ नाटक के लिए स्क्रिप्ट लिखना पसंद है. सोनाली के लिखे हुए स्ट्रीट प्लेज 'पानी', 'मेड इन चाइना' की रीडिंग 'आल इंडिया रेडियो' पर सोशल अवेयरनेस के तौर पर की जा चुकी है.

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