Madhya Pradesh Weather: फिर सक्रिय होगा मानसून, 24 सितंबर से तेज बारिश के आसार; बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया सिस्टम - Haribhoomi
मध्यप्रदेश में 23 सितंबर से मानसून की गतिविधियां बढ़ने और 24 सितंबर से कई जिलों में तेज बारिश होने के आसार हैं। बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया मौसम तंत्र इसका कारण है। प्रदेश में अब तक 33.9 इंच बारिश हुई है, जो सामान्य से करीब 9 प्रतिशत कम है।
फिर सक्रिय होगा मानसून, 24 सितंबर से तेज बारिश के आसार
- Published: 21 Sep 2026, 09:01 AM IST
- Last Updated: 21 Sep 2026, 09:01 AM IST
भोपाल: मध्यप्रदेश में मानसून की विदाई से पहले एक बार फिर बारिश का दौर शुरू होने वाला है। बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया मौसम तंत्र प्रदेश में 23 सितंबर से असर दिखा सकता है। इसके बाद 24 सितंबर से कई जिलों में तेज बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने कुछ जिलों में भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की है।
मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र लगातार आगे बढ़ रहा है। इसके 21 सितंबर को मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर गहरे निम्न दबाव क्षेत्र में बदलने और 22 सितंबर तक इसके और मजबूत होने का अनुमान है। इसके प्रभाव से 23 सितंबर की सुबह से मध्यप्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
24 सितंबर को इन जिलों में भारी बारिश
मौसम विभाग ने छतरपुर, सतना, दमोह, डिंडौरी, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, बैतूल और हरदा में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। ऐसे में मानसून की विदाई से ठीक पहले प्रदेश के कई हिस्सों में एक और बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।
इससे पहले भी प्रदेश के कई जिलों में हल्की बारिश और बूंदाबांदी का दौर जारी रहने का अनुमान है। नए सिस्टम के सक्रिय होने से तापमान में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
33.9 इंच बारिश, फिर भी 9% कमी
मध्यप्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक औसतन 33.9 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य तौर पर प्रदेश में मानसून के दौरान करीब 37.3 इंच बारिश होती है। इस हिसाब से अब तक सामान्य बारिश का करीब 91 प्रतिशत पानी गिर चुका है और करीब 9 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है।
प्रदेश के 32 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में 5 से 24 प्रतिशत तक कमी है। वहीं आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा समेत कई जिलों में भी सामान्य से कम बारिश हुई है।
23 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
दूसरी ओर अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
जून में प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई में बारिश की स्थिति सुधरी, लेकिन बाद में मानसून के दो ब्रेक के कारण कई दिनों तक बारिश कमजोर रही। अब मानसून के आखिरी दौर में बन रहा नया सिस्टम बारिश की कमी को और कम कर सकता है।