ग्वालियर में एआई से सजेगा भविष्य: LNIPE में AI से खिलाड़ी, कृषि विवि में रोबोटिक खेती, जेयू में AI लैब, नई ब्रांच की तैयारी - Gwalior News
ग्वालियर अब केवल विरासत, शिक्षा और खेल का शहर नहीं रहेगा, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित शिक्षा, खेल और कृषि का भी नया केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। शहर के तीन प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थान- लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्
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खेल के मैदान में खिलाड़ियों की फिटनेस और प्रदर्शन का एआई से विश्लेषण होगा, खेतों में रोबोट और सेंसर आधारित खेती होगी, जबकि यूनिवर्सिटी कैंपस में एआई लैब, नई एआई ब्रांच और आधुनिक शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम शुरू होंगे। इन बदलावों का सीधा फायदा खिलाड़ियों, छात्रों और किसानों को मिलेगा।
आने वाले वर्षों में ग्वालियर से ऐसे खिलाड़ी निकलेंगे जिनकी ट्रेनिंग डेटा आधारित होगी, ऐसे किसान तैयार होंगे जो ड्रोन और रोबोट से खेती करेंगे और ऐसे इंजीनियर तैयार होंगे जिनकी पढ़ाई AI तकनीक पर आधारित होगी। इसके लिए कृषि विवि ने 139 करोड़ रुपए का एक वृहद प्रोजेक्ट मप्र शासन को भेज दिया है। वहीं जेयू में 800 छात्रों के लिए आईटीईपी टीचर ट्रेनिंग प्रोग्रम के लिए 40 पदों पर भर्ती करने की तैयारी है।
ग्वालियर में एआई से सजेगा भविष्य…
- 139 करोड़ कृषि विवि का AI व रोबोटिक फार्मिंग प्रस्ताव
- 45 फीसदी देश की आबादी कृषि पर निर्भर
- 80% प्रदेश के छोटे किसान (2 हेक्टेयर से कम भूमि)
- 40:60 LNIPE का ऑनलाइन-ऑफलाइन मॉडल
- 4 वर्ष स्पोर्ट्स नर्सरी में प्रवेश की न्यूनतम आयु
अब ग्वालियर में ही मिलेगी कोटा-इंदौर जैसी कोचिंग... प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अब ग्वालियर के विद्यार्थियों को कोटा, इंदौर या दिल्ली जाने की मजबूरी धीरे-धीरे कम होती दिख रही है। पिछले कुछ वर्षों में शहर में देश के प्रमुख कोचिंग संस्थानों ने अपने सेंटर शुरू किए हैं। इंजीनियरिंग (JEE), मेडिकल (NEET), सीयूईटी (CUET), एनडीए (NDA), सीए (CA) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी अब स्थानीय स्तर पर ही कराई जा रही है। इससे विद्यार्थियों का लाखों रुपये का आवास और अन्य खर्च बच रहा है। साथ ही अभिभावकों को भी बच्चों को दूसरे शहर भेजने की चिंता कम हुई है। उच्च शिक्षण संस्थानों में एआई और आधुनिक तकनीक आधारित नए कोर्स शुरू होने के साथ ग्वालियर अब गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा और प्रतिस्पर्धी परीक्षा तैयारी- दोनों का मजबूत केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
LNIPE: अब एआई बताएगा खिलाड़ी कितना तैयार है
लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (LNIPE) ने स्पोर्ट्स एजूकेशन टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन पहल शुरू की है। इसके तहत खिलाड़ियों की टेस्टिंग, फिटनेस, बायोमैकेनिक्स, ट्रेनिंग और भविष्य के प्रदर्शन का AI आधारित विश्लेषण होगा। जिससे उनके प्रदर्शन को वैज्ञानिक तरीके से बेहतर बनाया जा सकेगा।
4 साल की उम्र से तैयार होंगे खिलाड़ी संस्थान अगले सत्र से स्पोर्ट्स नर्सरी शुरू करेगा। इसमें 4 वर्ष के बच्चों से लेकर 12वीं तक के विद्यार्थियों को प्रवेश मिलेगा। शाम 4 से 6 बजे तक छह-छह माह के मॉड्यूल में क्रिकेट, हॉकी, बैडमिंटन, एथलेटिक्स और बास्केटबॉल की प्रोफेशनल ट्रेनिंग दी जाएगी। 2027-28 से उन्हें यूजी और पीजी में विशेष प्रवेश मिलेगा।
कृषि विवि: खेत में रोबोट, किसान के हाथ में डिजिटल तकनीक
खेती में मजदूरों की कम होती संख्या को देखते हुए राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विवि ने 139 करोड़ का डिजिटल और रोबोटिक फार्मिंग प्रोजेक्ट शासन को भेजा है। योजना स्वीकृत होते ही विश्वविद्यालय में अत्याधुनिक एआई एग्री लैब स्थापित होगी। यहां छात्रों के साथ किसानों को भी ड्रोन, रोबोटिक्स, ऑटोमेटेड इरिगेशन, सॉइल हेल्थ मॉनिटरिंग और प्रिसिजन फार्मिंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मध्यप्रदेश के लगभग 80% किसान कम जमीन वाले हैं। ऐसे किसानों के लिए एआई आधारित खेती, ड्रोन और कृषि रोबोट कम लागत में अधिक उत्पादन का विकल्प बनेंगे। खेत में लगे सेंसर मिट्टी और पौधों की स्थिति का विश्लेषण करेंगे। उसी आधार पर उर्वरक की मात्रा तय होगी।
जीवाजी यूनिवर्सिटी: एआई लैब, नई ब्रांच और 24 घंटे स्टडी सेंटर
जीवाजी यूनिवर्सिटी भी तेजी से तकनीकी बदलाव की ओर बढ़ रही है। कैंपस में अत्याधुनिक AI लैब स्थापित की जा रही है। अगले सत्र से इंजीनियरिंग संस्थान में बी.टेक (आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस) ब्रांच शुरू होगी। इसके लिए इंजीनियरिंग भवन का विस्तार भी किया जा रहा है। नई शिक्षा नीति के तहत चार वर्षीय आईटीईपी (बीए-बीएड, बीएससी-बीएड, बीकॉम-बीएड) कोर्स शुरू होगा, जिससे करीब 800 नई सीटें बढ़ेंगी।
इसके अलावा शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए 40 असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती की जाएगी। छात्रों के लिए 24×7 स्टडी सेंटर भी शुरू होगा, जहां देर रात तक अध्ययन और रिसर्च की सुविधा मिलेगी।
एआई आधारित टेस्टिंग-ट्रेनिंग से खिलाड़ियों की परफॉर्मेंस की रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी। इससे वे खेल व पढ़ाई दोनों साथ लेकर आगे बढ़ेंगे। -प्रो. कल्पना शर्मा, कुलपति LNIPE
मजदूरों की कमी का स्थायी समाधान टेक्नोलॉजी है। बजट मिलते ही किसानों को AI आधारित कृषि समाधान उपलब्ध कराए जाएंगे। -प्रो. ए.के. शुक्ला, कुलगुरु, कृषि विवि
एआई लैब, नई एआई ब्रांच और आईटीईपी जैसे कोर्स विद्यार्थियों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर देंगे।- डॉ. राजीव मिश्रा, रजिस्ट्रार, जीवाजी यूनिवर्सिटी