मकर राशिफल – Makar Rashifal 2026-24 July To 31 July

भो, जा, जी — उत्तराषाढ़ा नक्षत्र

जू, जे, जो, खा — अभिजीत नक्षत्र

खी, खू, खे, खो, गा — श्रवण नक्षत्र


24 जुलाई से 31 जुलाई तक

दिनांक 24, 25 को बाहरी यात्रा सफल होगी। बैंक या पेंशन से संबंधित कार्य बिना अवरोध आगे बढ़ेगा। आपको बोनस भी मिल सकता है। 26 से 28 के मध्य समय अनुकूल नहीं है। द्वादश चन्द्रमा चिंताकारक रहेगा। खर्च की अधिकता के कारण आर्थिक बजट बिगड़ेगा। कहीं से ऋण लेना पड़ सकता है। मन भारी रहेगा। आपके साथ दुर्व्यवहार हो सकता है। 29, 30 को समय अत्यधिक सुखद होगा । विद्यार्थियों को नए सेशन में पढ़ाई में मन लगेगा व मनपसंद कार्य होने से प्रसन्न रहेंगे। आप कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेंगे। 31 को व्यापार व नौकरी में लाभ प्राप्त करेंगे। 

ग्रह स्थिति

मासारम्भ में राहु कुंभ राशि का द्वितीय भाव में, शनि मीन राशि का तृतीय भाव में, मंगल वृषभ राशि का पंचम भाव में, सूर्य मिथुन राशि का षष्टम भाव में, बुध + बृहस्पति + शुक्र कर्क राशि का सप्तम भाव में, केतु सिंह राशि का अष्टम भाव में, चन्द्रमा धनु राशि का बारहवे भाव में है। 

मकर राशि की शुभ-अशुभ तारीख़ें

2026शुभ तारीख़ेंसावधानी रखने योग्य अशुभ तारीख़ें
जनवरी13, 14, 15, 19, 20, 23, 246, 7, 8, 16, 17, 26, 27
फरवरी10, 11, 15, 16, 17, 19, 203, 4, 13, 14, 22, 23
मार्च9, 10, 11, 15, 16, 19, 202, 3, 4, 12, 13, 21, 22, 29, 30, 31
अप्रैल5, 6, 7, 11, 12, 15, 168, 9, 18, 19, 25, 26, 27
मई3, 4, 8, 9, 10, 12, 13, 14, 30, 316, 7, 15, 16, 23, 24, 25
जून4, 5, 6, 8, 9, 10, 26, 27, 282, 3, 11, 12, 13, 19, 20, 21, 29, 30
जुलाई2, 3, 6, 7, 23, 24, 25, 29, 309, 10, 16, 17, 18, 26, 27
अगस्त2, 3, 4, 20, 21, 25, 26, 27, 30, 315, 6, 13, 14, 15, 23, 24
सितम्बर16, 17, 18, 22, 23, 26, 271, 2, 9, 10, 11, 19, 20, 29, 30
अक्टूबर13, 14, 15, 19, 20, 23, 247, 8, 16, 17, 26, 27
नवम्बर10, 11, 15, 16, 17, 20, 213, 4, 5, 13, 14, 22, 23, 30
दिसम्बर7, 8, 9, 13, 14, 17, 181, 2, 10, 11, 20, 21, 27, 28, 29

मकर राशि का वार्षिक भविष्यफल

Makar
मकर राशि

मकर राशि के लिए यह 8 साल शानदार रहेगा। शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव आपकी राशि से समाप्त हो चुका है। स्वास्थ्य में जबरदस्त सुधार देखने को मिलेगा। व्यापार व कारोबार में नित नए सफलता के पायदानों को स्पर्श करेंगे । आपकी योग्यता व क्षमताएं लोगों के सामने आयेगी व लोग आपकी योग्यता का लोहा मानेंगे। कुछ नवीन कार्यों की इस साल प्रवृति रहेगी। आपके प्रभाव, पराक्रम, दबदबे व रूतबे में वृद्धि होगी। इस वर्ष खर्च की कुछ प्रबलता रहेगी, हालांकि धन भी प्राप्त होता रहेगा। आर्थिक रूप से आप सुदृढ़ व सक्षम स्थिति में रहेंगे। कुछ नए-नए लोगों से संपर्क बनेगा। विद्यार्थियों का मन जरूर पढ़ाई से उचार रहेगा। इस साल कुछ रचनात्मक सोचेंगे व रचनात्मक करेंगे। व्यापार व कारोबार में कुछ नया करने की ललक आपमें मौजूद रहेगी । पुराना दिया हुआ उधार वसूल करने के लिए आप भरसक प्रयास करेंगे। लेकिन मैं आपको इस साल सलाह दूंगा कि किसी को भी उधार नहीं दें। व्यापार में उधार देने की जरूरत पड़े तो बहुत ही सावधानी से दें तथा पोस्टडेटेड चैक आदि से वापस भुगतान सुनिश्चित कर लें। भाईयों से छोटी-मोटी बातों पर विवाद होगा, बंटवारे व संपत्ति से संबंधित विवाद पैदा हो सकता है। 
नौकरीशुदा जातक पूरी गंभीरता व संजीदगी से अपने काम में लग जाएंगे, हालांकि काम-काज में पहले से ही चुनौतियां मौजूद रहेगी। आप चुनौतियों का डटकर मुकाबला करेंगे। सफलता का प्रतिशत भी अच्छा रहेगा। आप सरकारी नौकरी में हैं, तो काम-काज में आपका दबदबा रूतबा बना रहेगा। कोर्ट-कचहरी संबंधी विवाद में स्थितियां आपके पक्ष में बनेगी। जो सरकारी विषय या मामले लंबित चल रहे हैं उसमें किसी प्रभावशाली व्यक्तित्व की मदद से काम सरलता व सुगमता से हो जाएगा। इस वर्ष किसी गोपनीय बात उजागर होने का खतरा है। सामाजिक व राजनीतिक कार्यों से दूरी बनाकर रखें अन्यथा अपयश व बदनामी आ सकती है। जो पुराना पैसा आपने किसी को उधार दे रखा है बार-बार तकाजा करने पर पैसा आपको प्राप्त होगा। भवन निर्माण संबंधी काम गति पकड़ेगा। 27 जुलाई से 11 दिसंबर के मध्य वक्री शनि के कारण आप स्वयं को संकटों व मुसीबतों से घिरा हुआ महसूस करेंगे। अगर आप सरकारी नौकरी में हैं, तो आपकी शिकायत हो सकती है। अपरिचित व अजनबी व्यक्तियों से दूरी बनाकर रखें। आर्थिक विषयों को लेकर सावधानी आवश्यक है। इस समय वाहन सावधानीपूर्वक चलाये तथा संतान की हर गतिविधि व कार्यकलाप पर नजर रखें। कोई वस्तु विशेष खो जाने या गुम हो जाने की संभावना है। आपके अपने लोग ही आपके साथ कोई धोखा या विश्वासघात कर सकते हैं। घर में नवीन वस्तु की खरीददारी संभव है। मित्र व सहयोगियों की मदद के लिए आप सदैव तत्पर व तैयार रहेंगे। 
शारीरिक सुख एवं स्वास्थ्य:- 
इस साल शारीरिक सुख एवं स्वास्थ्य के मामले में आप भाग्यशाली ही रहेंगे। हल्के-फुल्के उतार-चढ़ाव व मौसमी बीमारियों की स्थिति रहेगी। सर्दी, खांसी, जुकाम आदि की स्थिति अप्रैल 2026 से पूर्व रह सकती है। चार ग्रहों की युति वर्षारंभ में बारहवे स्थान में है। जो यात्राओं में शारीरिक कष्ट रख सकती है। खान-पान, योग, व्यायाम व दवाईयों का पूरा ध्यान रखें। दीर्घकालिक बीमारियों हार्ट डिजीज, मधुमेह, ब्लडप्रेशर आदि में नियमित स्वास्थ्य का परीक्षण करवाते रहें। 27 जुलाई से 11 दिसंबर के मध्य घर में किसी का स्वास्थ्य गड़बड़ होगा तथा अस्पताल पर बड़ी राशि खर्च हो सकती है। 
व्यापार, व्यवसाय व धन :- 
इस साल व्यापार व कारोबार में एक के बाद एक निरंतर उपलब्धियां हासिल होगी। व्यापार व काम-काज में विस्तार की योजना पर काम शुरू होगा। इस साल राशि स्वामी तीसरे स्थान में है। माल बनाने के साथ-साथ काम की गुणक्ता पर भी ध्यान देंगे। मार्केटिंग की दिशा में आप हाथ पैर मारेंगे। जनसंपर्कों का दायरा पहले से और अधिक विस्तृत होगा। व्यापार, काम-काज व आजीविका के मामले में आपका प्रदर्शन उत्तम रहेगा। हर छोटी से छोटी चीज का बहुत ही बारीकी व गम्भीरता के साथ मूल्यांकन करेंगे। भागीदार व कर्मचारी की हर गतिविधि व कार्यकलाप पर नजर रखें। नौकरी में मधुर व्यवहार व उदारवादिता से आप शत्रु को भी अपना मित्र बना लेंगे। इस वर्ष 2 जून से 31 अक्टूबर के मध्य व्यापार में विस्तार के लिए ऋण लेना पड़ सकता है। आप नौकरी में तयशुदा लक्ष्यों को आसानी से हासिल कर लेंगे। इस वर्ष अधिक आर्थिक जोखिम न उठाएं अन्यथा लेने के देने पड़ सकते हैं। भूमि, भवन, भूखण्ड के रख-रखाव पर खर्चा होगा। बड़ी राशि खर्च हो सकती है। लेकिन सावधान कागजाद का अच्छी तरह से परीक्षण करवा लीजिएगा। 
व्यापार में किसी मामले पर कानूनी राय लेनी पड़ सकती है। इस वर्ष 5 दिसंबर तक राहु का परिभ्रमण दूसरे स्थान में रहेगा। धन संचय का अभाव रहेगा, पैसा जितनी तीव्रता या तेजी से आएगा, उतनी ही तीव्रता से खर्च भी होगा। सोना, चांदी, शेयर आदि में धन का निवेश कर सकते हैं। 
घर, परिवार संतान व रिश्तेदार:- 
इस वर्ष घर और काम-काज के बीच में आपकी कमेस्ट्री बहुत ही शानदार रहेगी। आप दोनों चीजों के बीच में बेहतर तालमेल. बिठा लेंगे। वर्ष के मध्य में पति-पत्नी में कभी-कभार हल्की-फुल्की नोक-झोंक हो सकती है जिसे समय रहते सुलझा लेंगे। जहां तक संतान का प्रश्न है संतान के कैरियर, विवाह अध्ययन, कॉलेज में प्रवेश, विषय का चयन आदि को लेकर चिंता रहेगी। सास-बहू, ननद, भोजाई में भी 27 जुलाई से 11 दिसंबर के मध्य कहासुनी हो सकती है। रिश्तेदार आपसे कुछ ईर्ष्या व द्वेष से भरे हुए रहेंगे, हालांकि आप रिश्तेदारों की हर संभव सहायता के लिए तैयार व तत्पर रहेंगे। इस वर्ष घर में किसी नवीन मेहमान की किलकारियां गूंज सकती है। जब भी आप मानसिक रूप से विचिलित होने लगेंगे। परिवार के सदस्य आपके आत्मबल व मनोबल में वृद्धि करेंगे। 
विद्याध्यन, पढ़ाई व करियर :- 
यह साल विद्यार्थियों के लिए मिश्रित फलप्रद रहेगा। पांचवें भाव में उच्च का चंद्रमा अध्ययन की महत्वाकांक्षा तीव्र रखेगा, परंतु किसी न किसी कारण से अध्ययन की प्रवृत्ति नहीं बन पाएगी। 2 जून के पश्चात उच्च का बृहस्पति अध्ययन में अनुकूल फल प्रदान करेगा। परिणाम अपेक्षा व मेहनत के अनुरूप आएगा। विभागीय परीक्षा, नौकरी से संबंधित परीक्षा इंटरव्यू आदि में सफलता के संकेत मिल रहे हैं। जॉब व नौकरी में कभी कभार परिस्थितियां बहुत 
ही नकारात्मक बनेगी। अधिकारी व अफसर से यदा-कदा बोल-चाल हो सकती है। वाणी व क्रोध पर नियंत्रण रखें, बाद में आप अपने व्यवहार से सबको अपने अनुकूल कर ही लेंगे। सोशल मीडिया से थोड़ी दूरी बनाकर रखें, आपकी किसी पोस्ट पर बवाल हो सकता है। 
प्रेम-प्रसंग व मित्र:- 
पंचम भाव में उच्च के चंद्रमा के कारण इस वर्ष प्रेम प्रस्ताव बहुत ही प्राप्त होंगे। इस वर्ष प्रेम संबंधों में सफलता के भी योगायोग है । दायरे व मर्यादा में किया गया प्रेम आपके व्यक्तित्व को ऊँचाईयां देगा। लेकिन प्रेम संबंधों को गोपनीय रखें, अन्यथा उसका प्रभाव पारिवारिक जीवन पर पड़ सकता है। पारिवारिक सुख शांति बाधित हो सकती है। कोर्ट-केस व विवाद में मित्र की गवाही आपके लिए मददगार साबित हो सकती है। कठिन व विपरीत परिस्थिति में मित्र द्वारा की गई मदद को आप भुला नहीं पाएंगे। 
वाहन, खर्च व शुभकार्य:- 
इस वर्ष नवीन वाहन के योग बन रहे हैं। हालांकि वर्षारंभ में मंगल का गोचर आपकी राशि से द्वादश स्थान में है। अतः वाहन सावधानीपूर्वक चलावें, वाहन चलाते समय सीट बैल्ट, हैलमेट जैसे सुरक्षा संसाधनों का प्रयोग अवश्य करें। बच्चों के हाथ में वाहन बिल्कुल भी नहीं दें। इस वर्ष खर्च की भी प्रबलता रहेगी बढ़े हुए खर्चों को व्यवस्थित करने के लिए आप और अधिक मेहनत करेंगे। संतान की शिक्षा, करियर व माता-पिता के स्वास्थ्य, अस्पताल पर खर्चा हो सकता है। नशे-पत्ते व बुरी चीजों से दूर रहें। इस 
रहें। इस वर्ष 27 जुलाई से 11 दिसंबर के मध्य शनि के वक्र काल में किसी शुभ या मांगलिक प्रसंग की रूपरेखा बन सकती है। फिजूलखर्ची पर नियंत्रण रखें। 
हानि, कर्ज व अनहोनी:- 
आपकी राशि से शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव समाप्त हो गया है। अतः व्यापारिक हानि की संभावना नहीं है। लेकिन हां विश्वास में विश्वासघात के योग बने हुए हैं। किसी पर भी आँख मूंद कर भरोसा नहीं करें, फिर वह चाहे भाई हो या भागीदार। नौकरी में आपके विरुद्ध कोई गुप्त योजना या षडयंत्र बन रहा है लेकिन आप सभी षड़यंत्रों का अकेले ही पटाक्षेप कर लेंगे । व्यापार में विस्तार की योजना, भूमि, भवन, वाहन के ऋण लेना पड़ सकता है, जो समय रहते आसान किश्तों से चुकता भी हो जाएगा। इस साल किसी अनहोनी की स्थिति किसी परिवारिक मित्र या रिश्तेदार के साथ वर्ष में अप्रैल से अगस्त के मध्य हो सकती है। 
यात्राएं :- 
30 मार्च से जून के मध्य गर्मियों की छुट्टियों में परिवार के साथ किसी रमणिक यात्रा का कार्यक्रम बन सकता है। यात्रा में खान-पान का ध्यान रखें। व्यापार व कारोबार आदि को लेकर की गई यात्राएं खास लाभप्रद नहीं रहेगी। 
उपाय:- 
वर्ष के शुभ परिणाम प्राप्त करने के लिए चीटियों को भोजन करवाएं। भिखारी को उड़द की दाल की कचौरी खिलावें। नीली युक्त शनियंत्र गले में धारण करें। शनिवार को पीपल के वृक्ष पर या घर की दहलीज पर तिल के तेल का दीपक करें। शनिवार को शनि मंदिर में तिल व तेल चढ़ावें। 

मकर राशि की चारित्रिक विशेषताएं

मकर राशि का स्वामी शनि है। शनि प्रधान व्यक्ति मेहनत से नहीं घबराते हैं। मकर राशि के जातक व्यावहारिक ( प्रैक्टिकल) तथा बलवान होते हैं, परंतु पैरों में कभी-कभार तकलीफ रहती है। 
शनि पाप ग्रह है तथा उनका रंग काला है। इस राशि वाले व्यक्ति प्रायः काले, नाक चपटी, पैनी आंखें, शरीर से ये पतले, फुर्तीले तथा कुछ लम्बे कद के होते हैं। यह चर संज्ञक व पृथ्वी तत्त्व प्रधान राशि है। इसका प्राकृतिक भाव उच्च पदाभिलाषी प्रकृति की होती है । क्रोध इनको धीरे-धीरे आता है व शांत भी ये देरी से होते हैं। जहां ये अपना पक्ष कमजोर देखते हैं, वहां पर ये नम्र हो जाते हैं। 
मकर राशि में उत्पन्न जातक शान्त तथा उदार प्रवृत्ति के होते हैं तथा अन्य जनों के प्रति उनके मन में प्रेम तथा सहानुभूति का भाव विद्यमान रहता है। इनके मुखमंडल पर विचारशीलता, शांति एवं गंभीरता सदैव बनी रहती है। ये अत्यंत ही कर्मशील एवं परिश्रमी होते हैं। फलतः सांसारिक महत्त्व के कार्यों को सम्पन्न करके उनमें सफलता अर्जित करते हैं। इनमें कार्य करने की क्षमता प्रबल होती है तथा यही इनकी सफलता का रहस्य होता है। समाज एवं देशसेवा के प्रति ये उद्यत रहते हैं। ये साहसी एवं संघर्षशील होते हैं तथापि मन में यदा-कदा उदासीनता के भाव उत्पन्न होते हैं, जिससे सुख-दुःख में समान भाव की अनुभूति करते हैं। परिश्रमी एवं अध्ययनशील होने के कारण ये अनुसंधान विज्ञान या शास्त्रीय विषयों का ज्ञान अर्जित करके एक विद्वान के रूप में सामाजिक पहचान प्राप्त करते हैं। आप स्वस्थ एवं बलशाली पुरुष होंगे। आप में आदर्शवादिता का भाव होगा तथा अपने आदर्शों पर चलने के लिए आप स्वतंत्र होंगे। देश- सेवा का भाव भी आप में विद्यमान रहेगा तथा शत्रु एवं प्रतिद्वन्द्वियों से भी उदारता का व्यवहार करेंगे। फलतः वे भी आपसे प्रभावित होंगे। 
आप बुद्धिमत्तापूर्वक अपने कार्यकलापों को सम्पन्न करके धनैश्वर्य, वैभव एवं सुख अर्जित करेंगे। संगीत के प्रति आपकी विशेष रुचि रहेगी तथा इस क्षेत्र में परिश्रमपूर्वक कोई विशिष्ट उपलब्धि भी अर्जित कर सकते हैं। आप श्रेष्ठ कार्यों को करने में रुचि लेंगे तथा एक चतुर व्यक्ति के रूप में जाने जाएंगे। आपकी पुत्र संतति प्रसिद्ध रहेगी तथा उनसे आपको इच्छित सुख एवं सहयोग मिलता रहेगा। 
पिता के प्रति आपके मन में पूर्ण सम्मान तथा आदर की भावना होगी तथा उनकी सेवा करने में हमेशा तत्पर रहेंगे। आपकी आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी तथा प्रचुर मात्र में धन एवं लाभ अर्जित करके एक धनवान के रूप में सामाजिक प्रतिष्ठा प्राप्त करेंगे। आप युवावस्था में संघर्षशील रहेंगे और वृद्धावस्था में सुख एवं शांति प्राप्त करेंगे। 
धर्म में आस्था होने के कारण समयानुसार धार्मिक कार्यकलापों को भी सम्पन्न करेंगे। इससे आपको मानसिक शांति प्राप्त होगी। मित्र एवं बंधु वर्ग के आप प्रिय होंगे तथा इनसे आपको पूर्ण लाभ एवं सहयोग प्राप्त होगा। आप किसी बात पर निर्णय सोच-विचारकर धीरे-धीरे लेंगे। आप ऊंची-ऊंची योजनाएं बनाने में सदा तत्पर रहते हैं। कमाते बहुत हैं पर धन पास में टिकता नहीं, हर समय द्रव्य का अभाव महसूस करते हैं। पत्नी व आपके विचारों में असमानताएं. आपके वैवाहिक सुख को कटुतर बनाने में सहायक हैं। आपकी राशि का चिह्न ‘मगरमच्छ ' है। 'मगरमच्छ के आंसू' वाली कहावत लोक- प्रसिद्ध है। ऐसे व्यक्ति दीन स्वरूप व दयनीय स्थिति का बोध कराते हैं, लेकिन कपटी होते हैं। ये बहुभोगी व विषयवासना में आसक्त रहने वाले व्यक्ति होते हैं। भोजन के बाद शीघ्र आराम करने की इच्छा रहती है। ये कहते कुछ हैं व करते कुछ हैं। 
यदि आपका जन्म मकर राशि के 'उत्तराषाढ़ा नक्षत्र' के (भो, जा, जी) चरणों में हुआ है, तो आपका जन्म 6 वर्ष की सूर्य की महादशा में हुआ है। आपकी योनि - नकुल, गण-मनुष्य, वर्ण-क्षत्रिय, हंसक-अग्नि, नाड़ी-अन्त्य, पाया-तांबा है। इस नक्षत्र का द्वितीय चरण का वर्ग- 
- मूषक, अन्य दोनों चरणों का वर्ग-सिंह है। इस नक्षत्र में जन्मा जातक बहुत नम्र, बहुत मित्रों वाला, धार्मिक, कृतज्ञ, भाग्यशाली होता है। उत्तराषाढ़ा सूर्य का नक्षत्र है, जो कि चंद्रमा का मित्र है, इसलिए यह शुभ फल कहा जाता है। यदि आपका जन्म मकर राशि के 'श्रवण नक्षत्र' (जू,जे,जो, में हुआ है, तो आपका जन्म 10 वर्ष की चंद्रमा की महादशा में हुआ है। आपकी योनि-कपि, गण-देव, वर्ण-वैश्य, हंसक-भूमि, नाड़ी-अन्त्य, पाया-तांबा तथा प्रथम तीन चरण का वर्ग-सिंह एवं अन्तिम चरण का वर्ग बिलाव है। श्रवण नक्षत्र में जन्मे लोग अपने कार्यक्षेत्र में ऊंचा नाम कमाते हैं। परोपकार व धार्मिक कार्यों में धन, समय व श्रम का समुचित उपयोग करेंगे। 
यदि आपका जन्म मकर राशि के ' धनिष्ठा नक्षत्र' के प्रथम व द्वितीय चरण ( गा, गी) में हुआ है, तो आपका जन्म 7 वर्ष की मंगल की महादशा में हुआ है। आपकी योनि - सिंह, गण-राक्षस, हंसक - भूमि, नाड़ी - मध्य, पाया-तांबा एवं वर्ग- बिलाव है । धनिष्ठा नक्षत्र में जन्मा व्यक्ति निडर व निर्भीक होता है। ये संगीत प्रेमी होते हैं और समाज में इनकी प्रतिष्ठा होती है। 
मकर राशि वाले व्यक्ति प्रायः एकांतप्रिय व भीड़-भाड़ से दूर रहना पसंद करते हैं। इनमें स्वार्थ की प्रवृत्ति कुछ विशेष रहने के कारण इनको धार्मिक व राजनैतिक क्षेत्र में सफलताएं कम मिलती हैं। ये अत्यधिक गोरे होंगे या काले। इसी प्रकार या तो ये कट्टर आस्तिक होंगे या फिर एकदम नास्तिक। आपके अनुकूल फलदायक रत्न 'नीलम' है। 
उपायः- आपकी राशि का अधिपति शनि है। अतः 7 प्रकार के अनाज व दालों को मिलाकर पक्षियों को चुगाएं। काले कुत्ते को रोटी खिलाना भी आपके लिए लाभप्रद रहेगा। गहरे रंग के कपड़ों का प्रयोग करें। बैंगनी रंग व नीला रंग उपयुक्त रहता है। नीलम, नीली या शनि यंत्र धारण करें। शनिवार का व्रत करें। 

मकर राशि की प्रमुख विशेषताएं

  1. राशि – मकर
  2. राशि चिन्ह – मगरमच्छ
  3. राशि स्वामी – शनि
  4. राशि तत्त्व – पृथ्वी तत्त्व
  5. राशि स्वरूप – चर
  6. राशि दिशा – दक्षिण
  7. राशि लिंग व गुण – स्त्री, तमोगुणी
  8. राशि जाति – वैश्य
  9. राशि प्रकृति व स्वभाव – सौम्य स्वभाव, वात प्रकृति
  10. राशि का अंग – घुटना (टखने)
  11. अनुकूल रत्न – नीलम
  12. अनुकूल उपरत्न – कटैला
  13. अनुकूल धातु – लोहा, त्रिलोह
  14. अनुकूल रंग – नीला, आसमानी, काला
  15. शुभ दिवस – शनिवार
  16. अनुकूल देवता – शनिदेव
  17. व्रत / उपवास – शनिवार
  18. अनुकूल अंक – 8
  19. अनुकूल तारीखें – 8, 17, 26
  20. मित्र राशियां – कुंभ
  21. शत्रु राशियां – सिंह
  22. व्यक्तित्व – परोपकारी, दयालु, प्रशासक
  23. सकारात्मक तथ्य – व्यावहारिक, कठोर परिश्रमी, सही सलाह देने वाला
  24. नकारात्मक तथ्य – संदेहास्पद प्रवृत्ति, कठोर व्यवहार