दिल्ली हादसे की जगह पहुंचीं CM रेखा, बोलीं- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
दिल्ली में हो रही मूसलाधार बारिश के बीच दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक इमारत अचानक भरभराकर गिर गई. इस दर्दनाक हादसे में कई लोगों के मलबे के नीचे फंसे होने की आशंका जताई जा रही है. इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई है.
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दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल पर पहुंचकर इलाके का जायजा लिया. उन्होंने बताया कि 11 लोगों को निकाला गया. घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है. मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि इस हादसे के पीछे जो भी दोषी पाया जाएगा उसे बख्शा नहीं जाएगा.
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इस हादसे की सूचना मिलने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपना कार्यक्रम बीच में ही रुकवा दिया. दरअसल, अमित शाह गोवा में बीजेपी के नए कार्यालय के उद्घाटन समारोह में पहुंचे थे. इस दौरान दिल्ली में इमारत गिरने की सूचना मिलने पर उन्होंने अपने कार्यक्रम को बीच में ही रुकवा दिया.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हादसे पर दुख जताया है. उनका कहना है कि उन्होंने मुख्यमंत्री, दिल्ली के पुलिस कमिश्नर और NDRF के डायरेक्टर जनरल से बात कर ज़मीनी हालात का जायज़ा लिया है.
Deeply distressed by the collapse of a building at Satya Niketan in Delhi. Spoke with the Chief Minister, Commissioner of Police, Delhi, and the Director General, NDRF, and assessed the situation on the ground. The local administration and the NDRF are conducting intensive rescue…
— Amit Shah (@AmitShah) September 6, 2026
दिल्ली बीजेपी सांसद सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने बताया हि कि इस मामले में सरकार ने एक कमेटी का गठन किया है. यह कमेटी हादसे के कारणों की जांच करेगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. रामवीर बिधूड़ी के मुताबिक, इमारत के मालिक के खिलाफ FIR दर्ज की जा चुकी है.
इस हादसे पर NDRF के इंस्पेक्टर जनरल NS बुंदेला ने बताया कि फिलहाल NDRF के 70 जवान मौके पर राहत-बचाव कार्य में लगे हैं. साथ ही, डॉग स्क्वाड भी मौके पर मौजूद है. कटिंग और तकनीकी उपकरणों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है.
मामले में एम्स का कहना है कि इमारत गिरने की घटना के बाद चार मरीज़ों को जय प्रकाश नारायण एपेक्स ट्रॉमा सेंटर लाया गया था. इनमें से दो मरीजों की हालत गंभीर है, एक बचावकर्मी को भी लाया गया था लेकिन उन्हें छुट्टी दे दी गई है. जबकि एक मरीज़ को मृत अवस्था में लाया गया था.
दिल्ली विश्वविद्यालय ने भी इस हादसे पर दुख जताया है. विश्वविद्यालय ने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है.
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस हादसे पर चिंता जताई है. उन्होंने NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और सभी बचाव दल से घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने की अपील की है. राहुल गांधी का कहना है कि कांग्रेस और NSUI कार्यकर्ता मौके पर मौजूद हैं और हर संभव मदद के लिए तैयार हैं.
दिल्ली पुलिस का कहना है कि दोपहर करीब 1:34 बजे साउथ कैंपस पुलिस स्टेशन को नानकपुरा गुरुद्वारे के पास एक इमारत गिरने की सूचना मिली. स्थानीय पुलिस, फायर ब्रिगेड, CAT एम्बुलेंस और अन्य इमरजेंसी सेवाएं मौके पर मौजूद हैं. NDRF की टीम भी पहुंच गई है और राहत व बचाव कार्य जारी है. मलबे में कितने लोग फंसे हैं इसका उचित आंकड़ा अब तक सामने नहीं आया है. मलबे से निकालकर एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराए गए तीन लोगों की हालत गंभीर है. मलबे से अब तक छह लोगों को निकाला जा चुका है. फिलहाल उनका अस्पताल में इलाज जारी है.
इस हादसे को लेकर दिल्ली की मुख्यमंत्री लगातार अधिकारियों के संपर्क में हैं. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पीड़ितों को हर संभव मदद पहुंचाने का आदेश दिया है. DM, दिल्ली पुलिस, NDRF समेत विभाग के अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री संपर्क में हैं. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी मौके पर पहुंच गई हैं.
दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इस हादसे पर चिंता जताई है. उनका कहना है कि जल्द से जल्द लोगों को निकालने का प्रयास किया जा रहा है. राहत और बचाव कार्य जारी है.
दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा ने भी इस हादसे पर दुख जताया है. उनका कहना है कि NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, DDMA, MCD, CATS और सिविल डिफेंस की बचाव टीमें मौके पर मौजूद हैं और जो लोग फंसे हैं उन्हें निकालने की हर संभव कोशिश की जा रही है.
दिल्ली सरकार में मंत्री आशीष सूद ने बताया कि बचाव और राहत कार्य जारी है. उनका कहना है कि सरकार स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रही है और संबंधित टीमों को निर्देश दिया है कि वे घटनास्थल पर मौजूद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर ज़रूरी कदम उठाएं.
कांग्रेस नेता अभिषेक दत्त ने इस हादसे को लेकर सवाल खड़े किए हैं. उनका कहना है कि सरकार को तुरंत इन बच्चों और उनके परिवारों की मदद करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसी घटना दोबारा न हो.
साउथ कैंपस थाने में इमारत के कथित मालिक हरिराम बंसल और अन्य लोगों के खिलाफ BNS की धारा 105/290/125(a) के तहत FIR दर्ज की गई है. आरोप है कि ग्राउंड फ्लोर पर मरम्मत का चल रहा था, जिसके कारण इमारत गिर गई.
दिल्ली की नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने भी इस हादसे पर दुख जताया है. उन्होंने प्रशासन से राहत और बचाव कार्य पूरी तत्परता से चलाने की अपील की है. उनकी मांग है कि सरकार इस हादसे की उच्च स्तरीय जांच कराए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे.
मलबे से एक व्यक्ति को जीवित निकाला गया है और एंबुलेंस में उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है.
बीजेपी की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने इस हादसे पर दुख जताया है. साथ ही, उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ्य होने की कामना की है.
दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में इमारत गिरने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना की सूचना अत्यंत दुखद है।
राहत एवं बचाव कार्य जारी है। ईश्वर से सभी लोगों के सकुशल होने तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करती हूँ।
— Smriti Z Irani (@smritiirani) September 6, 2026
11. दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस हादसे पर दुख जताते हुए दिल्ली सरकार पर सवाल उठाया है. उन्होंने दावा किया है कि दिल्ली में सरकार की लापरवाही के कारण अब तक कई हादसे हो चुके हैं.
ये हादसा मोती बाग के सत्य निकेतन स्थित शिव मंदिर के पास की है, जहां एक बहुमंजिला इमारत अचानक ढह गई. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंच गईं.
दोपहर 1 बजकर 33 मिनट पर मिली हादसे की जानकारी
फायर डिपार्टमेंट को 1 बजकर 33 मिनट पर इस हादसे की जानकारी मिली. फायर डिपार्टमेंट की 12 गाड़ियां मौके पर मौजूद हैं. राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाया जा रहा है और टीमें लगातार मलबा हटाने में जुटी हैं. 3 से 4 लोगों को मलबे से निकाला भी जा चुका है और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है.
जानकारी के मुताबिक, इस बिल्डिंग में एक पीजी चल रहा था जिसकी वजह से मलबे में कई छात्रों के दबे होने की आशंका है. रेस्क्यू टीमों के साथ-साथ स्थानीय लोग भी मलबा हटाने और लोगों को निकालने में जुटे हैं.
विधायक ने लिया हालात का जायजा
आरके पुरम के विधायक अनिल शर्मा ने दुर्घटनास्थल पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'ये बहुत दुखद घटना है. इससे ज्यादा दिल दहला देने वाली कोई बात नहीं हो सकती. स्टूडेंट्स अलग-अलग जगहों से इस बिल्डिंग में PGs में पढ़ने और रहने आते हैं, बिल्डिंग गिर गई है. हालांकि ये बताना मुश्किल है कि कितने स्टूडेंट्स हैं. चाहे वो पांच हों, दस हों, या बीस. लेकिन हमें पक्का पता है कि स्टूडेंट्स अंदर फंसे हुए हैं.'
उन्होंने आगे कहा, 'NDRF, MCD ने दो स्टूडेंट्स को पहले ही बचा लिया है. कुछ स्टूडेंट्स अंदर से कॉल भी कर रहे हैं और ऐसा लगता है कि अभी भी कुछ और लोग अंदर फंसे हुए हैं, इसलिए बचाव का काम जारी है. हम भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं, और चीफ मिनिस्टर ने यहां पूरी टीम भेज दी है. पूरी सरकार बहुत परेशान है और स्टूडेंट्स को बचाने पर फोकस कर रही है. यही हमारा पहला मकसद है.'
रेखा गुप्ता ने दी जानकारी
सीएम रेखा गुप्ता ने इस हादसे पर दुख जताया है. उन्होंने कहा, 'सत्य निकेतन, आरके पुरम में बिल्डिंग गिरने की घटना से बहुत परेशान हूं. DDMA, NDRF, दिल्ली फायर सर्विसेज, दिल्ली पुलिस, MCD, CATS और सिविल डिफेंस की टीमें युद्ध स्तर पर बचाव अभियान चला रही हैं. सावधानी के तौर पर पास की बिल्डिंग को खाली करा दिया गया है.'
मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बचाने और प्रभावित परिवारों को तुरंत मदद देने की हर मुमकिन कोशिश की जा रही है. हालात पर करीब से नज़र रखी जा रही है और सभी संबंधित एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं. हर नागरिक की सुरक्षा और भलाई हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है.
NSUI का फूटा सरकार पर गुस्सा
इस हादसे को लेकर NSUI का सरकार पर गुस्सा फूटा है. NSUI ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में इमारत गिरने की खबर बेहद चिंताजनक है. मलबे में DU के छात्रों के दबे होने की जानकारी सामने आ रही है.'
दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में इमारत गिरने की खबर बेहद चिंताजनक है। मलबे में DU के छात्रों के दबे होने की जानकारी सामने आ रही है।
छात्रों और आम लोगों की सुरक्षा के साथ लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
DU प्रशासन और सरकार तुरंत युद्धस्तर… pic.twitter.com/fwAzkV92tS
— NSUI (@nsui) September 6, 2026
जवाबदेही और एक्शन की मांग
NSUI ने आगे लिखा, 'छात्रों और आम लोगों की सुरक्षा के साथ लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी. DU प्रशासन और सरकार तुरंत युद्धस्तर पर राहत-बचाव कार्य चलाएं, हर छात्र और व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालें और इस घटना की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करें. छात्रों की जान के साथ लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी.'
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NSUI ने कहा कि पीएम मोदी छात्रों की बात करने के लिए तो बड़े-बड़े मंचों पर जाते हैं, लेकिन जब छात्रों की सुरक्षा और जिंदगी का सवाल आता है, तो सरकार उन्हें भूल जाती है. केंद्र में BJP की सरकार, दिल्ली में BJP की सरकार, MCD में BJP का मेयर- जब सब कुछ आपका है, तो छात्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा? आखिर कब तक लापरवाही की कीमत छात्र अपनी जान देकर चुकाते रहेंगे?
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