MBBS and BDS Course Difference: जानें डिटेल में
MBBS and BDS Course Difference: मेडिकल फील्ड में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले छात्रों के बीच MBBS और BDS दोनों ही लोकप्रिय कोर्स हैं. NEET UG के बाद मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में एडमिशन का ऑप्शन मिलता है, लेकिन दोनों कोर्स का कार्यक्षेत्र अलग-अलग है. ऐसे में मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने वाले स्टूडेंट्स के लिए यह समझना जरूरी है कि MBBS और BDS में क्या अंतर है, दोनों कोर्स का डयूरेशन क्या है और पढ़ाई पूरी करने के बाद करियर के कौन-कौन से ऑप्शन उपलब्ध होते हैं. आइए इस बारे में डिटेल में जानते है.
What is MBBS: जानें इस कोर्स के बारे में
MBBS का पूरा नाम बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी है. यह अंडरग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन का प्रमुख कोर्स है. नेशनल मेडिकल काउंसिल यानी NMC देश में मेडिकल शिक्षा और मेडिकल संस्थानों से संबंधित नियमन के लिए वैधानिक निकाय है. MBBS की पढ़ाई में मानव शरीर की संरचना और यह कैसे काम करती है, बीमारियों की पहचान, इलाज, दवाओं, पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, मेडिसिन और सर्जरी जैसे विभिन्न मेडिकल विषय शामिल होते हैं. यानी इसका दायरा शरीर के अलग-अलग अंगों और विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से संबंधित होता है.
What is BDS: क्या है BDS कोर्स?
BDS यानी बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी डेंटल साइंस से संबंधित अंडरग्रेजुएट डिग्री है. इसका मुख्य फोकस दांतों, मसूड़ों, मुंह और ओरल हेल्थ से जुड़े रोगों की पहचान, रोकथाम और इलाज पर होता है. BDS की ट्रेनिंग में थ्योरी के साथ क्लिनिकल और प्रैक्टिकल प्रशिक्षण भी महत्वपूर्ण हिस्सा है. नेशनल डेंटल काउंसिल (NDC), जिसे पहले डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया (DCI) के नाम से जाना जाता था, डेंटल एजुकेशन और डेंटल संस्थानों से संबंधित नियामक व्यवस्था से जुड़ी संस्था है.
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MBBS और BDS की कोर्स डयूरेशन में कितना अंतर?
MBBS कोर्स का डयूरेशन 4.5 वर्ष है, जिसके बाद 1 वर्ष की अनिवार्य रोटेटिंग मेडिकल इंटर्नशिप होती है. NMC के Compulsory Rotating Medical Internship Regulations के अनुसार MBBS स्टूडेंट्स के लिए 12 महीने की इंटर्नशिप अनिवार्य है. वहीं, BDS की अवधि 4 अकादमिक वर्ष के साथ 1 वर्ष की compulsory rotating internship है. डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया के Revised BDS Course Regulations में 4 अकादमिक वर्ष के बाद एक वर्ष की रोटेटिंग इंटर्नशिप का प्रावधान दिया गया है और इंटर्नशिप पूरी करना अनिवार्य बताया गया है. इस तरह दोनों कोर्स में लगभग 5 से साढ़े पांच वर्ष के आसपास होती है.
Career Scope After MBBS: क्या हैं करियर ऑप्शन?
MBBS पूरा करने के बाद विद्यार्थी मेडिकल क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं और अपनी रुचि के अनुसार पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन का ऑप्शन चुन सकते हैं. MBBS के बाद डॉक्टर अस्पतालों, स्वास्थ्य संस्थानों और अन्य चिकित्सा सेवाओं में काम करने के साथ आगे एक्सपर्टीज हासिल कर सकते हैं.
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Career Scope After BDS: इस कोर्स के बाद क्या हैं करियर ऑप्शन?
BDS पूरा करने के बाद विद्यार्थी डेंटिस्ट के रूप में करियर बना सकते हैं. वे डेंटल क्लीनिक, अस्पताल और अन्य डेंटल हेल्थ सेटअप में काम कर सकते हैं. इसके अलावा BDS के बाद MDS यानी मास्टर ऑफ डेंटल सर्जरी के जरिए डेंटिस्ट्री की किसी विशेष डिपार्टमेंट में उच्च शिक्षा हासिल करने का ऑप्शन भी उपलब्ध है.
MBBS या BDS, कौन सा कोर्स बेहतर है?
MBBS और BDS दोनों की विशेषज्ञता और कार्यक्षेत्र अलग हैं. जिन स्टूडेंट्स की रुचि मेडिकल साइंस, विभिन्न बीमारियों के निदान और इलाज में है, वे MBBS को अपने करियर ऑप्शन के तौर पर देख सकते हैं. वहीं, जिनकी रुचि दांतों और ओरल हेल्थ से जुड़े इलाज एवं डेंटल प्रैक्टिस में है, उनके लिए BDS अच्छा ऑप्शन है.
Note: इस आर्टिकल में MBBS और BDS कोर्स की बेसिक जानकारी दी गई है. हालांकि NEET UG के बाद कोर्स चुनते समय स्टूडेंट्स को अपनी रुचि, करियर गोल और करियर ऑप्शन को ध्यान में रखना चाहिए. MBBS और BDS दोनों ही प्रोफेशनल हेल्थकेयर कोर्स हैं.
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