MiG-29 फाइटर जेट्स हुआ क्रैश? वायरल वीडियो का सच जानकर पाकिस्तानी अकाउंट्स पर आपको भी आ जाएगा गुस्सा
Published: Thursday, September 17, 2026, 19:49 [IST]
MiG-29 Fighter Jet Crash Fact Check: सोशल मीडिया पर भारतीय वायुसेना के मिग-29 लड़ाकू विमान के लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त होने का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। दावा किया गया कि पायलट की गलती से विमान क्रैश हो गया और पायलट को पैराशूट से अपनी जान बचानी पड़ी।
अब सरकार की फैक्ट चेक यूनिट ने इस दावे की सच्चाई सामने रखी है। जांच में पता चला कि वायरल वीडियो असल में एक वीडियो गेम का फुटेज है।
मिग-29 क्रैश का दावा कैसे निकला फर्जी?
सरकार की PIB फैक्ट चेक यूनिट ने सोशल मीडिया पर फैल रहे इस वीडियो को फर्जी बताया। PIB के मुताबिक कुछ पाकिस्तानी अकाउंट्स ने वीडियो शेयर करते हुए इसे भारतीय वायुसेना के मिग-29 विमान की दुर्घटना बताया था। पोस्ट में पायलट की कथित गलती को हादसे की वजह बताया गया था।
फैक्ट चेक यूनिट ने एक्स पर पोस्ट कर लोगों को आगाह किया। उसने साफ किया कि वीडियो में दिखाई दे रहा विमान किसी वास्तविक सैन्य हादसे का हिस्सा नहीं है। यह वॉर थंडर (War Thunder) नाम के वीडियो गेम का फुटेज है। एक्स पोस्ट में PIB ने अपने दावे के साथ गेम वाला रियल वीडियो का लिंक भी शेयर किया, ताकि लोग वायरल क्लिप और असली वीडियो के बीच अंतर समझ सकें और देख सकें।
वायरल वीडियो में क्या दिखाया गया था?
वायरल क्लिप में एक लड़ाकू विमान को लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त होते दिखाया गया था। वीडियो में विमान के गिरने के बाद पायलट को बाहर निकलते और पैराशूट की मदद से सुरक्षित बचते हुए दिखाया गया।
इसी दृश्य के आधार पर सोशल मीडिया पर यह कहानी फैलाई गई कि भारतीय वायुसेना का मिग-29 पायलट की गलती के कारण हादसे का शिकार हो गया। हालांकि फैक्ट चेक में सामने आया कि यह पूरा दृश्य असल में गेम का हिस्सा था। यानी वीडियो में दिखाई देने वाली दुर्घटना को वास्तविक घटना बताकर पेश किया गया।
'ट्रू पैट्रियट' नाम के एक एक्स अकाउंट ने यह वीडियो शेयर किया था। पोस्ट में भारतीय वायुसेना के मिग-29 विमान के क्रैश होने का दावा किया गया। पोस्ट में लिखा था, "भारतीय वायुसेना का मिग-29 लैंडिंग के दौरान पायलट की गलती से दुर्घटनाग्रस्त हो गया। अच्छी बात यह रही कि किसी की जान नहीं गई। वायुसेना लगातार लड़ाकू विमानों के गिरने के मामलों पर चुप है। लोगों को जानना चाहिए कि इतने महंगे विमान बार-बार क्यों दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं।"
PIB ने इस दावे को खारिज करते हुए बताया कि वीडियो का वास्तविक सैन्य हादसे से कोई संबंध नहीं है। कई अन्य सोशल मीडिया अकाउंट्स ने भी इसी वीडियो को शेयर करके मिलते-जुलते दावे किए थे।
वॉर थंडर गेम का फुटेज असली कैसे समझ लिया गया?
सरकार की ओर से शेयर किए गेम वाले वीडियो में साफ लिखा है कि उसमें दिखाए गए सभी सीन वॉर थंडर गेम से लिए गए हैं। यह एक आर्मी, जंग का गेम है, जिसमें अलग-अलग दौर के लड़ाकू विमान, जमीनी वाहन और नौसैनिक वाहन शामिल हैं।
वीडियो के डिस्क्लेमर में बताया गया है कि फुटेज केवल मनोरंजन के लिए रिकॉर्ड किया गया गेमप्ले है। इसमें विमानों की उड़ान, उनके बीच की गतिविधियां, सामरिक स्थिति और तेज रफ्तार वाले दृश्य दिखाए गए हैं। इसका वास्तविक दुनिया की किसी सैन्य घटना से कोई संबंध नहीं है।
इस मामले से यह समझ आता है कि सोशल मीडिया पर किसी सैन्य हादसे का वीडियो देखकर तुरंत उसे असली घटना मान लेना खतरनाक हो सकता है। वीडियो का मूल स्रोत और आधिकारिक पुष्टि देखना जरूरी है।
ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर भी फैली थी फर्जी खबर
मिग-29 वीडियो के अलावा, ब्रिक्स सम्मेलन से जुड़े कई भ्रामक दावों पर भी सरकारी एजेंसियों ने सफाई दी। दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा के ब्रिक्स सम्मेलन के बाद सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रहने पर सोशल मीडिया में उनकी तबीयत खराब होने की अफवाहें फैलने लगी थीं।
विदेश मंत्रालय की फैक्ट चेक यूनिट ने इन दावों को फर्जी बताया। मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर चल रही ऐसी पोस्ट को लेकर लोगों को सतर्क किया और उन्हें दुर्भावनापूर्ण बताया।
ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान नई दिल्ली में विस्फोट होने की एक खबर भी सोशल मीडिया पर फैलाई गई थी। यह सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को भारत की अध्यक्षता में आयोजित हुआ था।
कुछ पाकिस्तानी अकाउंट्स ने दावा किया कि सम्मेलन खत्म होने से कुछ मिनट पहले दिल्ली में विस्फोट हुआ और इस घटना में आठ लोगों की मौत हो गई। पीआईबी फैक्ट चेक ने इस दावे को खारिज कर दिया। पीआईबी ने बताया, "सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा वीडियो पुराना है और मौजूदा ब्रिक्स सम्मेलन से इसका कोई संबंध नहीं है।"