कालेश्वरम विवाद पर गरमाई तेलंगाना की सियासत, रेवंत रेड्डी बोले- KCR और हरीश राव को ‘बेल्ट ट्रीटमेंट’ की जरूरत

तेलंगाना में कालेश्वरम सिंचाई परियोजना को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) और पूर्व मंत्री हरीश राव पर निशाना साधते हुए तीखा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कालेश्वरम परियोजना में कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। इसी दौरान उन्होंने विवादित टिप्पणी करते हुए कहा कि KCR और हरीश राव को “पटरी पर लाने के लिए बेल्ट ट्रीटमेंट” की जरूरत है। रेवंत रेड्डी के इस बयान के बाद राज्य की राजनीति और गरमा गई है। भारत राष्ट्र समिति (BRS) ने मुख्यमंत्री के बयान को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है और इसे राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ बताया है।
कालेश्वरम परियोजना को लेकर आमने-सामने कांग्रेस और BRS
कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना तेलंगाना की सबसे बड़ी और महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक रही है। पूर्ववर्ती BRS सरकार ने इसे किसानों के लिए वरदान बताते हुए कई बार अपनी उपलब्धियों में शामिल किया था। हालांकि कांग्रेस सरकार बनने के बाद से ही इस परियोजना की लागत, निर्माण गुणवत्ता और कामकाज को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि परियोजना में भारी वित्तीय अनियमितताएं हुईं और जनता के पैसे का सही इस्तेमाल नहीं हुआ। वहीं BRS लगातार इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि उनकी सरकार कालेश्वरम परियोजना से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान लिए गए फैसलों की वजह से राज्य पर आर्थिक बोझ बढ़ा।रेवंत ने कहा कि जांच प्रक्रिया के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि परियोजना में किसी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार हुआ है या नहीं। उन्होंने विपक्ष पर जनता को गुमराह करने का भी आरोप लगाया।
BRS ने बयान पर जताई नाराजगी
रेवंत रेड्डी के “बेल्ट ट्रीटमेंट” वाले बयान पर BRS नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री को संवैधानिक पद की गरिमा बनाए रखनी चाहिए और राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।BRS का दावा है कि कालेश्वरम परियोजना ने तेलंगाना के कई क्षेत्रों में सिंचाई सुविधाओं को बढ़ावा दिया और लाखों किसानों को फायदा पहुंचाया। पार्टी ने कांग्रेस सरकार पर विकास कार्यों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है।
जांच और सियासी बयानबाजी के बीच बढ़ा विवाद
कालेश्वरम परियोजना को लेकर चल रहा विवाद अब सिर्फ प्रशासनिक मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह राज्य की राजनीति का बड़ा केंद्र बन चुका है। कांग्रेस सरकार जहां जांच के जरिए पिछली सरकार पर सवाल उठा रही है, वहीं BRS अपने कार्यकाल की योजनाओं का बचाव कर रही है।राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि कालेश्वरम मुद्दा आने वाले समय में तेलंगाना की राजनीति में बड़ा चुनावी मुद्दा बन सकता है। दोनों प्रमुख दल इस मामले को जनता के बीच अपने-अपने पक्ष में इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं।फिलहाल रेवंत रेड्डी के बयान के बाद विवाद और बढ़ गया है। अब नजर इस बात पर है कि सरकार की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और इस मामले में आगे कौन से राजनीतिक कदम उठाए जाते हैं।