Meta की बढ़ी मुश्किलें! सरकार ने दी चेतावनी, ‘सेफ हार्बर’ इम्युनिटी गंवा सकती है कंपनी - govt warns meta safe harbor immunity at risk over content
सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मेटा को चेतावनी दी है कि बच्चों से जुड़े यौन शोषण कंटेंट पर लापरवाही बरतने ...और पढ़ें

Meta की बढ़ी मुश्किलें! सरकार ने दी चेतावनी, ‘सेफ हार्बर’ इम्युनिटी गंवा सकती है कंपनी

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संक्षेप में पढ़ें
टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मेटा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। सरकार ने कंपनी को साफ तौर पर कह दिया है कि वो सिर्फ ‘इंटरमीडियरी’ का दर्जा लेकर अपनी रिस्पांसिबिलिटी से बच नहीं सकती है। ऑफिशियल्स का कहना है कि अगर प्लेटफॉर्म पर बच्चों से जुड़े यौन शोषण जैसे गंभीर कंटेंट को लेकर लापरवाही बरती जाती है, तो मेटा को दी गई ‘सेफ हार्बर’ इम्युनिटी भी खत्म हो सकती है।
मीडिया रिपोर्ट्स में ऐसा कहा जा रहा है कि Meta India के प्रमुख अरुण श्रीनिवास और कंपनी के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग यानी NCPCR के सामने पेशी हुई है। ये कार्रवाई प्लेटफॉर्म पर बच्चों के कथित यौन शोषण और उससे जुड़े एड्स की जांच के सिलसिले में हुई है।
‘इंटरमीडियरी’ का दर्जा नहीं बचा पाएगा
ऑफिशियल्स ने मेटा से कहा है कि कंपनी को यूजर्स की तरफ से पोस्ट किए जाने वाले कंटेंट को लेकर अपनी रिस्पांसिबिलिटी को समझना होगा। सरकार का कहना है कि बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट को हटाने के साथ-साथ ऐसे एड्स और सिस्टम पर भी ध्यान देना होगा, जो बच्चों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
इतना ही नहीं NCPCR ने मेटा की तरफ से ‘सेफ हार्बर’ प्रोविशंस के तहत मांगी गई सुरक्षा पर भी सवाल उठाए हैं। इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट, 2000 के तहत इंटरमीडियरी को कुछ कंडीशंस में यूजर्स द्वारा पोस्ट किए गए थर्ड-पार्टी कंटेंट के लिए कानूनी सुरक्षा मिलती है। हालांकि, आयोग ने कहना है कि गंभीर मामलों में ये सुरक्षा अपने आप लागू नहीं मानी जाएगी।
POCSO और IT Act के तहत भी मांगा जवाब
इसके अलावा NCPCR ने POCSO Act समेत लागू कानूनी प्रोविशंस के तहत भी मेटा से अनुपालन और उठाए गए कदम की डिटेल्स मांगी हैं। आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के 2025 के एक फैसले का हवाला दिया है, जिसमें बाल यौन शोषण कंटेंट से जुड़े मामलों में इंटरमीडियरी की रिस्पांसिबिलिटी को लेकर टिप्पणियां की गई थीं। रिपोर्ट्स के अनुसार, अब Meta ने आयोग से जवाब देने के लिए कुछ टाइम मांगा है। आयोग ने भी कंपनी को सभी सवालों का जवाब देने के लिए दो हफ्ते का टाइम दिया है।