KPSC भर्ती घोटाले की जांच बरेली पहुंची: IAS ज्ञानेंद्र गंगवार के पैतृक घर ED की तलाशी, पेपर लीक और OMR से छेड़छाड़ का आरोप - Bareilly News

कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) की 400 वेटरिनरी ऑफिसर्स की भर्ती में कथित गड़बड़ियों की जांच रविवार को बरेली पहुंच गई। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने नवाबगंज क्षेत्र के हिमकरपुर चमरुआ गांव में 2016 बैच के IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार के पैतृक आ

.

टीम ने दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच की। कार्रवाई कर्नाटक में सामने आए कथित भर्ती घोटाले की मनी लॉन्ड्रिंग जांच का हिस्सा बताई जा रही है।

KPSC भर्ती घोटाले की जांच में बरेली तक पहुंची ED की कार्रवाई।

KPSC भर्ती घोटाले की जांच में बरेली तक पहुंची ED की कार्रवाई।

लखनऊ नंबर की गाड़ियों से पहुंची ED टीम

रविवार दोपहर ED की टीम कई गाड़ियों से हिमकरपुर चमरुआ पहुंची। टीम के साथ पुलिस बल भी मौजूद था। अधिकारियों ने सीधे गंगवार के पैतृक आवास में प्रवेश किया और दस्तावेजों समेत अन्य रिकॉर्ड खंगालना शुरू किया। ED ने IAS अधिकारी के बेंगलुरु और बरेली स्थित परिसरों की तलाशी PMLA के तहत चल रही जांच के सिलसिले में ली।

कार्रवाई की जानकारी मिलते ही गांव में हलचल बढ़ गई। घर के आसपास लोगों की आवाजाही सीमित रखी गई।

400 Veterinary Officers की भर्ती में गड़बड़ी के आरोप

जांच किसी सामान्य KPSC परीक्षा के पेपर लीक से जुड़ी नहीं है। मामला 400 Veterinary Officers की भर्ती परीक्षा से संबंधित है। KPSC ने 8 और 9 जनवरी 2026 को परीक्षा कराई थी। 17 जुलाई को 400 पदों की अंतिम चयन सूची जारी की गई।

इसके बाद परीक्षा और चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप सामने आए। शिकायतों में नौकरी दिलाने के नाम पर कुछ अभ्यर्थियों से 70 से 80 लाख रुपए तक मांगने के आरोप लगाए गए। कुछ मामलों में यह रकम 80 लाख से एक करोड़ रुपए तक होने का दावा भी किया गया। कथित बिचौलियों की बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी जांच एजेंसियों को दिए जाने की बात सामने आई है।

पेपर लीक के साथ OMR में छेड़छाड़ का आरोप

मामले में केवल पेपर लीक ही नहीं, बल्कि OMR उत्तर पुस्तिकाओं में कथित छेड़छाड़, अभ्यर्थियों की गोपनीय जानकारी लीक करने और चयन प्रक्रिया में हेरफेर के आरोप भी हैं।

कुछ चयनित अभ्यर्थियों के अंकों को लेकर भी सवाल उठाए गए। जांच में डिजिटल मूल्यांकन की प्रक्रिया भी शामिल है। ED ने KPSC के अलावा परीक्षा की कॉपियों के डिजिटल मूल्यांकन से जुड़ी कंपनी के परिसरों पर भी तलाशी ली थी।

18 अगस्त को 21 ठिकानों पर हुई थी छापेमारी

ED ने इससे पहले 18 अगस्त को कर्नाटक और अहमदाबाद समेत 21 ठिकानों पर तलाशी ली थी। इनमें KPSC कार्यालय, निलंबित KPSC चेयरमैन शिवशंकरप्पा एस. साहूकर का आवास, KPSC सदस्य शांता होस्मानी, कथित बिचौलियों, डिजिटल मूल्यांकन से जुड़ी कंपनी और चयनित Veterinary Officers से जुड़े परिसर शामिल बताए गए।

इससे पहले कर्नाटक सरकार मामले की जांच CID को सौंप चुकी है। पुलिस स्तर पर भी कथित पेपर लीक और OMR में छेड़छाड़ को लेकर FIR दर्ज की गई थी।

गंगवार की भूमिका जांच के दायरे में, आरोप साबित नहीं

गंगवार का नाम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भर्ती परीक्षा की प्रक्रिया के दौरान वे KPSC में परीक्षा नियंत्रक की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। हालांकि, ED की तलाशी को उनके खिलाफ अपराध साबित होने के तौर पर नहीं देखा जा सकता।

कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने 22 अगस्त को कहा था कि गंगवार के खिलाफ फिलहाल कोई आरोप नहीं है। उन्होंने बताया था कि गंगवार कुछ समय से संपर्क में नहीं थे और बाद में जानकारी मिली कि वे अपने पिता की तबीयत खराब होने के कारण उत्तर प्रदेश आए थे।

बरेली में क्या मिला, इसकी जानकारी नहीं

बरेली स्थित पैतृक आवास पर तलाशी के दौरान ED को क्या दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड मिले, इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। बरामद सामग्री का भर्ती मामले से क्या संबंध है, यह भी जांच के बाद स्पष्ट होगा।

फिलहाल ED की जांच का फोकस 400 Veterinary Officers की भर्ती में कथित रिश्वतखोरी, पेपर लीक, OMR से छेड़छाड़ और चयन प्रक्रिया में हेरफेर से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग एंगल पर है।

कौन हैं IAS ज्ञानेंद्र गंगवार?

ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार 2016 बैच के कर्नाटक कैडर के IAS अधिकारी हैं। वे UPSC सिविल सेवा परीक्षा के जरिए IAS बने। उनका पैतृक घर बरेली में है।

गंगवार KPSC में Controller of Examinations यानी परीक्षा नियंत्रक की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। जनवरी 2025 के कर्नाटक सरकार के पदोन्नति आदेश में भी उन्हें KPSC के परीक्षा नियंत्रक का अतिरिक्त प्रभार संभालते हुए दर्ज किया गया था। मार्च 2026 में उन्हें इस पद से हटा दिया गया। फिलहाल उनकी पोस्टिंग कर्नाटक के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में Director-MSME के तौर पर बताई गई है।