Masoud Pezeshkian India Visit: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान का भारत दौरा तय; दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन में होंगे शामिल - Haribhoomi
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान 12 और 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने भारत आएंगे। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच होने वाले इस दौरे में द्विपक्षीय संबंधों, चाबहार बंदरगाह और क्षेत्रीय शांति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी अहम वार्ता होगी।
शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के बीच द्विपक्षीय बैठक भी प्रस्तावित है। (फाइल फोटो )
- Published: 14 Aug 2026, 03:24 PM IST
- Last Updated: 14 Aug 2026, 03:24 PM IST
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान अगले महीने भारत के आधिकारिक दौरे पर आ रहे हैं। वह नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को आयोजित होने वाले 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। ईरान सरकार ने आधिकारिक तौर पर राष्ट्रपति की इस यात्रा की पुष्टि कर दी है। वर्ष 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता भारत कर रहा है, और इस वैश्विक मंच के जरिए दोनों देशों के बीच कूटनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को नया आयाम मिलने की उम्मीद है।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच बेहद अहम दौरा
राष्ट्रपति पेजेशकियान का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब पश्चिम एशिया में गंभीर भू-राजनीतिक तनाव बना हुआ है। भारत लगातार बातचीत और कूटनीति के जरिए विवादों के शांतिपूर्ण समाधान की वकालत करता रहा है। इससे पहले जुलाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पेजेशकियान के बीच टेलीफोन पर विस्तृत बातचीत हुई थी, जिसमें पश्चिम एशिया की स्थिति और क्षेत्रीय सुरक्षा पर मंथन किया गया था। ईरान पहले ही संकेत दे चुका है कि वह तनाव कम करने की दिशा में भारत की किसी भी रचनात्मक और मध्यस्थ भूमिका का स्वागत करेगा।
पीएम मोदी से द्विपक्षीय वार्ता और चाबहार पोर्ट पर फोकस
शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के बीच द्विपक्षीय बैठक भी प्रस्तावित है। इससे पहले दोनों नेताओं की मुलाकात अक्टूबर 2024 में रूस के कजान में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान हुई थी। उस दौरान दोनों पक्षों ने आपसी रिश्तों को प्रगाढ़ करने और कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स, विशेष रूप से रणनीतिक चाबहार बंदरगाह के विकास व उपयोग में तेजी लाने पर सहमति जताई थी। इस आगामी बैठक में भी चाबहार और द्विपक्षीय व्यापार के विस्तार पर ठोस प्रगति की संभावना है।
ब्रिक्स के जरिए आर्थिक और राजनीतिक साझेदारी मजबूत करने की रणनीति
ईरान वर्ष 2024 में आधिकारिक तौर पर ब्रिक्स का पूर्णकालिक सदस्य बना था। इसके बाद से ही तेहरान इस मंच के माध्यम से आर्थिक, व्यापारिक और राजनीतिक सहयोग बढ़ाने पर लगातार जोर दे रहा है। हाल ही में जून महीने में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने भारत पहुंचे थे, जहां उन्होंने क्षेत्रीय सहयोग और कूटनीतिक संवाद पर बल दिया था। पेजेशकियान की इस यात्रा से ब्रिक्स मंच पर भारत और ईरान के बहुपक्षीय सहयोग को और मजबूती मिलेगी।